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रॉबर्ट वाड्रा से पूछताछ पर पहली बार बोलीं प्रियंका गांधी, सामने आया चौंकाने वाला बयान

नई दिल्ली 7 फरवरी 2019 । देश की राजनीति में एक बार फिर उथल पुथल शुरू हो गई है। इस बार वजह रॉबर्ट वाड्रा बने हैं जो गांधी परिवार के दामाद हैं। बुधवार को ईडी ने उनको पूछताछ के लिए बुलाया। अपने पति से पूछताछ पर पहली बार प्रियंका गांधी भड़क उठी हैं। उन्होंने चौंकाने वाला बयान दे दिया है। आखिर वो बयान क्या है, आइए हम आपको बताते हैं।

खुद पति को छोड़ने गई थीं ईडी दफ्तर
प्रियंका गांधी ने बुधवार को कांग्रेस महासचिव का काम संभाला। इससे पहले ही उनकी नियुक्ति हो चुकी थी लेकिन वो अमेरिका में इलाज के सिलसिले में गई हुई थीं। मंगलवार को वापस भारत लौटने के बाद बुधवार को उन्होंने विधिवत कांग्रेस महासचिव का पद संभाला। इससे पहले वो खुद ही अपने पति को ईडी के ऑफिस तक पूछताछ के लिए लेकर गई थीं।

वाड्रा पर लगे हैं गंभीर आरोप
गांधी परिवार के दामाद और प्रियंका के पति रॉबर्ट वाड्रा पर मनी लॉन्ड्रिंग का गंभीर आरोप लगाया गया है। असल में वो लंदन में अपनी संपत्ति को लेकर विवादों में आ गए हैं। ये संपत्ति उन्होंने 19 लाख पाउंड में खरीदी थी। जो सबसे बड़ा आरोप है वो इस संपत्ति से जुड़े नाम पर है जो भगोड़ा हथियार कारोबारी संजय भंडारी है। उसने इस प्रॉपर्टी को खरीदा था और साल 2010 में वाड्रा को बेच दिया था।

जानें पहली बार गुस्साईं प्रियंका ने क्या कहा
पति से पूछताछ पर प्रियंका गांदी पहली बार भड़क उठी हैं। उन्होंने पूछताछ को सीधे राजनीति से जोड़ दिया है। पूछताछ के सवाल पर प्रियंका ने मोदी सरकार पर परोक्ष निशाना साधते हुए सीधे कह दिया है कि पूरी दुनिया को पता है कि यहां क्या हो रहा है। हालांकि उन्होंने सीधे ऐलान कर दिया है कि वो हर हाल में अपने पति रॉबर्ट के साथ खड़ी हैं।

कांग्रेस मुख्यालय में हुई प्रियंका-सिंधिया की ऑफिशियल एंट्री

हाल ही में कांग्रेस की महासचिव बनाई गई प्रियंका गांधी वाड्रा (priyanka gandhi) पार्टी कार्यालय पहुंचीं और कार्यभार संभाला। उनके साथ ही ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया (Jyotiraditya Madhavrao Scindia) ने भी आज अपने दफ्तर पहुंच कार्यभार संभाला। दोनों की ही पहले दिन की तस्वीरें सामने आई हैं जो काफी रोचक हैं। बता दें कि दोनों का दफ्तर कांग्रेस मुख्यालय में एक ही कमरे में है। मंगलवार को जिस कमरे में प्रियंका के नाम की नेमप्लेट लगाई गई था उसी में रातों रात ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम की भी तख्ती लगा दी गई।

पहले प्रियंका पति रॉबर्ट वाड्रा के साथ ईडी के दफ्तर पहुंचीं और फिर वहां से कांग्रेस कार्यालय पहुंचीं। इसी के साथ उन्होंने औपचारिक तौर पर पदभार ग्रहण करते हुए मुलाकातों का सिलसिला भी शुरू कर दिया। पहली बार कांग्रेस मुख्यालय पहुंची प्रियंका ने संवाददाताओं के एक सवाल के जवाब में कहा, ‘मैं अपने पति के साथ खड़ी हूं।’ गौरतलब है कि मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप को लेकर ईडी वाड्रा से पूछताछ कर रही है।

इससे पहले प्रियंका के समकक्ष महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी बुधवार को अपना पदभार संभाला। पार्टी कार्यालय में दोनों को एक कमरा दिया गया है, जिसके बाहर दोनों की नेम प्लेट लगी हुई है। सिंधिया ने दीप जलाकर अपना कार्यभार संभाल लिया था, जिसके बाद उन्हें बधाइयां मिलने लगीं।

मालूम हो कि कांग्रेस के लिए आगामी आम चुनाव में वह खासकर यूपी के लिए प्रभावशाली मानी जा रही हैं। वह उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी की चुनाव तैयारियाें का आगाज लखनऊ में रोड शो के जरिए करने वाली हैं। इस सिलसिले में 11 फरवरी को वह लखनऊ पहुंच सकती हैं। प्रियंका 7 फरवरी को पहली बार पार्टी की किसी आधिकारिक बैठक में शामिल होंगी। यह बैठक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव की तैयारी के मद्देनजर पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बुलाई हुई है।

प्रियंका गांधी ने मीडिया के एक सवाल के जवाब में कहा कि वह अपने पति के साथ खड़ी हैं। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप को लेकर ईडी बुधवार शाम चार बजे से वाड्रा से पूछताछ कर रही है। वाड्रा को अदालत ने पहले ही 16 फरवरी तक के लिए अग्रिम जमानत दे दी है। उधर, प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय पहुंचकर पूर्वी उत्तरप्रदेश की महासचिव का पदभार संभाला। प्रियंका गांधी के कांग्रेस मुख्यालय पहुंचने के साथ ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जमा हो गए और प्रियंका गांधी जिंदाबाद व प्रियंका नहीं ये आंधी है, दूसरी इंदिरा गांधी है के नारे लगाए।

ED ने रॉबर्ट वाड्रा से 5 घंटे तक की पूछताछ, फिर किया जा सकता है समन

रॉबर्ट वाड्रा से मनी लॉड्रिंग के एक केस के सिलसिले में बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय में लंबी पूछताछ चली. ईडी के अधिकारियों ने उनके करीब दो दर्जन सवालों पर पांच घंटे लंबी पूछताछ की. बुधवार शाम करीब चार बजे जब वाड्रा ईडी के दफ्तर पहुंचे तो उनके साथ पत्नी प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद थीं. हालांकि, ED दफ्तर में सिर्फ राबर्ट वाड्रा गए और थोड़ी देर बाहर इंतजार करने के बाद प्रियंका वहां से चली गईं.

पूछताछ के दौरान रॉबर्ट वाड्रा ने संजय भंडारी और उनके चचेरे भाई शिखर चड्ढा के साथ किसी भी व्यापारिक संबंध से इनकार किया. उन्होंने कहा कि मैं मनोज अरोरा को जानता हूं. वे मेरे कर्मचारी थे, लेकिन उन्होंने अरोरा के ईमेल लिखने से इंकार किया. इसके साथ ही वाड्रा ने कहा कि मेरे पास कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लंदन में संपत्ति नहीं है. ईडी वाड्रा को आनेवाले दिनों और भी बुला सकता है.

ED ने पूछा यह सवाल

सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के पहले चरण में वाड्रा से मनोज अरोरा, सुमित चड्ढा, सी. थम्पी और संजय भंडारी के साथ उनके रिश्ते के बारे में पूछा गया. इसके लिए उनका सामना ईमेल और पीएमएलए के तहत दिए गए मनोज अरोरा के बयान से हुआ. दूसरे चरण में विदेशों में उनकी संपत्तियों के बारे में पूछताछ की गई. इनमें लंदन में खरीदी गई 8-9 संपत्तियां- तीन विला और छह फ्लैट हैं. इनके भुगतान के लिए एक ही मोडस ऑपरेंडी का उपयोग किया गया था. तीसरे चरण में रक्षा और पेट्रोलियम सौदे के बिचौलियों के संबंध में पूछताछ की जाएगी.

गौरतलब है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत में अर्जी लगाई थी. मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनकी इस अपील पर सुनवाई करते हुए पिछले हफ्ते ही दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने उन्हें राहत दे दी. वाड्रा के वकील केटीएस तुलसी ने कोर्ट को यह आश्वासन दिया था कि उनके मुवक्किल वाड्रा जांच में सहयोग करेंगे.

कोर्ट ने वाड्रा को 16 फरवरी तक गिरफ्तारी से राहत दी और कहा कि वाड्रा को पूछताछ के लिए 6 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश होना होगा. इससे पहले अदालत ने वाड्रा के करीबी सहयोगी मनोज अरोड़ा की गिरफ्तारी पर 6 फरवरी तक अंतरिम रोक लगा दी थी.

बीजेपी पर बदले की कार्रवाई का आरोप

कई दिनों से वह देश से बाहर थे, लेकिन मंगलवार रात दिल्ली पहुंच गए हैं. सूत्रों के मुताबिक रॉबर्ट ने अपने करीबियों से कहा कि वह देश के कानून का सम्मान करते हैं और बीजेपी सरकार द्वारा बेवजह निशाना बनाये जाने के बावजूद वो कानून के लिहाज से ही काम करेंगे. रॉबर्ट ने कहा कि साढ़े चार साल बीत गए, हरियाणा, राजस्थान और केंद्र में बीजेपी की सरकार रही, तब क्यों कुछ नहीं किया. सिर्फ बदले की भावना से हो रहा एक्शन.

क्या है मामला

रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ चल रहा केस लंदन के 12 ब्रायंस्टन स्क्वायर पर स्थित एक संपत्ति की खरीद में मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) के आरोपों से जुड़ा है. यह प्रॉपर्टी 19 लाख पाउंड में खरीदी गई थी और इसका मालिकाना रॉबर्ट वाड्रा के पास है.

जांच एजेंसी ने अदालत को बताया था कि भगोड़े हथियार व्यापारी संजय भंडारी के खिलाफ आयकर विभाग काला धन अधिनियम एवं कर कानून के तहत जांच कर रहा है. इसी दौरान मनोज अरोड़ा की भूमिका सामने आई, जिसके आधार पर मनी लॉन्ड्र‍िंग का केस दर्ज किया गया.

आरोप ये है कि लंदन स्थित इस संपत्ति को 19 लाख पाउंड में संजय भंडारी ने खरीदा था और 2010 में इसे इतनी ही राशि में बेच दिया गया. जबकि उसी मरम्मत, साजसज्जा पर करीब 65,900 पाउंड खर्च किया गया था, बावजूद इसके खरीद दाम में ही प्रॉपर्टी रॉबर्ट वाड्रा को बेची गई.

ओडिशा में गरजे राहुल, मोदी ने उद्योगपतियों का लोन किया माफ लेकिन किसानों का नहीं

लोकसभा चुनाव में कुछ वक्त ही बचा है। और राजनैतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी। नेताओं ने चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। नेता जनता को लुभाने और दूसरी पार्टी की कमियां गिनाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। इसी के तहत कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बुधवार को ओडिशा दौरे पर हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष पद संभालने के बाद राहुल गांधी दूसरी बार ओडिशा आए हैं। भवानीपाटना में जनसभा को संबाधित करते हुए उन्होंने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार ने 15 उद्योगपतियों का साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये का लोन माफ कर दिया, लेकिन किसानों का कर्ज माफ नहीं किया। केद्र और ओडिशा की नवीन पटनायक सरकार किसानों, आदिवासियों और दलितों के लिए काम नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आदिवासियों की जमीन के संरक्षण के लिए काम करेगी।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने मनरेगा छीना। यूपीए ने मनरेगा चलाने के लिए 35 हजार करोड़ रुपये में चलाते थे लेकिन भाजपा ये पैसा 10 लोगों की जेब में डाल दिया। वहीं इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सुबह जगदलपुर हवईअड्ड पहुंचे जहां मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राज्य के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा सहित विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया।

भाजपा में चिंता की लकीरें , कैसे रोकें प्रियंका का रथ

पश्चिम बंगाल में भले ही शारदा चिटफंड के जरिये भाजपा ने ममता सरकार पर निशाना साधा हो , लेकिन उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी की एंट्री से भाजपाई परेशान नजर आ रहे हैं। वह अभी यह रणनीति तय नहीं कर पा रहे हैं कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का रथ कैसे रोका जाए।
लोकसभा चुनावों के मददे नजर कांग्रेस ने जहां अपना अंतिम पत्ता खोल दिया है वहीं भाजपा अभी अपनी चाल चलने के इंतजार में हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाने से भाजपाई सकते में आ गये हैें। हालांकि भाजपा की जोडी अभी प्रियंका को हल्के में ले रही है, लेकिन मन ही मन डर भी है कि कहीं पासा ना पलट जाये। भाजपाई जोडी ने प्रियंका का काट करने के लिए रणनीतिकारों से चर्चा शुरू कर दी है। अब देखना है कि भाजपा अपनी जोडी के साथ लोकसभा चुनावों में कैसे नैय्या पार लगाती है इसका इंतजार रहेगा।

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