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MP में राजनीति अखाड़ा बनती जा रही, कमलनाथ को नसीहत देने वाले नरोत्तम पर कांग्रेस का पलटवार

नयी दिल्ली 07 मार्च 2022 । मध्य प्रदेश में राजनीति अखाड़ा बन चुकी है जिसमें नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा आमने-सामने आ गए। नरोत्तम मिश्रा के कमलनाथ पर सीधे हमलों के बाद अब कांग्रेस ने पलटवार किया है जिसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर नरोत्तम मिश्रा को गृह मंत्री पद से हटाने की मांग की गई है। एक दिन पहले नरोत्तम मिश्रा ने कमलनाथ को पत्र लिखकर विधानसभा के बजट सत्र में रोज उपस्थित रहने की मांग की थी। कमलनाथ ने भी सीएम को पत्र लिखकर सत्र अवधि बढ़ाने की मांग की है। भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेताओं के संबंधों पर निरंतर चोट पहुंचाती रहती है। कांग्रेस नेताओं के सोशल मीडिया पर सक्रियता को भाजपा मैदानी सक्रियता नहीं होने के आरोप लगाती रही है और पार्टी के प्रमुख नेताओं कमलनाथ व दिग्विजय सिंह को निशाना बनाती रही है। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा कांग्रेस के इन नेताओं को रोज ही घेरते हैं लेकिन कुछ दिनों से मिश्रा कमलनाथ के नेता प्रतिपक्ष पद को लेकर हमले बोल रहे हैं। वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. गोविंद सिंह को यह पद देने की वकालत कर रहे हैं और रविवार को उन्होंने गोविंद सिंह के सामने ही नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी उन्हें देने का बयान दे दिया था।

मिश्रा ने समय से पहले सत्र समाप्ति के लिए कमलनाथ को बताया जिम्मेदार
नरोत्तम मिश्रा ने रविवार को कमलनाथ को पत्र लिखा था जो आज की तारीख में उन्हें भेजा गया। इसमें उन्होंने नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ को सत्र के निर्धारित समय से पहले खत्म होने के लिए जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के सदन में उपस्थित नहीं रहने से उनके सदस्यों को दिशा-निर्देश नहीं मिल पाता। इस कारण सत्र पूरी अवधि तक नहीं चल पाता है। पूर्व के नेता प्रतिपक्षों के अनुभव को आधार बताते हुए मिश्रा ने कमलनाथ की सदन में रोजाना उपस्थिति को आवश्यक बताया। कांग्रेस व कमलनाथ का पलटवार
वहीं, नरोत्तम मिश्रा के पत्र और बयानों के बाद कमलनाथ और कांग्रेस दोनों ने पलटवार किया है। कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर सत्र की अवधि कम होने की बात कही है और सत्र की अवधि 31 मार्च तक किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि तीन दिन की बैठकें राज्यपाल के अभिभाषण, निधन उल्लेख व बजट पेश करने में चली जाएंगी और वास्तव में सत्र में कुल 13 बैठकों में से केवल 10 बैठकें होंगी। दूसरी ओर कांग्रेस ने गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर भी हमला किया है। पीसीसी अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने सीएम शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मिश्रा को गृह मंत्री से हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री कानून व्यवस्था की समीक्षा पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं क्योंकि उनके पास संगठन कई जिम्मेदारियां देता रहता है।

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