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कोरोना से लड़ने में गोएयर ने सरकार को की मदद की पेशकश

नई दिल्ली 1 अप्रैल 2020 । कोरना वायरस संकट की वजह से पैदा हालात के बीच इंडिगो के बाद अब गोएयर ने भी मदद की पेशकश की है। विमानन कंपनी ने सरकार से कहा है कि वह आपात सेवाओं और दूसरे देशों से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए मदद को तैयार है। गोएयर ने सरकार को लिखा है कि वह अपने विमान, पायलट, केबिन क्रू और हवाई अड्डे के कर्मचारियों को आपातकालीन सेवाओं और नागरिकों के प्रत्यावर्तन कराने की पेशकश की। हालांकि, माल वाहक विमान उड़ान भर रहे हैं। विमानन कंपनियों को इस दौर में काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

गोएयर ने एक बयान जारी करके कहा, ‘कंपनी ने नागरिक विमानन मंत्रालय और डीजीसीए से संपर्क किया है और देश में पूर्ण लॉकडाउन के मद्देनजर अपनी सेवाएं देने की पेशकश की है।’ भारत में 24 मार्च की आधी रात से घरेलू यात्री विमानों के उड़ान पर रोक है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को 21 मार्च को रात 1.30 बजे से रोक दिया गया था।

गौरतलब है कि भारत ने बड़ी संख्या में विदेशों में फंसे अपने नागरिकों को बाहर निकाला है। चीन और ईरान से भारतीय को एयर इंडिया और एयर फोर्स की मदद से भारत वापस लाया गया है। अब निजी विमानन कंपनियों ने भी मदद की पेशकश की है।

दवा, खाद्यान्न जैसे आवश्यक सेवाएं
सरकार की ओर से कार्गो को लाने ले जाने की प्रक्रिया
जनशक्ति जो क‍ि आपातकालीन सेवाओं को पूरा करेगी जैसे, डॉक्टर, नर्स, पैरा मेडिक्स, राहतकर्मी
उन भारतीय नागरिकों को वापस लाना जो विदेशों में फंसे हुए हैं और उन्हें घर वापस ला रहे हैं
हमारे विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के भीतर भारतीय नागरिकों को प्रत्यावर्तित करना
गोएयर ने हमेशा कंपनी के दृष्टिकोण से पहले राष्ट्र को आगे रखा है। इसके साथ ही एयरलाइन माननीय प्रधान मंत्री द्वारा घोषित पहलुओं का पूरी तरह से समर्थन करती है।

कार्गो उड़ानों ने देश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में चिकित्सा सामग्री की आपूर्ति की

लाइफ लाइन 1 – एअर इंडिया की फ्लाइट ए-320 ने अपने मार्ग मुंबई-नई दिल्ली-बेंगलुरु-मुंबई के दौरान एचएलएल खेप (6593 किलो), एवं नागालैंड वेंटिलेटर मास्क, केरल और कर्नाटक की खेप, मेघालय के लिए बिपैप्स की खेप और कोयंबटूर के लिए वस्त्र मंत्रालय की खेप पहुंचाई।

लाइफ लाइन 2 – आईएएफ फ्लाइट ने हिंडन-दीमापुर-इंफाल-गुवाहाटी मार्ग पर एचएलएल की खेप और शिलोंग के लिए आईसीएमआर किट पहुंचाई।

इंडिगो, स्पाइसजेट और ब्लू डार्ट जैसी निजी हवाई कंपनियों ने भी वाणिज्यिक आधार पर उड़ानों का परिचालन किया।

एमओसीए समूह का गठन महत्वपूर्ण हितधारकों के साथ किया गया था। हब एंड स्पोक मॉडल के तहत लाइफ लाइन सेवाएं शुरू की गईं। दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बैंगलोर, कोलकाता में हब बनाए गए हैं। ये हब अपने स्पोक्स – गुवाहाटी, डिब्रूगढ़, अगरतला, ऐजल, इम्फाल, कोयंबटूर और तिरुवनंतपुरम को सामग्री की आपूर्ति करते हैं।

 

26 मार्च से 29 मार्च, 2020 के दौरान कुल कार्गो भार 10 टन था। कार्गो में कोविड-19 से संबंधित री-एजेंट, एंजाइम, चिकित्सा उपकरण, पीपीई और जांच किट, एचएलएल के दस्ताने और अन्य सामान तथ राज्य केन्द्र/शासित प्रदेश सरकारों द्वारा मांग किए गए कार्गो शामिल थे।

चिकित्सा एअर कार्गो के लिए समर्पित एक वेबसाइट की शुरुआत की गई है, जो आंशिक रूप से कार्य कर रही है। यह वेबसाइट 1 अप्रैल, 2020 से पूरी तरह काम करने लगेगी। लिंक एमओसीए वेबसाइट पर उपलब्ध है (www.civilaviation.gov.in)। आपूर्ति को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए सूचनाओं को साझा करने, प्रश्नों के उत्तर देने और जमीनी कार्य चौबीसों घंटे किए जा रहे हैं ताकि कोविड-19 से लड़ने के प्रयासों की गुणात्मक वृद्धि की जा सके और सहायता प्रदान की जा सके।

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