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पीएम मोदी ने बढ़ाया NSA अजीत डोवाल का कद

नई दिल्ली 4 जून 2019 । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी NSA के तौर पर दोबारा अजित डोवाल को चुना है। सिर्फ इतना ही नहीं राष्‍ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में डोवाल के योगदान को देखते हुए इस बार पीएम मोदी ने उन्‍हें अपनी कैबिनेट में शामिल कर उन्‍हें एक कैबिनेट मंत्री का दर्जा देने का भी फैसला किया है। यहां से निश्चित तौर पर डोवाल का कद सरकार में बढ़ेगा और अगले पांच वर्षों में सरकार के कामकाज में भी उनकी भागीदारी तय हो सकेगी। डोवाल का कार्यकाल पांच वर्ष का होगा। 74 वर्षीय डोवाल को इंटेलीजेंस और कोवर्ट ऑपरेशंस की दुनिया में लीजेंड करार दिया जाता है।

अब सरकार की हर मीटिंग में होंगे शामिल
कैबिनेट रैंक मिलने के बाद डोवाल को सरकार में मंत्री पद मिल जाएगा। वह भी सरकार की कैबिनेट मीटिंग्‍स का हिस्‍सा होंगे और मीटिंग्‍स में होने वाली चर्चाओं में शामिल होंगे। अभी तक डोवाल सिर्फ एनएसए ही थे और कैबिनेट की मीटिंग में शामिल नहीं हो पाते थे। डोवाल क्‍योंकि सरकार की कैबिनेट की सुरक्षा समिति (सीसीएस) में शामिल थे तो इस वजह से सुरक्षा से जुड़ी मीटिंग्‍स में शामिल रहते थे।

राष्‍ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी नीतियों पर पीएम को देगे निर्देश
कैबिनेट मंत्री बनने के बाद डोवाल प्रधानमंत्री और बाकी मिनिस्‍टर्स के अलावा सरकार के टॉप एग्जिक्‍यूटिव्‍स के साथ हर मीटिंग्‍स में होंगे। उनका रोल अब सिर्फ एनएसए का नहीं होगा बल्कि वह सरकार को उसकी नीतियों के बारे में दिशा-निर्देश दे सकेंगे। साथ ही साथ राष्‍ट्रीय सुरक्षा और देश से जुड़े मुद्दों पर होने वाले बड़े फैसलों में भी हस्‍तक्षेप के अधिकारी होंगे। डोवाल को राष्‍ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मसलों का अच्‍छा खासा अनुभव है। ऐसे में माना जा रहा है कि वह सरकार की कई राज्‍यों जैसे जम्‍मू कश्‍मीर, नॉर्थ ईस्‍ट और पश्चिम बंगाल से जुड़ी नीतियों को तैयार करने में अहम रोल अदा करते हुए नजर आ सकते हैं।

कीर्ति चक्र हासिल करने वाले पहले पुलिस ऑफिसर
डोवाल देश के पहले पुलिस ऑफिसर रहे हैं जिन्हें कीर्ति चक्र से सम्‍मानित किया जा चुका है। 1965 के केरल कैडर के आईपीएस ऑफिसर डोवाल को सन् 1988 में ऑपरेशन ब्‍लैक थंडर के लिए कीर्ति चक्र दिया गया था। छह वर्षों का उनका पुलिस रिकॉर्ड एक उत्‍कृष्‍ट रिकॉर्ड माना जात है। ऐसे में कहा जा रहा है कि वह पुलिस व्‍यवस्‍था में सुधार के लिए भी सलाह दे सकते हैं।

जम्‍मू कश्‍मीर पर बनेगी सख्‍त नीति
जिस तरह से अपने इंटेलीजेंस ऑपरेशंस को अंजाम देते थे, उसकी वजह से उन्‍हें कुछ लोगों ने भारत का जेम्‍स बांड तक करार देना शुरू कर दिया। डोवाल को मिजोरम और पंजाब में आतंकवाद का खात्‍मा करने वाला इंटेलीजेंस ऑफिसर माना जाता है। अब जबकि वह कैबिनेट मंत्री बन जाएंगे तो जिस बात की चर्चा पिछले कुछ वर्षों से थी, उस पर हो सकता है अमल हो जाए। सूत्रों की मानें तो डोवाल हमेशा से जम्‍मू कश्‍मीर में एक सख्‍त नीति के समर्थक रहे हैं। हो सकता है कि सरकार में शामिल होने के बाद वह जम्‍मू कश्‍मीर के लिए कड़ी नीतियों का निर्धारण करें।

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