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चुनाव प्रचार के लिए स्टीमर से नहीं जा पाएंगी प्रियंका गांधी, EC ने लगाई रोक

नई दिल्ली 17 मार्च 2019 । पूर्वी यूपी में कांग्रेस (congress) पार्टी के चुनाव प्रचार की कमान संभाल रही पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी (priyanka gandhi) के लिए एक बुरी खबर है. चुनाव आयोग ने प्रियंका गांधी को स्टीमर से चुनाव यात्रा की इजाजत नहीं दी है. पहले गंगा में स्टीमर से भदोही से मिर्जापुर यात्रा और प्रचार करना प्रियंका गांधी के कैम्पेंन प्लान का हिस्सा था जिसपर चुनाव आयोग ने रोक लगा दी है.

बता दें कि प्रियंका गांधी की ‘गंगा यात्रा’ का शेड्यूल जारी किया गया था. शेड्यूल के तहत प्रियंका गांधी 18 मार्च से लेकर 20 मार्च तक उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर चुनाव प्रचार करने वाली थीं. जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस महासचिव 18 मार्च को प्रयागराज में कई कार्यक्रम में शिरकत करती. सबसे पहले वे संगम का दर्शन करने वाली थीं फिर बाद वह कार से छतना के लिए रवाना होंती.

कांग्रेस की महासचिव बनने के बाद प्रियंका गांधी ने लोकसभा चुनाव जीतने के लिए पूरी शक्ति लगा दी है. पद संभालते ही वे एक्शन मोड में आ गईं थी. सबसे पहले वह कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय में पहुंची थीं. कांग्रेस पार्टी के कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया था. कहा जा रहा है कि प्रियंका के राजनीति में आने से कांग्रेस पार्टी उत्‍तर प्रदेश में अपना खोया आधार फिर से हासिल कर सकती हैं.

भगवान बेवकूफ है- वाले बयान से करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर गहरा आघात: शोभा ओझा
प्रदेश कांगे्रस मीडिया विभाग की अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा ने भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा के ‘भगवान बेवकूफ है’ बयान की घोर निंदा करते हुए कहा कि उनके इस बयान से करोड़ों हिंदुआें की आस्था पर गहरा आघात पहुंचा है। भगवान शब्द में 33 करोड़ देवी-देवता समाहित हो जाते हैं। ऐसे में भगवान को बेवकूफ कहना भाजपा के सांसद नेता का मानसिक दिवालियापन प्रतीत होता है।

श्रीमती ओझा ने कहा कि भाजपा धर्म पर आधारित राजनीति तो करती ही है साथ ही समय-समय पर आस्था के प्रतीक भगवान को अपमानित करने से भी नहीं चूकती। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश की गौतमबुद्ध नगर सीट से सांसद का ये बयान शर्मनाक है, जिसमें उन्होंने कहा कि सांसद पूरे क्षेत्र में काम करवाने में समर्थ नहीं हैं, जबकि उत्तरप्रदेश में भाजपा 325 विधायकों के साथ सत्ता पर काबिज है। वहीं लोकसभा के 68 सांसद उत्तरप्रदेश से आते हैं और केंद्र में भी भाजपा की सरकार है। उसके बाद यदि कोई नेता ये कहे कि जनता के कार्य करवाने व उनके बीच पहुंचने में असमर्थ हैं तो ऐसे नेता को पद से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। ऐसी पार्टी को सरकार में रहने का कोई अधिकार नहीं है।

शोभा ओझा ने कहा कि महेश शर्मा के बयान से देश का हिन्दू समुदाय आहत हुआ है। यह बयान सनातन धर्म पर भी गहरा प्रहार है। कोई भी हिन्दू सपने में भी भगवान का अपमान नहीं कर सकता। महेश शर्मा के बयान पर भाजपा ने नेताओं और विश्व हिन्दू परिषद को सार्वजनिक निंदा करनी चाहिए और महेश शर्म को तत्काल पार्टी से बाहर कर भगवान के प्रति आस्था प्रकट करने का प्रमाण प्रस्तुत करना चाहिए। उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर और चुनाव आयोग कार्य के प्रभारी जे.पी. धनोपिया ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बी.एल. कांताराव को शिकायत की है कि आचार संहिता प्रभावशील होते ही भाजपा द्वारा मुख्यमंत्री कमलनाथ के विरूद्व झूठी काल्पनिक शिकायतों का दौर शुरू हो गया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने बसपा के पूर्व विधायक बलवीर दण्डोतिया और उनके साथियों को कमलनाथ ने मंत्रालय में कांगे्रस की सदस्यता दिलाये जाने की शिकायत चुनाव आयोग से की है।
कांगे्रस पार्टी को बदनाम करने का असफल प्रयास किया जा रहा है। लिहाजा, विजयवर्गीय की शिकायत तो निरस्त किया जाये।
धनोपिया ने कहा कि यह शिकायत निराधार है और अधूरी जानकारी पर आधारित है। दण्डोतिया ने प्रदेश कांगे्रस कार्यालय आकर विधिवत सदस्यता ली है। उन्हें चंद्रप्रभाष शेखर ने सदस्यता दिलवायी है। सुलभ संदर्भ के लिये इस अवसर पर छायाचित्र भी प्रस्तुत किया गया है। इसके अलावा कांगे्रस कार्यालय में सदस्यता लेते हुए एक वीडियो भी दिया गया है। शिकायत में लिखा है कि मुख्यमंत्री की हैसियत से कमलनाथ से कोई भी व्यक्ति मिल सकता है, लेकिन मंत्रालय में कांगे्रस की सदस्यता किसी को नहीं दिलायी गयी है। कैलाश विजयवर्गीय ने जो वीडियो क्लिप आयोग में प्रस्तुत की है वह कूटरचित है। इसलिये शिकायत को निरस्त किया जाये।

बसपा नेता देवेन्द्र चैरसिया के अंतिम संस्कार में शामिल होने मंत्री हर्ष यादव सहित अन्य कांगे्रसजन पहुंचे

हाल ही में बसपा से कांगे्रस में आये दमोह हटा के लोकप्रिय नेता देवेन्द्र चैरसिया के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिये मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्री हर्ष यादव को हटा भेजा जहां उन्होंने स्वर्गीय चैरसिया को अंतिम बिदायी दी। देवेन्द्र चैरसिया की शुक्रवार को जघन्य हत्या कर दी गयी थी। उनकी शव यात्रा में हजारों नागरिक शामिल हुए। सभी ने हटा के मुक्तिधाम पहुंचकर देवेन्द्र चैरसिया को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
अंतिम यात्रा मंे प्रमुख रूप से पूर्व सांसदगण रामकृष्ण कुसमरिया और आनंद अहिरवार, विधायक प्रद्युम्नसिंह, पूर्व विधायक प्रताप सिंह लोधी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनु मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष ऋषि भैया, नगर पालिका अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह पटेल, जिला कांगे्रस कार्यकारी अध्यक्ष संजय चैरसिया, जनपद पंचायत अध्यक्ष गौरव पटेल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भगवान दास चैधरी, उपाध्यक्ष जिला कांगे्रस दमोह लालचंद राय, पूर्व कांगे्रस प्रत्याशी हरिशंकर चैधरी, कांगे्रस प्रवक्ता कृष्ण गोपाल श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।

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