मुख्य पृष्ठ >> खास खबरें >> पल्स जा चुकी है शरीर चैतन्य है डॉक्टर भी आश्चर्यचकित

पल्स जा चुकी है शरीर चैतन्य है डॉक्टर भी आश्चर्यचकित

नई दिल्ली 19 अक्टूबर 2019 । यम सल्लेखना देखकर डॉक्टर भी आश्चर्यचकित हैं कि ऐसा आखिर हो कैसे सकता है दिगंबर जैन समाज के संत मुनि श्री चिन्मय सागर जी महाराज की यम सल्लेखना प्रारंभ हो चुकी है

डॉक्टर आज समाधिरत मुनि श्री चिन्मय सागर जी महाराज का chek up कर बोले, इनकी पल्स जा चुकी है, bp देखकर डॉक्टर बोले मेडिकल साइंस कह रहा है की इनमे प्राण शेष नही है, लेकिन डॉक्टर भी आश्चर्यचकित थे की इसके बाद भी मुनि श्री की चैतन्य थे। आज सुबह का नजारा देखकर डॉक्टर भी दातो तले ऊँगली दबाकर लौट गये।।

परम पुजय मुनि श्री चिन्मय सागर जी जंगल वाले बाबा के पास डाक्टर की टीम जाँच करने आयी तो डाक्टर ने मशीन लगाकर जाँच कर कन्नड़ भाषा में कहा कि महाराज की समाधि हो चुकी है तो महाराज जी ने सुन लिया आँख खोल कर डाक्टर का हाथ पकड़ कर अपने सीने पर रखवाया व कहा कि चेक करो मैं जाग्रत हु डाक्टर चकित रह गये व का कि महाराज के न तो पल्स आ रहे हैं व नाडी देखने से पता चला कि नाडी में भी कोई धड़कन नहीं है यह बात प्रकाश जी मोदी ने बताया वो उस समय पास में खड़े थे उन डाक्टर ने पारस चैनल पर इंटरव्यू में बताया Miracle चमत्कार है सिरफ दिमाग व दिल की धड़कन काम कर रही है व महाराज जी अभी मेरे इस पोसट के लिखने समय तक जो उनके पास रहता है वह पारस ने बताया कि अभी महाराज ने उसे बात कर कुछ निर्देश दिये ये आज के युग में चमत्कार ही है जमनालाल जैन हपावत मुबंई

मुनि श्री चिन्मय सागर जी महाराज जंगल वाले बाबा के नाम से जाने जाते हैं महाराज जी का अधिकांश समय जंगल के क्षेत्रों में गुजरा है वह शहर से बिल्कुल दूर जंगलों में रह कर अपनी तपस्या कर एवं आहार के वक्त छोटे गांव में चले जाया करते है मुनि श्री ने कड़ी तपस्या साधना एवं ध्यान किए हैं वर्तमान में उनकी एम सल्लेखना चल रही है जिसको डॉक्टर ने चेकअप के बाद बताया कि इनकी पल्स जा चुकी है एवं बीपी देख कर डॉक्टर बोले कि मेडिकल साइंस में ऐसा नामुमकिन है कुछ ना होने के बाद भी इनका शरीर चैतन्य है ऐसा कैसे संभव है भगवान ही जाने

सबसे कठिन यम सल्लेखना मे लीन हुए दिगंबर संत मुनि श्री चिन्मय सागर जी महाराज जंगल वाले बाबा

अभी अभी शाम ६.२१ बजे जंगल वाले बाबा मुनि श्री चिन्मय सागर जी महाराज की उनके जन्म स्थान जुगुल गाँव में हो गयी हमें भी अंतिम समय में कमरे में प्रकाश जी मोदी सुमनलता भाभी व उनके भाई भाभी व पुत्र अभिषेक भैया के साथ कमरे में दर्शन का लाभ मिला जय हो मुनि श्री चिन्मय सागर जी महाराज की अब वो देव बन चुके होंगे जमनालाल जैन हपावत मुंबई

महराजश्री की समाधि साक्षात देखने का एवं उनके आखिरी बार चरण छूने का सौभाग्य मिला… जय हो जंगल वाले बाबा की प.श्रेयश जैन

पहले से ही जानते थे जंगल वाले बाबा कि उनका देवलोक गमन कब होगा

जंगल वाले बाबा कई भाषाओं के ज्ञानी थे
एवं कई भाषाओं में प्रवचन देते थे

जंगल में रहते थे जंगल वाले बाबा

जंगल वाले बाबा के चरणों में शेर चीता भालू हाथी सांप आदि सब बैठते थे

समाज को पारस चैनल जैसा चैनल देकर अन्य धर्मों को भी सीख दी धर्मों के चैनल स्थापित करने की

पिछले 1 वर्ष से बीमार होने के बावजूद भी जंगल वाले बाबा ने कोई दवाई नहीं ली और सल्लेखना में लीन हुए

अंतिम समय में सबसे कठिन सल्लेखना यम सल्लेखना लेकर अपने आपको प्रभु में लीन किया

हजारों भक्तों के बीच में यम सल्लेखना हुई महाराज श्री की

कई संतों के बीच में रहकर यम सल्लेखना पूर्ण महाराज श्री की

जंगलों में घोर एवं कठिन तपस्या करते थे जंगल वाले बाबा कई बार तो कई कई दिनों तक जंगल से गांव में भी नहीं आ पाते थे जंगल वाले बाबा जब गांव वाले और समाज वालों को चिंता होती थी तो बाबा को संपूर्ण समाज ढूंढने जाता था और पाता था कि बाबा ध्यान में लीन हैं एवं तपस्या कर रहे हैं

शनिवार 19 अक्टूबर की सुबह 6:30 बजे से ही मुनि श्री के अंतिम दर्शन का लाभ प्रारंभ हो जाएगा महाराजा के प्रवचन के पश्चात जंगल वाले बाबा का डोला निकलेगा जो शहर के प्रमुख मार्ग होता हुआ पहुंचेगा

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

राहुल ने जारी किया श्वेतपत्र, बोले- तीसरी लहर की तैयारी करे सरकार

नई दिल्ली 22 जून 2021 । कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस …