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माल्या के खुलासे पर बोले राहुल गांधी- तुरंत जांच कराएं PM

नई दिल्ली 13 सितम्बर 2018 । देश छोड़ने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात वाले भगोड़े विजय माल्या के बयान पर सियासत तेज हो गई है. माल्या के इस दावे को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को सरकार पर हमला बोला और कहा कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने माल्या के बयान के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली का इस्तीफा मांगा है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि माल्या की ओर से लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं और पीएम को तत्काल इस मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए. राहुल ने कहा कि जांच पूरी होने तक अरुण जेटली को वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा देना चाहिए. इससे पहले पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि माल्या के बारे में सब कुछ पता होने के बावजूद उसे देश के बाहर क्यों जाने दिया गया?कांग्रेस प्रवक्ता सिंघवी ने कहा, ‘कांग्रेस बार-बार कहती आ रही है माल्या, नीरव मोदी और कई अन्य लोगों को जानबूझकर बाहर जाने दिया गया. माल्या ने जो कहा है उस पर वित्त मंत्री की तरफ से और स्पष्ट और विस्तृत जवाब आना चाहिए.’

सिंघवी ने कहा कि ‘माल्या ने दो चीजें कही हैं, पहली कि उसने वित्त मंत्री से व्यवस्थित ढंग से मुलाकात की थी और दूसरी यह कि उसने मामले को सुलझाने की पेशकश की थी.

कांग्रेस ने कहा कि इस मामले का पूरा खुलासा होना चाहिए. व्यापक स्पष्टीकरण आना चाहिए और व्यापक जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि क्या यह मुलाकात चलते-फिरते हुई है या फिर व्यवस्थित ढंग से हुई है. माल्या की बात से लगता है कि व्यवस्थित ढंग से मुलाकात हुई थी.

कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि जब बैंकों को मालूम था, वित्त मंत्रालय को मालूम था, पूरी सरकार को मालूम था और माननीय प्रधानमंत्री को मालूम था कि माल्या पर इतना बड़ा कर्ज बकाया है. ऐसे में उसे देश से बाहर क्यों जाने दिया गया. यह बुनियादी सवाल है जिसका उत्तर पूरा देश जानना चाहता है. खुलासे के बाद कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ‘भगोड़ों का साथ, लुटेरों का विकास’ भाजपा का एकमात्र लक्ष्य है. उन्होंने कहा, ‘मोदी जी, आपने ललित मोदी, नीरव मोदी ‘हमारे मेहुल भाई’, अमित भटनागर जैसों को देश के करोड़ों रुपये लुटवा, विदेश भगा दिया. विजय माल्या, तो श्री अरुण जेटली से मिलकर, विदाई लेकर, देश का पैसा लेकर भाग गया है? चौकीदार नहीं, भागीदार है!

दरअसल, माल्या ने बुधवार को कहा कि वह भारत से रवाना होने से पहले वित्त मंत्री से मिला था. लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होने के लिए पहुंचे माल्या ने कहा कि उसने मंत्री से मुलाकात की थी और बैंकों के साथ मामले का निपटारा करने की पेशकश की थी.

वित्त मंत्री जेटली ने माल्या के बयान को झूठा करार देते हुए कहा कि उन्होंने 2014 के बाद उसे कभी मिलने का समय नहीं दिया था.जेटली ने कहा कि माल्या राज्यसभा सदस्य के तौर पर हासिल विशेषाधिकार का दुरुपयोग करते हुए संसद भवन के गलियारे में उनके पास आ गया था, हालांकि उसकी पेशकश को वित्त मंत्री की ओर से ठुकरा दिया गया.

माल्या के खुलासे से चर्चा में स्वामी का 3 महीने पुराना ट्वीट, केजरीवाल ने किया शेयर

अरविंद केजरीवान ने विजय माल्या के बयान के तुरंत बाद ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया दी. केजरीवाल ने कहा कि देश छोड़ने से पहले नीरव मोदी की प्रधानमंत्री से मीटिंग और माल्या की वित्त मंत्री अरुण जेटली से मीटिंग से क्या साबित होता है. आर्थिक अपराधी विजय माल्या ने देश छोड़ने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात करने का बयान देकर भारत में राजनीतिक बहस को फिर तेज कर दिया है. कांग्रेस-बीजेपी पहले ही एक-दूसरे पर भगोड़े आर्थिक अपराधियों की मदद का आरोप लगाते आए हैं. इस बहस में अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी कूद पड़े हैं.

अरविंद केजरीवाल ने विजय माल्या के बयान के तुरंत बाद ट्वीट के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी. केजरीवाल ने कहा कि देश छोड़ने से पहले नीरव मोदी की प्रधानमंत्री से मीटिंग और माल्या की वित्त मंत्री अरुण जेटली से मीटिंग से क्या साबित होता है, यह लोग जानना चाहते हैं. साथ ही उन्होंने बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी का 3 महीने पुराना एक ट्वीट भी रीट्वीट किया है. बीजेपी के स्वामी का यह ट्वीट तीन महीने पहले 12 जून को किया गया है, जिसमें लिखा है, माल्या देश नहीं छोड़ सकता क्योंकि हवाई अड्डों पर उसके खिलाफ कड़ा लुक आउट नोटिस जारी हो चुका था. इसके बाद वो दिल्ली आया और उसने किसी प्रभावी शख्स से मुलाकात की जो विदेश जाने से रोकने वाले उस नोटिस को बदल सकता था. वो शख्स कौन था जिसने नोटिस को कमजोर किया?

माल्या ने क्या कहा था?

भारत के बैंकों से करोड़ों का कर्ज लेकर फरार चल रहे शराब कारोबारी विजय माल्या ने बुधवार को बड़ा बयान देते हुए लंदन के एक कोर्ट के बाहर कहा कि वो देश छोड़ने से वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिला था. माल्या ने कहा कि उनसे मिलकर मामले को सुलझाना चाहता था लेकिन बैंकों की आपत्ति के वजह से मामला सुलझ नहीं सका.

विजय माल्या ने कोर्ट के बाहर मीडिया को बताया कि मुझे दोनों बड़ी पार्टियों ने राजनीतिक फुटबॉल बना दिया और बाद में मुझे बलि का बकरा बनाया गया. उसने बताया कि जेनेवा में एक मीटिंग में शामिल होने की वजह से मैं देश से बाहर आया था.

जेटली ने मुलाकात पर दी सफाई

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने माल्या से मुलाकात पर इंडिया टुडे को सफाई देते हुए कहा कि मेरी ओर से उन्हें मुलाकात के लिए वक्त नहीं दिया गया. हालांकि संसद परिसर में उन्होंने मुझसे बात कर मामले को सुलझाने का ऑफर दिया था. माल्या ने सांसद होने के विशेषाधिकार का गलत इस्तेमाल किया. जेटली ने कहा कि मैंने उनके ऑफर को ठुकराते हुए कहा कि इस बारे में कोई बातचीत नहीं हो सकती और मैंने उनसे कोई भी दस्तावेज नहीं लिए, जो वह अपने साथ लेकर आए थे.

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