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रुचि सोया के लिये पतंजलि ने लगाई 4,350 करोड़ की बोली

नई दिल्ली 13 मार्च 2019 । योगगुरु रामदेव के मालिकाना हक वाली पतंजलि आयुर्वेद ने दिवालिया फर्म रुचि सोया के लिए अपनी पेशकश बढ़ाकर 4,350 करोड़ रुपये कर दी है और यह रकम कंपनी बैंकों को अग्रिम नकद के तौर पर देगी। पतंजलि इसके अलावा कंपनी में 1,700 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करेगी। पतंजलि आयुर्वेद की संशोधित पेशकश से लेनदारों को 60 फीसदी की कटौती झेलनी होगी। एक सूत्र के मुताबिक पिछले साल अगस्त में अदाणी विल्मर ने 4,300 करोड़ रुपये की पेशकश की थी लेकिन समाधान प्रक्रिया में देरी का हवाला देते हुए इस साल जनवरी में इस पेशकश को वापस ले लिया। पतंजलि ने पहले 4,100 करोड़ रुपये की पेशकश की थी। अदाणी ने भी रुचि सोया में 1,700 करोड़ रुपये अतिरिक्त निवेश का प्रस्ताव किया था।

अदाणी की बोली को विजेता घोषित किया गया था लेकिन पतंजलि ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि उसकी पेशकश अदाणी से बेहतर थी। सूत्र ने कहा कि पहले अदाणी की पेशकश को मूल्यांकन के आधार पर चयनित किया गया था लेकिन कंपनी के परिचालन के लिए दी जाने वाली रकम के मुकाबले बैंकों के कर्ज के निपटान के लिए ज्यादा रकम की दरकार होती। इंदौर की रुचि सोया कभी देश में खाद्य तेल बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी थी। उसने 2017 में दिवालिया प्रक्रिया के लिए आवेदन दिया था।

रुचि सोया का कुल कर्ज 12,000 करोड़ रुपये पहुंच गया जबकि बिक्री में पिछले चार साल में भारी गिरावट आई है। 2014-15 में कंपनी की बिक्री 31,500 करोड़ रुपये थी जो 2017-18 में गिरकर 12,000 करोड़ रुपये रह गई। एक बैंकिंग सूत्र ने बताया कि पतंजलि की संशोधित पेशकश से, एक साल देर से ही सही, रुचि सोया के अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया है। पतंजलि और अदाणी विल्मर सहित करीब दो दर्जन कंपनियों ने रुचि सोया पर बोली लगाई थी। इनमें केकेआर और एऑन कैपिटल जैसी निजी इक्विटी कंपनियों और आईटीसी, गोदरेज एग्रोवेट तथा इमामी जैसी दिग्गज एफएमसीजी कंपनियां शामिल थीं। उद्योग के जानकारों का कहना है कि रुचि सोया के पास पांच बंदरगाहों में प्रसंस्करण संयंत्र हैं और यही वजह है कि कई कंपनियों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई.

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