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सार्क समिट में नहीं जाएंगे PM मोदी, सुषमा बोलीं- जब तक PAK आतंकी घटनाओं को नहीं रोकता तब तक कोई बात नहीं

नई दिल्ली 29 नवम्बर 2018 । दक्षिण एशिया क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) शिखर सम्मेलन के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पाकिस्तान आमंत्रित करेगा। पाक के विदेश विभाग के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इसके 24 घंटे के भीतर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बयान दिया है। सुषमा स्वराज ने कहा है कि कई सालों से भारत सरकार इस (करतरपुर) गलियारे के बारे में पूछ रही है, अब पाकिस्तान ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। इसका मतलब यह नहीं है कि इस वजह से द्विपक्षीय वार्ता शुरू हो जाएगी, आतंक और बातचीत एक साथ नहीं की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि हम इसका जवाब सकारात्मक नहीं दे रहे हैं (सार्क शिखर सम्मेलन के लिए पाकिस्तान द्वारा निमंत्रण) क्योंकि जैसा कि मैंने कहा था कि जब तक पाकिस्तान भारत में आतंकवादी गतिविधियों को रोकता नहीं है, तब तक कोई वार्ता नहीं होगी, इसलिए हम सार्क में भाग नहीं लेंगे।

सार्क शिखर सम्मेलन 2016 इस्लामाबाद में होना था लेकिन उसी साल सितंबर में जम्मू कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के शिविर पर आतंकी हमले के बाद भारत ने ”मौजूदा परिस्थितियों का हवाला देते हुए सम्मेलन में शामिल होने में अपनी असमर्थता व्यक्त कर दी थी। बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान के भी इसमें हिस्सा लेने से इनकार करने बाद इस्लामाबाद सम्मेलन को रद्द कर दिया गया था। मालदीव और श्रीलंका सार्क के सातवें और आठवें सदस्य हैं।

इस्लामाबाद में मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए फैसल ने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने जीत के बाद अपने भाषण में कहा था कि भारत अगर एक कदम आगे बढ़ेगा तो पाकिस्तान दो कदम बढ़ाएगा। डॉन अखबार ने फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को दक्षेस शिखर सम्मेलन के लिये आमंत्रित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खान ने अपने भारतीय समकक्ष को एक खत लिखकर मंशा जताई थी कि पाकिस्तान भारत के साथ सभी लंबित मुद्दों को बातचीत के जरिये सुलझाने का इच्छुक है। फैसल ने कहा, ”हमनें भारत के साथ एक जंग लड़ी है, रिश्ते तेजी से नहीं ठीक हो सकते। सार्क शिखर सम्मेलन की मेजबानी आम तौर पर हर दो साल में वर्णानुक्रम में एक सदस्य राष्ट्र द्वारा की जाती है। सम्मेलन की मेजबानी करने वाला सदस्य राष्ट्र समूह की अध्यक्षता करता है। पिछला सार्क सम्मेलन 2014 में कश्मीर में हुआ था जिसमें मोदी शामिल हुए थे।

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