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हर वादा तोड़ा है प्रधानमंत्री ने: राहुल गांधी

नई दिल्ली 30 नवम्बर 2018 । कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि उन्होंने अपना हर एक वादा तोड़ा है, यहां तक कि ‘‘ईमानदार’ प्रधानमंत्री होने का भी।

तेलंगाना राज्य में विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच यहां छात्रों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुये कांग्रेस अध्यक्ष ने किसानों की कर्ज माफी का भी जोरदार समर्थन किया।

गांधी ने कहा कि मोदी और तेलंगाना के कार्यवाहक मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने ‘‘कई, कई, कई वादे’’ किए लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने वादा किया कि हर नागरिक के बैंक खाते में 15 लाख रूपये आ जायेंगे, हर साल युवाओें के लिए दो करोड़ नौकरियों होगीं, किसान की कर्ज माफी और किसानों की पैदावार का न्यायोचित न्यूनतम समर्थन मूल्य… । उन्होंने यह भी वादा किया था कि वह देश के ‘‘चौकीदार’’ होंगे न कि प्रधानमंत्री।’’

गांधी ने कहा, ‘‘आपने देखा होगा कि उन्होंने हर एक वादा तोड़ दिया है। उन्होंने ईमानदार प्रधानमंत्री होने का वादा भी तोड़ दिया।’’

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने राफेल सौदे में उद्योगपति अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ रूपये दे दिये, लेकिन किसानों को उनका हक नहीं दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर प्रधानमंत्री 15 लोगों के तीन लाख पचास हजार करोड़ रुपये माफ कर सकते हैं…वह भी देश के सबसे अमीर लोगों के, तो उन्हें भारत के किसानों के कर्ज माफ करने के लिए तैयार होना चाहिए।’’

गांधी ने कहा, ‘‘हम सिर्फ इतना कह रहे हैं कि आप सबके साथ निष्पक्ष रहें। अगर आप देश के सबसे अमीर लोगों के कर्ज माफ कर रहे हैं तो आपको देश के किसानों के साथ भी ऐसा ही करना चाहिए।’’

निजी शैक्षणिक संस्थानों द्वारा आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी निष्पक्षता में विश्वास करती है और इसकी सभी नीतियां समाज के विभिन्न वर्गों के लिए समान रूप से काम करने के लिए तैयार की जाती हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि राव को नव निर्मित राज्य को बनाने और नए तरीकों से काम करने का सुनहरा मौका मिला, लेकिन उन्होंने “भ्रष्टाचार में शामिल होकर और पारिवारिक शासन को बढ़ावा देकर” इसे खत्म कर दिया।

गांधी ने कहा, “मुझे अपने लोगों से झूठ बोलने की आदत नहीं है। मेरी झूठे वादे करने की आदत नहीं है। मैंने कर्नाटक और पंजाब के किसानों से कर्ज माफी का वादा किया था, और जब हमें वहां सत्ता में आये, तो हमने ऐसा ही किया।’’

गांधी ने कहा कि वह हर साल दो करोड़ नौकरियां देने या लोगों के बैंक खातों में 15 लाख रुपये जमा करने जैसे लंबे चौड़े वादे नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा, “यह मेरी विश्वसनीयता का विषय है और मैं इसे बहुत गंभीरता से लेता हूं।”

गांधी ने राज्य में सत्तारूढ़ टीआरएस सरकार पर बड़े कॉर्पोरेट संस्थानों का पक्ष लेने का आरोप लगाया।

कांग्रेस के घोषणापत्र का जिक्र करते हुए, उन्होंने सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थानों के कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा, “उचित” बिजली दरें और नगरपालिका और संपत्ति करों में कमी करने का वादा किया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अगर वे सत्ता में आते हैं, तो कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन टीआरएस सरकार की नीतियों के परिणामस्वरूप विफल हुये हजारों अल्पसंख्यक संस्थानों को पुनर्जीवित करेगा।

मप्र में 132 से अधिक सीट जीतकर सरकार बनाएगी कांग्रेस : दिग्विजय

भोपाल, 29 नवंबर (भाषा) वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि कांग्रेस मध्य प्रदेश में 132 से अधिक सीट जीतकर अपनी सरकार बनाएगी। प्रदेश में कुल 230 विधानसभा सीट हैं। मध्य प्रदेश में कल मतदान हुआ था जिसमें कुल 75 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। मतों की गिनती 11 दिसंबर को होगी।

प्रदेश में 1993 से 2003 तक दस साल के कांग्रेस शासन काल में मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रदेश में हम 132 से अधिक सीटों पर विजय हासिल कर सरकार बनायेंगे।’’ प्रदेश में भाजपा पिछले 15 साल से सत्तारूढ़ है। उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2013 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में प्रदेश में लगभग तीन प्रतिशत फर्जी मतदाता थे। इस बार विधानसभा चुनाव से पहले हमने मतदाता सूची से इनकी लगभग छंटनी करवा दी।’’ सिंह ने कहा कि इस बार हुए चुनाव में जीत के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना दिल, दिमाग, शरीर और आत्मा सबकुछ लगा दिया। इस बार कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जीत के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा, ‘‘इस बार चुनाव जनता और सरकार के बीच हुआ है।’’ प्रदेश में 11 दिसंबर को मतगणना के बाद चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।

इस राज्य में बहुमत में आ रही है कांग्रेस, भाजपा की हार तय
सट्टा बाजार की माने तो मध्यप्रदेश में कांग्रेस बहुमत की तरफ बढ़ती नजर आ रही है जबकि भाजपा चुनाव हार सकती है।
28 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव 2018 के मतदान के बाद सट्टा बाजार का रुख अब बदला हुआ है। 20 दिन पहले तक सट्टा बाजार जिस पार्टी की जीत का दावा कर रहा था, अब माहौल इससे बदलता हुआ नजर आ रहा है। प्रदेश के सट्टा बाजार का मानना है कि भाजपा चुनाव हार सकती है और कांग्रेस जीत रही है।

मध्यप्रदेश में मतदान 28 नवंबर को हो गया है। सट्टा बाजार की माने तो कांग्रेस के पक्ष में हवा है। और वह सरकार बनाने की तरफ आगे बढ़ रही है। इसी लिए कांग्रेस पर ज्यादा पैसा लगाया गया। इसके उलट मतदान आते-आते भाजपा के पक्ष में पैसा कम लगने लगा। सट्टा बाजार में कांग्रेस को पहली पसंद बताते हुए ज्यादा पैसा लगाना शुरू कर दिया।

दूसरी तरफ मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक 20 दिन पहले मध्यप्रदेश के सट्टा बाजार में भाजपा की हवा थी। जबकि हवा का रुख पलटते देर नहीं लगी और सट्टेबाजों ने स्थिति पलट दी। भोपाल का सट्टा बाजार 230 सीटों में से कांग्रेस को 116 से ज्यादा सीटें मिलने का दावा कर रहा है, जबकि भाजपा के पक्ष में 102 सीटें मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। यानी कांग्रेस बहुमत के आंकड़े तक पहुंच सकती है।

20 दिन में बदल गया हवा का रुख
सट्टा बाजार के ट्रेंड के मुताबिक मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा के रेट से यह संकेत मिले थे कि दोनों राज्यों में बीजेपी मुश्किल के बावजूद वापसी कर सकती है। बीजेपी पर 10 हजार रुपए लगाने वाले को पार्टी की जीत पर 11 हजार रुपए मिलने की बातें सामने आई थीं। जबकि यदि कांग्रेस पर कोई 4,400 रुपए लगाने वाले को जीत के बाद 10 हजार रुपए मिलने दिए जाने की खबरें थीं। अब स्थिति पलट गई है। अब कांग्रेस पार्टी पर ज्यादा भाव लग रहे हैं।

बुकी मानते हैं कि 20 दिन पहले उम्मीद थी कि भाजपा मध्यप्रदेश में फिर से सरकार बना रही है, जबकि कांग्रेस की उम्मीद कम है। छत्तीसगढ़ में भी भाजपा जीत हासिल करने का दावा किया गया था। कांग्रेस राजस्थान में आ सकती है। बुकी का कहना है कि टिकट बंटवारे के बाद सट्टे के रेट में अंतर आ गया था। लेकिन, कांग्रेस के प्रचार अभियान को देखते हुए सट्टे बाजार में भी कांग्रेस प्रत्याशियों पर ज्यादा पैसा लगने लगा है। यानी अब कांग्रेस पार्टी की हवा बन रही है।

यह भी कहते हैं सट्टेबाज
-कुछ सट्टेबाज यह भी कहते हैं कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस वापसी करे यह मुश्किल लगता है। क्योंकि भाजपा पर सट्टा लगाने वालों का प्राफिट मार्जिन कम है। और कांग्रेस का ज्यादा है।
-टिकट बंटवारे के बाद हुई उथल-पुथल के बाद रेट में अंतर आ गया है, लेकिन सट्टा बाजार के मुताबिक एमपी-छग में भाजपा और राजस्थान में कांग्रेस का ट्रेंड फिलहाल बदल सकता है।

मुश्किल है सटोरियों को पकड़ना
देश में किसी भी बात पर सट्टा लगाना गैर कानूनी है। सट्टा बाजार कभी दिखता नहीं है, इसलिए इसको पकड़ना बहुत मुश्किल होता है। क्योंकि यह दूर-दराज के स्थानों पर बैठे लोग लगाते हैं, यह मोबाइल फोन से या वेबसाइट के जरिए या आनलाइन मोबाइल एप्लीकेशन से भी लगाया जाता है।

-सट्टा लिखने वाले एक जगह से दूसरी जगह पर मूव करते रहते हैं। ऑनलाइन सट्टा चलती हुई कार, कैफे अथवा शहर के पब्लिक प्लेस से भी संचालित किया जा सकता है, जो किसी की नजर में नहीं आता है। हालांकि भोपाल में हर रोज सट्टेबाजों को पकड़ने की मुहिम चलती है, हर रोज एक-दो प्रकरण दर्ज भी होते हैं।

इंदौर के सट्टा बाजार में कांग्रेस को 116 सीटें मिलना बताया जा रहा है जबकि भाजपा को 100 सीटें ही मिल सकती हैं। सटोरियों ने भाजपा को 100 के भीतर ही सिमट सकती है। जबकि कांग्रेस को 105 से अधिक सीटें मिलना बताया है।

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