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पीएससी ने किया व्यापम की तर्ज पर घोटाला

भोपाल 11 मार्च 2019 । पीएससी ने किया व्यापम की तर्ज पर घोटाला विधानसभा चुनाव के पूर्व भाजपा शासनकाल में व्याख्याता दृष्टि बाधित एवं श्रवण बाधित के 20 पदों की नियुक्ति हेतु विज्ञापन जारी किया गया था व्याख्याता श्रवण बाधित पद हेतु योग्यता स्नातकोत्तर संबंधित क्षेत्र में B.Ed एवं 2 वर्ष का स्पीच थेरेपी में अध्यापन का अनुभव चाहा गया था। विदित हो कि स्पीच थेरेपी का अनुभव मेडिकल क्षेत्र से संबंधित है बीएड के आधार पर अर्जित नहीं किया जा सकता। पीएससी द्वारा इंदौर शहर की एक ही संस्थान से पांच एक्सपर्ट बुलाकर इंदौर के ही लोगों का उसमें चयन कर दिया गया आश्चर्य की बात तो यह है कि एक्सपर्ट ने अपने ही साथी को उक्त पद हेतु चयनित कर दिया विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि उक्त पद हेतु भारी मात्रा में रिश्वत ली गई है। सूत्रों की मानें तो शिक्षक पद पर पदस्थ एक्सपर्ट के रूप में पीएससी में परामर्श हेतु आमंत्रित किए जाने पर इंदौर के ही अपने साथियों को चयन सूची में प्राथमिकता दे दी और उन्हें साक्षात्कार हेतु आमंत्रण पत्र जारी करवा दिया गया। पीएससी के अधिकारियों से संपर्क होने पर एक्सपर्ट के रूप में गए लोगों ने पीएससी के अधिकारियों से या अनुरोध किया कि वह साक्षात्कार के समय साक्षात्कार लेने हेतु उन्हें आमंत्रित करें ताकि वे लोग अपने साथियों को चयनित कर सकें। सांठगांठ होने पर इंदौर शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ श्रीमती रेखा जोशी श्री सत्यनारायण यादव श्रीमती मृदुला चौहान एवं इंदौर संभाग के प्रभारी संयुक्त संचालक बीसी जैन साक्षात्कार लिए जाने हेतु पीएससी द्वारा आमंत्रित किए गए थे इन लोगों के द्वारा उम्मीदवार श्रीमती राखी फड़नीस श्री प्रभात तिवारी शिव शंकर कपूर श्रीमती अनुश्री मराठे श्री सतीश गूलहर नीता कचेरिया सोनल दुबे सुनील त्रिवेदी को व्याख्याता श्रवण बाधितार्थ के पद पर चयनित कर दिया गया विशेष ध्यान देने वाली बात तो यह है कि दिनांक 6 को शासन द्वारा आनन-फानन में आचार संहिता के पूर्व आदेश जारी कर दिए गए जबकि इसमें भ्रष्टाचार की जांच की जाना थी सारे उम्मीदवार इंदौर के ही निवासी हैं तथा साक्षात्कार समिति के एक्सपर्ट के रूप में सम्मिलित हुए सदस्य भी इंदौर के ही निवासी है और एक दूसरे के आपसी घनिष्ठ परिचित है। इन उम्मीदवारों के पास आदेश पर हस्ताक्षर होते ही आदेश की प्रति पहुंच गई और वह कार्यभार ग्रहण करने हेतु अपने अपने स्थान पर पहुंचे आदेश की मूल प्रति प्राप्त ना होने पर कार्यालय प्रमुख द्वारा उन्हें बताया गया है कि हमारे पास अभी आदेश की कॉपी नहीं पहुंची है आदेश की कॉपी पहुंचने पर आपको कार्यभार ग्रहण करवाने की कार्यवाही की जावेगी इस संबंध में संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय कार्यालय से संपर्क करने पर उनके द्वारा आयुक्त कार्यालय में चर्चा की गई आयुक्त द्वारा बताया गया कि अभी तो हम लोगों के पास भी कॉपी नहीं पहुंची है। पूरी भर्ती प्रक्रिया व्यापम के तर्ज पर पीएससी घोटाले की ओर इशारा कर रही है इस पूरी प्रक्रिया की जांच की जाना चाहिए और दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए।

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