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राहुल गांधी ने दिया PM को चैलेंज, बोले- मोदी मुझसे 15 मिनट राफेल पर कर लें बहस

भोपाल 18 नवम्बर 2018 । छत्‍तीसगढ़ दौरे के दौरान कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी बीजेपी और खासकर पीएम मोदी पर जमकर हमले कर रहे हैं. शनिवार को सरगुजा में रैली के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी किसी भी मंच पर आकर मुझसे 15 मिनट राफेल पर बहस करें.

राहुल यहीं नहीं रुके. उन्होंने यह भी कहा कि मोदी किसी भी प्रदेश में 15 मिनट मेरे साथ खड़े हो जाएं. वे 15 मिनट मुझे बोलने दें और फिर उतनी ही देर वे बोलें.

बता दें कि शुक्रवार को अंबिकापुर में ही चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा था कि, ‘कांग्रेस वाले कह रहे हैं कि नेहरू की वजह से चायवाला प्रधानमंत्री बना, तो एक बार 5 साल के लिए अपने परिवार के बिना किसी को पार्टी का अध्यक्ष बनाकर दिखा दो.’

मोदी के इस चैलेंज पर पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने शनिवार को एक के बाद एक ट्वीट करते हुए जोरदार जवाब दिया. उन्होंने 15 नाम गिनाए जो कांग्रेस अध्यक्ष बने और गांधी परिवार से बाहर के थे.

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष अपने मध्य प्रदेश दौरे से समय निकालकर अचानक छत्तीसगढ़ के कोरिया और बैकुंठपुर में चुनावी सभाएं करने पहुंच गए. कांग्रेसी उम्मीदवारों के साथ सभास्थल पर पहुंचे राहुल को देखकर वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ता और आम लोग हैरानी में पड़ गए.

राहुल गांधी ने आज कोरिया में चुनावी जनसभा में राज्य की बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 15 सालों में राज्य में 2 छत्तीसगढ़ बन गए हैं, एक गरीबों का और दूसरा अमीरों का. हमारी सरकार इसे खत्म करके रहेगी.

वहीं, सरगुजा में उन्‍होंने कहा कि मोदी किसी भी प्रदेश में 15 मिनट मेरे साथ खड़े हो जाएं. 15 मिनट मुझे बोलने दें और 15 मिनट खुद बोलें.

बीजेपी पर लगाए वादाखिलाफी के अारोप

ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे राहुल गांधी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब छत्तीसगढ़ बना, तब आपका सपना था कि यहां की जल, जंगल, जमीन, कोयला, खनिज का फायदा मिलेगा, लेकिन 15 सालों में आपने देखा कि राज्य में दो छत्तीसगढ़ बन गए. एक अमीरों का, सूट-बूट वालों का, बड़े-बड़े उद्योगपतियों का और दूसरा आम जनता का, महिलाओं का, युवाओं का. हमें दो नहीं एक छत्तीसगढ़ चाहिए, और उसमें न्याय चाहिए.

कोरिया जिले के बैकुंठपुर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी ने फसल का सही दाम देने का वायदा किया था, लेकिन आपको मिलता कितना है. यह केवल छत्तीसगढ़ की हालत नहीं पूरे देश की हालत है. नरेंद्र मोदी की सरकार ने 10 मनरेगा के बराबर 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए केवल 15 लोगों का कर्जा माफ किया है, लेकिन किसानों का एक रुपया तक माफ नहीं किया.

राहुल गांधी ने ऐसे उद्योगपतियों का नाम गिनाते हुए पीएम मोदी पर हमला किया. उन्होंने रमन सिंह पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि वो दिनभर किसानों की बात करते हैं, लेकिन उन्होंने न केवल आपका बोनस छीना बल्कि कर्जा माफ नहीं किया और फसल का सही दाम भी नहीं दिया.

किसानों को 10 दिन में कर्ज माफी का किया वादा

भाषण के दौरान राहुल गांधी ने किसानों से वादा किया कि राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के 10 दिनों के भीतर उनका कर्जा माफ होगा. उन्होंने कहा, ‘नरेंद्र मोदी को मैं छत्तीसगढ़ से जवाब देना चाहता हूं, जैसे ही कांग्रेस की सरकार यहां आएगी, 10 दिन के अंदर सरकार हर किसान का कर्जा माफ कर देगी. यह काम हमने पंजाब में किया, कनार्टक में किया, और सरकार आने पर छत्तीसगढ़ में भी करेंगे. यही नहीं हम बोनस देने के साथ रमन सिंह ने जो दो सालों का बोनस छिना है, उसे भी हम आपको वापस दे देंगे.’

कूरियर के बंडल में बांधकर ट्रेन से भेजे गए हवाला के करोड़ों रुपए, ऐसे हुआ खुलासा

जबलपुर में हवाला का काम करने वालों की लिस्ट लंबी होती जा रही है। आयकर विभाग की इंवेस्टिगेशन विंग की छापेमारी के बाद खुलासा हुआ है कि शहर का तीसरा हवाला कारोबार मधुर कूरियर से चल रहा था। आयकर विभाग ने छापा मारकर कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। सूत्रों की मानें तो ट्रेन के साथ मधुर कूरियर से हवाला के करोड़ों रुपए मुंबई, दिल्ली समेत 20 शहरों में भेजे गए।

आईटी इंवेस्टिगेशन विंग को मिली जानकारी में करमचंद चौक से लगे कॉफी हाउस के सामने वाली गली में इसका दफ्तर था, जहां से यह काम किया जा रहा था। कूरियर के बंडल में करोड़ रुपए पैक होकर ट्रेन से जाते थे।अतुल खत्री और पंजू गिरी गोस्वामी के बाद आईटी ने शहर के तीसरे हवाला कारोबारी को पकड़ने के बाद चौथे की तलाश शुरू कर दी है। हालांकि कूरियर कंपनी के दफ्तर से मिले दस्तावेज में आईटी को यह पता चल गया है कि शहर में हवाला का कारोबार कैसे और किसकी मदद से चल रहा था। शहर से 15 से 20 हवाला कारोबारी के नाम सामने आ रहे हैं, जिसमें रेडीमेड गारमेंट, मसाला, परचून और स्टील का कारोबार करने वाले लोग मुख्य तौर पर हैं।बालाघाट के धर्म ज्वेलर्स के यहां की गई छापेमारी में हवाला से जुड़े सबूत मिले हैं, जिसके बाद शुक्रवार को उसने 4 करोड़ रुपए आईटी इंवेस्टिगेशन विंग के सामने सरेंडर किए। इधर शुक्रवार को इंवेस्टिगेशन विंग ने सतना में भी छापेमारी की। यहां से दिल्ली के व्यापारी विपिन धींगरा को पकड़ा है। इससे चार करोड़ रुपए पकड़े गए, जिसका हवाला किया जा रहा था। इससे मिले सबूत में यह जानकारी सामने आई है कि विपिन दिल्ली का दो नंबर का पैसा सतना में एक नंबर में बदलता था। इसमें हवाला का काम मुख्यतौर पर शामिल था।

राजस्‍थान में कांग्रेस का बड़ा दांव, वसुंधरा राजे के खिलाफ लड़ेंगे जसवंत सिंह के बेटे

कांग्रेस ने राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को 32 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। पार्टी ने बड़ा दांव खेलते हुए झालरापाटन से भाजपा के पूर्व नेता मानवेन्द्र सिंह को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को खिलाफ मैदान में उतार दिया है। दरअसल, राजे ने झालरापाटन सीट से आज अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है।

32 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी
कांग्रेस महासचिव मुकुल वासनिक ने यहां यह सूची जारी की, जिसमें सबसे प्रमुख नाम भाजपा से हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए मानवेंद्र सिंह का है। मानवेंद्र पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता रहे जसवंत सिंह के पुत्र हैं। कांग्रेस ने गत 15 नवंबर की रात उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। इस सूची में 152 उम्मीदवारों के नाम थे। पहली सूची में कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत, सचिन पायलट और सी पी जोशी को भी चुनाव मैदान में उतारा। गहलोत सरदारपुरा विधानसभा सीट से, सचिन पायलट टोंक से और सीपी जोशी नाथद्वारा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

वसुंधरा के खिलाफ चुनौती स्वीकार: मानवेंद्र सिंह
उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद मानवेंद्र ने कहा कि राहुल गांधी और केंद्रीय चुनाव समिति ने मुझ पर विश्वास जताया है। मैं उनका आभारी हूं। यह एक चुनौती है, जिसे स्वीकार करता हूं। उन्होंने कहा कि यह पहले से तय नहीं था। पार्टी की ओर से अचानक से मुझसे कहा गया। मेरी इच्छा लोकसभा चुनाव लड़ने की थी और वह आज भी है। लेकिन फिलहाल पार्टी ने यह जिम्मेदारी दी है, जिसे मैं पूरी तरह निभाऊंगा। बता दें कि मानवेंद्र सिंह पिछले कुछ समय से भाजपा से नाराज चल रहे थे और हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए थे।

500 करोड़ के मालिक हैं कांग्रेस के सिंहदेव, रुबिना के पास सिर्फ 104 रुपए

छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में अमीर और गरीब उम्मीदवारों के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल रहा है. तमाम उम्मीदवारों ने चुनाव आयोग के पास अपनी संपत्ति का ब्योरा पेश किया है. अंबिकापुर से कांग्रेस उम्मीदवार टीएस सिंहदेव के पास 500 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है, तो रायपुर दक्षिण से निर्दलीय उम्मीदवार रुबिना अंजुम के पास सिर्फ 104 रुपए है और कोई अचल संपत्ति नहीं है.

पहले नंबर पर सबसे ज्यादा संपत्ति के मालिक कांग्रेस के अंबिकापुर से उम्मीदवार टीएस सिहंदेव, दूसरे नंबर पर राजिम से उम्मीदवार अमितेश शुक्ला और तीसरा सबसे अमीर कवर्धा से निर्दलीय कीर्तिदेव सिंह हैं. अमितेश की घोषित संपत्ति 74 करोड़ और कीर्तिदेवी की 54 करोड़ है. कीर्तिदेवी कवर्धा राजपरिवार के योगेश्वर राज सिंह की पत्नी हैं और कांग्रेस से बागी होकर चुनाव मैदान में हैं. खास बात यह है कि 1057 उम्मीदवारों में से 19 उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति शून्य घोषित की है. इसमें रायपुर दक्षिण से निर्दलीय नसीम अंसारी के पास 500 रुपए और बिलासपुर से निर्दलीय राधेश्याम शर्मा के पास सिर्फ 1000 रुपए है.

चुनाव मैदान में 23 फीसदी करोड़पति उम्मीदवार मैदान में हैं. कांग्रेस के 74 फीसदी, बीजेपी के 85 फीसदी, जकांछ के 76 फीसदी, बसपा के 48 फीसदी और आप के 20 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति हैं. उम्मीदवारों की घोषित संपत्ति में पांच करोड़ से ज्यादा वाले सात फीसदी, दो करोड़ से पांच करोड़ वाले सात फीसदी, 50 लाख से दो करोड़ वाले 19 फीसदी, दस लाख से 50 लाख वाले 25 फीसदी और दस लाख से कम संपत्ति वाले 42 फीसदी उम्मीदवार हैं.

सबसे अधिक देनदारी के मामले में अव्वल नंबर पर बीजेपी के तीन उम्मीदवार हैं. सबसे अधिक छह करोड़ की देनदारी कोरबा से उम्मीदवार विकास महतो की है. वहीं दूसरे नंबर पर प्रतापपुर से उम्मीदवार रामसेवक पैकरा और तीसरे नंबर पर महासमुंद से उम्मीदवार पूनम चंद्राकर हैं. पैकरा पर छह करोड़ और पूनम पर पांच करोड़ से ज्यादा का कर्ज है. 21 उम्मीदवारों ने अपनी देनदारी एक करोड़ से ज्यादा घोषित की है.

चुनाव मैदान में उतरने 57 फीसदी उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता पांचवीं, आठवीं और 12वीं पास है. 36 फीसदी स्नातक और 3 फीसदी सिर्फ साक्षर हैं. शपथ पत्र में नौ उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता असाक्षर घोषित की है और पांच उम्मीदवारों ने घोषित नहीं की है.

विधानसभा चुनाव मैदान में भाग्य आजमा रहे 130 यानी 12 फीसदी उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. इसमें नौ फीसदी पर रिश्वतखोरी, हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं. आपराधिक मामलों का दलवार विश्लेषण किया गया तो पाया गया कि कांग्रेस के 25 फीसदी, बीजेपी के 8 फीसदी, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के 33 फीसदी, आप के 26 फीसदी उम्मीदवार दागी हैं. दूसरे चरण की 17 विधानसभा में तीन या इससे ज्यादा उम्मीदवारों ने आपराधिक मामले घोषित किए हैं. एक करोड़ से ज्यादा आयकर जमा करने वालों में कोरबा के विशाल केलकर, विकास महतो और बिलासपुर के अमर अग्रवाल हैं. दूसरे चरण में 1057 उम्मीदवारों के शपथ पत्र की ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म’ (एडीआर) ने समीक्षा की. इनमें 11 फीसदी महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ रही हैं. वहीं, 42 फीसदी उम्मीदवार 25-40 आयुवर्ग, 48 फीसदी 40-60 आयुवर्ग, 9 फीसदी 61-70 आयुवर्ग और एक उम्मीदवार की उम्र 80 वर्ष से अधिक है.

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