मुख्य पृष्ठ >> खास खबरें >> Priyanka Gandhi in Rajya Sabha? Congress Weighs Double-Edged Sword Before Big Reshuffle

Priyanka Gandhi in Rajya Sabha? Congress Weighs Double-Edged Sword Before Big Reshuffle

New delhi 17.02.2020. Having suffered yet another rout in Delhi, the Congress has called for introspection and “urgent action”. But does it mean business this time? One indicator of its seriousness, of course, is the upcoming organizational reshuffle. The other would be the next batch of leaders it sends to the Rajya Sabha.

Tenures of several senior leaders, including Ambika Soni, Ghulam Nabi Azad and Digvijaya Singh, are due to end soon, and the Congress will fill these vacancies from the quota allowed to Chhattisgarh, Rajasthan and Jharkhand.While one question is whether the party will fall back on the old guard or bring in a generational shift, speculation is also intense on the possibility of Priyanka Gandhi Vadra being brought into the Upper House. Leaders in Chhattisgarh have reportedly offers to back her entry to the house of elders.

But the party is well aware that such a move will be a double-edged sword. While it may be a good strategy to have Rahul Gandhi lead the charge against ruling BJP in the Lok Sabha and Priyanka in the Rajya Sabha, it would leave the Congress open to shriller accusations of dynasty politics.

The party would also have to consider whether a Rajya Sabha nomination would weaken her campaign in Uttar Pradesh politics or add weight to it politically.

However, with party sources saying no decision has been taken yet, the speculation could turn out to be a damp squib just like reports of Priyanka Gandhi challenging PM Narendra Modi from Varanasi constituency in 2019 Lok Sabha elections.

Among the senior leaders, leader of opposition Ghulam Nabi Azad is almost certain to be nominated again. But waiting in the wings are leaders like Jyotiraditya Scindia, Karuna Shukla, Randeep Singh Surjewala and Bhupinder Singh Hooda.

A Rajya Sabha ticket to even one of them would signal an intent to change. And Priyanka’s entry would be icing on the cake.

केंद्रीय गृह अमित शाह तीन निर्णय लें, या फिर इस्तीफा दे दें : दिग्विजय सिंह

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत द्वारा गुजरात के अहमदबाद में दिए गए बयान को आधार बनाकर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि सीएए वापस लेने, एनपीआर और एनआरसी नहीं लागू करने का शाह निर्णय लें अथवा अपने पद से इस्तीफा दें. दिग्विजय ने अपने ट्वीट में मोहन भागवत के बयान को टैग किया, जिसमें उन्होंने कहा था, “कोई भी खुश नहीं है. हर कोई आंदोलन कर रहा है. मिल मालिक और मजदूर आंदोलन कर रहे हैं. नियोक्ता और कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं. सरकार और जनता आंदोलन कर रही है. छात्र और शिक्षक आंदोलन कर रहे हैं. हर कोई दुखी और असंतुष्ट है.”
सिंह ने भागवत के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया, “सच्चाई कब तक छुपेगी. भागवत जी, आप और आपकी संस्था ने ही मोदी, शाह को समर्थन देकर देश के ये हालात कर दिए. आप और आपकी संस्था मोदी, शाह को समर्थन देना बंद कर दे, जमीन खिसक जाएगी. गुजरात में भागवत जी का यह बयान आया, कुछ संकेत तो देता है. मोदी, शाह राजधर्म नहीं निभा रहे हैं.”

पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने एक अन्य ट्वीट में गृहमंत्री अमित शाह को सलाह दी, “आज अमित शाह जी शाहीन बाग के धरना देने वालों से मिल रहे हैं. तीन निर्णय ले लीजिए, देश में शांति हो जाएगी. सीएए वापस, नो एनपीआर और नो एनआरसी. या फिर मोहन भागवत जी के अहमदाबाद में दिए बयान पर ध्यान देते हुए अपना इस्तीफा दे दीजिए.”

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

चीन नहीं, हिमाचल में तैयार होगा दवाइयों का सॉल्ट, खुलेगा देश का पहला एपीआई उद्योग

नई दिल्ली 01 अगस्त 2021 । नालागढ़ के पलासड़ा में एक्टिव फार्मास्यूटिकल इनग्रेडिएंट (एपीआई) उद्योग …