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25 साल से नहीं बढ़े पारले-जी बिस्किट के रेट लेकिन इन 5 तरीकों से हर साल बढ़ रही है कमाई

नई दिल्ली 7 जून 2019 । 1.पारले कंपनी मुनाफा बढ़ाने और कीमत एक ही रखने के लिए सिंपल पैकेजिंग करती है।पारले-जी बिस्किट सिंपल प्लास्टिक पैकिंग में आता है जिसके अंदर कोई कागज नहीं होता है और पारले-जी के पैकेट की डिजाइन भी आज तक नहीं बदली है।पारले-जी के बढ़े पैकेट के अंदर तो सादी प्लास्टिक पैकिंग में छोटे पैकेट निकलते हैं जिनमें कोई डिजाइन नहीं होती हैं।

2.पारले कंपनी ने देश में 4 जगहों पर अपनी मेन्यूफेक्चरिंग यूनिट खोली है जिससे माल पहुंचाने का किराया कम हो जाता है।

3.पारले-जी ने भले ही पिछले 25 साल से अपने रेट न बढ़ाए हो लेकिन पैकेट का वजन जरुर कम किया है।पहले 5 रुपए वाले पैकेट का वजन 100 ग्राम होता था जो अब 65 ग्राम हो गया है।

4.पारले कंपनी अपने सबसे ज्यादा बिकने वाले पारले-जी बिस्किट पर बहुत कम मुनाफा कमाती है जिससे रेट को स्थिर रखने में मदद होती है।

5.पारले-जी बिस्किट बनाने में सिर्फ 1% माल ही बेकार होता है यानि कच्चे माल का 99% भाग बिस्किट बनाने में उपयोग हो जाता है ‌

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