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प्रकाश करात ने कहा, यदि 10 और राज्य NPR का विरोध करें तो यह खत्म हो जाएगा

नई दिल्ली 27 दिसंबर 2019 । मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता प्रकाश करात ने गुरुवार को कहा कि एनपीआर को लेकर केंद्र की योजना को खत्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि केरल और पश्चिम बंगाल की तरह 10 और राज्यों के मुख्यमंत्री अपने वादे पर टिके रहे और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) का काम रोक दें तो इसको लेकर केंद्र की योजना ‘दफन’ हो जाएगी। उन्होंने कहा कि NRC, NPR और CAA, तीनों आपस में जुड़े हैं और इन्हें अलग-अलग नहीं किया जा सकता है।केरल और पश्चिम बंगाल सरकारों द्वारा अपने-अपने राज्यों में एनपीआर का काम रोकने के आदेश देने का जिक्र करते हुए करात ने कहा, ‘अब तक 12 राज्यों ने घोषणा की है कि वे एनपीआर नहीं होने देंगे। केरल और पश्चिम बंगाल ने जो किया है, दस और मुख्यमंत्रियों को ऐसा करना होगा।’ करात नागरिकता कानून में संशोधन के विरोध में आयोजित एक सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। करात ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार संविधान पर त्रिशूल प्रहार करने वाली है।

उन्होंने कहा, पहला नागरिकता संशोधन कानून (CAA) है, दूसरा राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) है और तीसरा राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) है। तीनों आपस में जुड़े हैं। तीनों एक ही पैकेज के हैं और इन्हें अलग-अलग नहीं किया जा सकता है।’ करात ने कहा कि नागरिकता कानून के खिलाफ देश भर में प्रदर्शन के कारण BJP सरकार समझ गई है कि NRC लागू करने में सावधानी बरतनी होगी । उन्होंने कहा यही कारण है कि वे (BJP) पैंतरेबाजी कर रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि NPR का NRC से कोई लेना-देना नहीं है।

नागरिकता कानून के खिलाफ दोबारा प्रदर्शन की आशंकाओं के बीच यूपी के कई जिलों में इंटरनेट सेवाओं पर रोक

नागरिकता कानून को लेकर हुई हिंसा के बाद एक बार फिर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज को देखते हुए राज्य के आठ जिलों में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है.
नागरिकता कानून को लेकर हुई हिंसा के बाद एक बार फिर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज को देखते हुए राज्य के आठ जिलों में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है. अभी तक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर, बुलंदशहर, मुज़फ्फरनगर, आगरा, फिरोजाबाद, संभल, अलीगढ़ और गाजियाबाद में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं हैं. हालांकि अब तक लखनऊ में इंटरनेट सेवाओं पर रोक नहीं लगाई गई है, जहां बीते हफ्ते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुई थीं.
न्यूज एजेंसी ANI यूपी के एडीजी (कानून-व्यवस्था) पीवी रामा शास्त्री के हवले से कहा, ‘हमने राज्य के अलग-अलग जिलों में सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया है और लोगों के साथ बातचीत की है. उन्होंने कहा कि आठ जिलों में एक दिन के लिए इंटरनेट सेवाओं को भी निलंबित कर दी गई हैं और हम सोशल मीडिया पर डाले जा रहे कंटेंट की निगरानी कर रहे हैं.’

बता दें कि 19 से 21 दिसंबर के बीच राज्य के कई हिस्सों में हिंसा भड़की थी, जिसमें 21 प्रदर्शनकारियों के मारे जाने का दावा किया गया. कई शवों में बंदूक की गोली के घाव थे, लेकिन पुलिस ने जोर देकर कहा कि उन्होंने प्लास्टिक की गोलियों और रबर की गोलियों के अलावा और कुछ इस्तेमाल नहीं किया है. जवाबी कार्रवाई को सही ठहराने के प्रयास में पुलिस ने हाल ही में विरोध प्रदर्शनों के दौरान दो प्रदर्शनकारियों की गोलीबारी करते हुए तस्वीरों और वीडियो की एक सीरीज जारी की. उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने दावा किया कि इस हिंसा में पुलिस को भी भारी नुकसान हुआ है. उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ’21 जिलों में भड़की हिंसा में 288 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. उनमें से 62 पुलिसकर्मी गोली लगने से घायल हुए हैं.

इस हफ्ते की शुरुआत में विरोध प्रदर्शनों को सफलतापूर्वक खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राज्य पुलिस की भी सराहना की.

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