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PM मोदी आज भी जनता की पहली पसंद, दूसरे नंबर पर राहुल

नई दिल्ली 5 सितम्बर 2018 । 2019 के लोकसभा चुनाव के नजदीक आते ही राजनीति उथल-पुथल तेज हो गई है। सभी पार्टियां अपनी ओर से जीतने के लिए हर संभव कोशिश करने में जुटी हुई हैं। वहीं देश के लोगों की अब भी पहली पसंद नरेंद्र मोदी ही हैं। यह खुलासा एक ऑनलाइन सर्वेक्षण में हुआ है जिसमें 48 प्रतिशत लोगों ने देश को आगे ले जाने के लिए अपने नेता के तौर पर पीएम मोदी पर ही भरोसा जताया है।

11 प्रतिशत लोगों की पसंद राहुल गांधी
जाने माने चुनाव रणनीतिकार और 2014 में मोदी की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले प्रशांत किशोर की संस्था इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पीएसी) की ओर से ऑनलाइन सर्वे किया गया। 55 दिनों तक चले इस सर्वे में देश के 712 जिलों के 57 लाख से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। सर्वे में पूछा गया कि वो कौन नेता है जो देश का एजेंडा आगे ले जा सकता है? सर्वे के अनुसार पीएम मोदी 48 प्रतिशत लोगों की पसंद बने हैं, दूसरे नंबर पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी हैं जो 11 प्रतिशत लोगों की पसंद है।

तीसरे नंबर पर केजरीवाल
वहीं 9.3 प्रतिशत वोट के साथ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, 7 प्रतिशत वोट के साथ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेख यादव, 4.2 प्रतिशत वोट के साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और 4.1 प्रतिशत वोट के साथ बसपा अध्यक्ष मायावती रहीं। इस सर्वेक्षण में ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी, एनसीपी प्रमुख शरद पवार और कई अन्य राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक चेहरों को जगह दी गई थी।

युवाओं तक पहुंचने का प्रयास
यह सर्वेक्षण किशोर से जुड़ी सिटीजंस फॉर एकाउंटेबल गवर्नेंस की ओर से 2013 में कराए गए सर्वेक्षण के समान है, जिसमें मोदी को देश का सबसे पसंदीदा नेता बताया गया था। आईपैक के सदस्यों का कहना है कि इस सर्वेक्षण का उद्देश्य इंटरनेट तक पहुंच वाली आबादी तक पहुंचना था। हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि यह ऑनलाइन सर्वे है और इसकी अपनी बंदिशें हैं, क्योंकि देश का एक बड़ा हिस्सा, विशेषतौर पर ग्रामीण भारत का इस तरह के सर्वे में शामिल होना मुश्किल है।

जानिए कौन है प्रशांत किशोर
2014 में बीजेपी की सरकार बनने के बाद अचानक चर्चा में आए प्रशांत किशोर को बेहतरीन चुनावी रणनीतिकार के रूप में जाना जाता है। वह इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी नाम का संगठन चलाते हैं जो लीडरशिप, सियासी रणनीति, मैसेज कैंपेन और भाषणों की ब्रांडिंग करता है। 2014 में भाजपा का साथ छोडऩे के बाद प्रशांत किशोर ने 2015 में बिहार चुनाव के लिए नीतीश-लालू के महागठबंधन से हाथ मिला लिया था। इसके बाद साल 2017 में ङ्घस्क्रष्ट से जुड़ गए।

‘प्लान काशी’ पर BJP का फोकस, 3 महीने तक 25 मंत्री डालेंगे डेरा

2019 के लोकसभा चुनाव की रणभेरी हो गई है और अब रणनीतियों पर अमल का वक्त आ गया है. देशभर में चुनावी कार्यक्रमों को जमीन पर उतार रही सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पर फोकस कर रही है. जिसके तहत केंद्र सरकार के करीब 25 मंत्रियों को विशेष जिम्मेदारियां दी गई हैं.

ये सभी केंद्रीय मंत्री अगले तीन महीनों में अपने-अपने विभाग से संबंधित लोगों का सम्मेलन करेंगे. साथ ही विभाग से जुड़े व्यवसायियों के साथ सम्मेलन में मंत्रालयों के कामकाज की उपलब्धियां भी बताएंगे. इसके अलावा व्यापारियों को ये भी बताया जाएगा कि कैसे वो सरकार की योजनाओं का लाभ पा सकते हैं.

सभी मंत्री व्यवसाय में आने वाली सरकारी अड़चनों के बारे में भी जानेंगे और उन्हें दूर करने के लिए मंत्रालय क्या-क्या कदम उठा रहा है, इसकी भी जानकारी देंगे. ये मंत्री अपने मंत्रालय से जुड़े विभागों की भविष्य की योजनाओं के बारे में भी व्यापारियों को बताएंगे.

राधामोहन सिंह ने किया सम्मेलन

बीते एक सितम्बर को कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने वाराणसी में 5000 किसानों का सम्मेलन किया. इसी तरह से अगले हफ्ते मनोज सिन्हा वाराणसी और उसके साथ लगे अन्य लोकसभा क्षेत्रों के रेलवे कुलियों से मुलाक़ात करेंगे.

अब ये मंत्री करेंगे दौरा

आने वाले हफ़्तों में वकीलों के साथ कानून मंत्री, चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ला, ई-रिक्शा चालकों के साथ सड़क व परिवहन राज्यमंत्री मनसुख मंडविया, स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रहे डॉक्टरों के साथ स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केमिकल फर्टिलाइजर मंत्री अनंत कुमार मुलाकात करेंगे.

वहीं, ग्राम प्रधानों से ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, महिलाओं के लिए काम करने वाली संस्थाओं के साथ मेनका गांधी और बुनकरों व साड़ी बनाने वाले कारीगरों के साथ स्मृति ईरानी सम्मेलन करेंगी.

सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व अपने सभी सांसदों को इसी तरह ‘सांसद जन संवाद’ के जरिये अलग-अलग कामगारों के साथ छोटे-छोटे सम्मेलन करने के लिए आदेश जारी कर सकता है. माना जा रहा है कि 2019 चुनाव के मद्देनजर आम जनता तक सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार अलग अंदाज में किया जा रहा है.

सीआईसी का आदेश, विदेश दौरों पर प्रधानमंत्री के साथ जाने वाले गैर-सरकारी व्यक्तियों के नाम बताएं

केन्द्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने विदेश मंत्रालय को उन गैर-सरकारी व्यक्तियों के नाम सार्वजनिक करने का निर्देश दिया जो विदेश दौरों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गये थे।

पिछले साल अक्तूबर में कराबी दास ने मंत्रालय से 2015-16 और 2016-17 में प्रधानमंत्री के विदेश दौरों पर हुए खर्च और उनके साथ यात्रा करने वालों की जानकारी देने को कहा था।

आवेदक को कोई संतोषजनक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई जिसके बाद उन्होंने आयोग का दरवाजा खटखटाया।

सुनवाई के दौरान आवेदक का प्रतिनिधित्व करने वाले कार्यकर्ता सुभाष अग्रवाल ने मुख्य सूचना आयुक्त आर के माथुर से कहा कि मंत्रालय ने सूचना देने के लिए 224 रुपये मांगे जिस आवेदक ने जमा कराया।

सुनवाई के दौरान मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री के दौरों के संबंध में उनकी यात्रा की तारीख और दिन तथा विशेष विमानों पर आए खर्च के अलावा कोई अन्य जानकारी संगठित रूप से नहीं रखी जाती।

मंत्रालय ने आयोग से यह भी कहा कि वह 224 रुपये के भुगतान से जुड़े मामले पर भी गौर करेगा और उपलब्ध जानकारी देगा।

माथुर ने आदेश में कहा कि सरकारी खर्चे पर प्रधानमंत्री के साथ यात्रा करने वाले गैर-सरकारी व्यक्तियों (जिनका सुरक्षा से संबंध नहीं) की सूची आवेदक को उपलब्ध कराई जाए।

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