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पीएम मोदी ने कैलाश विजयवर्गीय को लगाई फटकार, कैलाश बोले- एमपी नहीं मेरा मिशन है पश्चिम बंगाल

भोपाल 31 जुलाई 2019 । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ( Narendra Modi) ने भाजपा ( BJP ) महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ( Kailash Vijayvargiya ) को फटकार लगाई है। पीएम मोदी की फटकार के बाद कैलाश विजयवर्गीय के सुर बदल गए हैं। जयपुर में कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा था कि कर्नाटक में सरकार बनने के बाद जल्द एमपी में नया मिशन शुरू होगा।

सरकार गिराने के बयान पर लगाई फटकार
सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी ने कैलाश विजयवर्गीय के इस बायन के बाद उन्हें फटकार लगाई है। इसके बाद कैलाश विजयवर्गीय ने भोपाल में मीडिया से बात करते हुए कहा- मै तो मिशन पश्चिम बंगाल में ही हूं और यह मिशन 2021 तक चलेगा। उन्होंने मध्यप्रदेश के सवाल में कहा कि ऐसा कुछ नहीं है।

क्या कहा था कैलाश ने?
मध्य प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने रविवार को बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि कर्नाटक में कैबिनेट गठन के बाद एक ‘नया मिशन’ लॉन्च किया जाएगा। विजयवर्गीय से जब मध्य प्रदेश में सत्ताधारी कांग्रेस के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बयान में कहा था कि कर्नाटक में कैबिनेट गठन के बाद एक नया मिशन शुरू किया जाएगा। यह हमारी ख्वाहिश नहीं है कि सरकार गिरे, लेकिन कांग्रेस के विधायकों के भीतर अनिश्चितता का माहौल है।

कमलनाथ के मंत्री ने कहा- भाजपा नेता ठग विद्या में माहिर
वहीं, मीडिया से बात करते हुए कमल नाथ ( Kamal Nath ) सरकार के मंत्री कमलेश्वर पटेल ने सरकार गिराने के बयान पर कहा- भाजपा नेता ठग विद्या में माहिर हैं और भाजपा के जो दो विधायकों ने कांग्रेस को समर्थन दिया है उन्होंने अपनी मर्जी से समर्थन दिया है। भाजपा नेताओं की दाल यहां गलने वाली नहीं है वो अपनी पार्टी की चिंता करें।

कैलाश के बेटे को भी फटकार लगा चुके हैं मोदी
कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय ( Akash Vijayvargiya ) को भी पीएम मोदी फटकार लगा चुके हैं। इंदौर में नगर निगम अफसरों की पिटाई के मुद्दे पर पीएम मोदी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि ऐसे लोगों को पार्टी से बाहर कर देना चाहिए चाहे वो किसी के भी बेटे हों। पीएम मोदी की फटकार के बाद भाजपा ने आकाश विजयवर्गीय को नोटिस जारी किया था। हाल ही में आकाश विजयवर्गीय ने इस मुद्दे पर पार्टी से माफी मांगी है।

भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीयके महापौर कार्यकाल में इंदौर में हुए पेंशन घोटाले की जांच को कमलनाथ सरकार फिर से खोलने जा रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने तीन मंत्रियों की कैबिनेट कमेटी गठित की है।

यह कमेटी पेंशन घोटाले में गठित जस्टिस एनके जैन जांच आयोग की रिपोर्ट का परीक्षण करेगी। आयोग ने जिन बिन्दुओं पर चुप्पी साधी, उनकी जांच कराने की सिफारिश करेगी। सरकार ने यह रिपोर्ट विधानसभा के बजट सत्र में पेश करने से फिलहाल रोक ली है।
आयोग की रिपोर्ट के प्रारंभिक परीक्षण में यह सामने आया कि कैलाश को बचाने का प्रयास किया गया है। सूत्रों के अनुसार, आयोग की रिपोर्ट में तत्कालीन संभाग आयुक्त की निगरानी में बनी जांच कमेटी के उस प्रतिवेदन को भी शामिल नहीं किया गया, जिसमें कैलाश को दोषी माना गया है।
प्रतिवेदन में बताया कि कैलाश की अध्यक्षता में 26 फरवरी 2000 को हुई एमआइसी की बैठक में पेंशन बांटने के लिए अध्यादेश को ही बदल दिया गया। इसमें पेंशन राष्ट्रीयकृत बैंक या डाकघर से वितरित होनी थी, लेकिन इसे सहकारी संस्थाओं से बांटने का निर्णय लिया गया। निगम के पास 56358 में से 36358 पेंशनधारियों का रेकॉर्ड ही नहीं मिला।
36358 पेंशनधारियों का रेकॉर्ड ही नहीं मिला
पेंशन बांटने के अध्यादेश को बदल डाला
संभाग आयुक्त ने कैलाश को पाया था दोषी
भनोत की अध्यक्षता में बनी कमेटी
घोटाले की जांच के लिए मंत्री तरुण भनोत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय मंत्रिमंडलीय समिति गठित की है। इसमें मंत्री कमलेश्वर पटेल और सिंधिया समर्थक मंत्री महेन्द्र सिसोदिया को सदस्य बनाया है। सीएम कमलनाथ चाहते हैं कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो।
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