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एससी/एसटी एक्ट के विरोध में छह सितम्बर को भारत बंद, मध्यप्रदेश में पुलिस अलर्ट

भोपाल 5 सितम्बर 2018 । उच्चतम न्यायालय के आदेश के खिलाफ केन्द्र सरकार द्वारा लाये गये एससी/एसटी कानून को लेकर कुछ सवर्ण संगठनों द्वारा छह सितम्बर को आहूत ‘भारत बंद’ के मद्देनजर समूचे मध्यप्रदेश में पुलिस अलर्ट हो गई है।

इसी के तहत प्रदेश के तीन जिलों मुरैना, भिण्ड एवं शिवपुरी में एहतियाती तौर पर आज धारा 144 तत्काल प्रभाव से लगा दी गई है। यह सात सितम्बर तक प्रभावी रहेगी।

मध्यप्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक (इंटेलीजेंस) मकरंद देउस्कर ने ‘भाषा’ को बताया, ‘‘भारत बंद के मद्देनजर प्रदेश के सभी 51 जिलों के पुलिस अधीक्षकों को सतर्क रहने के निर्देश दिये गये हैं।’’

शिवपुरी कलेक्टर शिल्पा गुप्ता, भिंड कलेक्टर आशीष कुमार गुप्ता एवं मुरैना कलेक्टर भरत यादव ने बताया, ‘‘मध्यप्रदेश दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत जन सामान्य को जानमाल की रक्षा एवं लोक शांति बनाए रखने हेतु राजस्व जिले की सीमा के अंदर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश 04 सितम्बर से आगामी आदेश तक लागू रहेगा।’’ उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार द्वारा एससी/एसटी एक्ट में संसोधन किए जाने के विरोध में सवर्ण समाज, करणी सेना, सपाक्स एवं अन्यों द्वारा छह सितम्बर को ‘भारत बंद’ के आह्वान को मद्देनजर यह आदेश जारी किया गया है।

इस बीच, ब्रह्म समागम सवर्ण जनकल्याण संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेन्द्र शर्मा ने कहा कि एससी/ एसटी एक्ट के विरोध में 6 सितंबर को शांतिपूर्ण भारत बंद का समर्थन करेगा।

गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह से इस कानून के खिलाफ मध्यप्रदेश के कई स्थानों में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई नेताओं एवं मंत्रियों को काले झंडे भी दिखाये गये हैं।

SC/ST एक्ट के खिलाफ MP में सवर्णों की बड़ी रैली, कई शहरों में धारा 144

मोदी सरकार द्वारा एसएसी/एससी एक्ट में संशोधन कर मूल स्वरूप में बहाल करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सवर्ण जातियों के एक दर्जन संगठन एसएसी/एससी एक्ट के खिलाफ आज रैली कर रह रहे हैं. 6 सितंबर को भारत बंद का ऐलान भी किया गया है.

मध्य प्रदेश में SC/ST एक्ट के खिलाफ सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संस्था (सपाक्स) के द्वारा शुरू किया गया आंदोलन पूरे राज्य में फैलता जा रहा है.

एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ आज बुलाई गई इस रैली के मद्देनजर प्रशासन सतर्क है. प्रशासन को डर है कि रैली के विरोध में दलित समुदाय के युवा भी प्रदर्शन कर सकते हैं और अगर ऐसा होता है तो हिंसा भड़क सकती है.

एससी-एसटी के खिलाफ ग्वालियर के फूलबाग मैदान में क्षत्रिय महासभा, गुर्जर महासभा और परशुराम सेना स्वाभिमान सम्मेलन रैली है. SC/ST एक्ट के विरोध में सवर्ण समुदाय के इस आंदोलन के चलते शिवपुरी में धारा 144 लागू दी गई है, जो 6 सितंबर तक रहेगी.

मंगलवार को यानी कल 4 सितंबर को सपाक्स ग्वालियर में एक बड़ी रैली का आयोजन कर रहा है, जिसमें प्रदेश भर के लोगों को बुलाया गया है.

बता दें कि SC/ST एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के आए फैसले के खिलाफ दलित संगठनों ने 2 अप्रैल को भारत बंद किया था. इस दौरान सबसे ज्यादा हिंसा ग्वालियर और चंबल संभाग में हुई थी. अब सवर्ण समुदाय के लोग भी एकजुट हो रहे हैं.

प्रशासन पहले से ही सतर्क हो गया है. SC-ST एक्ट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को देखते हुए भिंड जिले में धारा 144 लागू कर दी गई. जिला प्रशासन की तरफ से जारी निर्देश के मुताबिक, यहां 6 सितंबर तक निषेधाज्ञा लागू रहेगी.

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अगड़ी जातियों के लगभग एक दर्जन संस्थान एससी/एसटी संशोधन विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की तैयारी में हैं. इनका कहना है कि ये लगातार बढ़ रहे असंतोष को जाहिर करने का एक जरिया है.

मध्य प्रदेश में केंद्रीय मंत्रियों से लेकर प्रदेश के बड़े नेताओं के घेराव के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पथराव का सामना करना पड़ा.  ग्वालियर में एससी/एससी एक्ट के खिलाफ रैली बुलाई गई है और 6 सितंबर को ‘भारत बंद’ का ऐलान किया है.

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