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राहुल गांधी बोले- 80 का पेट्रोल, 800 की गैस, जाने कौन सी दुनिया में हैं PM मोदी

नई दिल्ली 11 सितम्बर 2018 । पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और महंगाई के खिलाफ आज कांग्रेस की ओर से बुलाए गए भारत बंद की अगुवाई के लिए पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी राजघाट पहुंचे. राहुल गांधी बीते कुछ दिनों से मानसरोवर की यात्रा पर गए हुए थे और वहां से लौटकर वह सीधे बंद को समर्थन करने के लिए सड़क पर उतरे.

कांग्रेस अध्यक्ष ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और उन्होंने कैलाश झील से लाए गए जल को बापू की समाधि पर चढ़ाया. इसके बाद उन्होंने मार्च की अगुवाई है, राहुल गांधी के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं समेत विपक्ष के के कई नेता भी राजघाट से महंगाई के खिलाफ मार्च पर निकल चुके हैं और यह मार्च अपने अंतिम पड़ाव रामलीला मैदान पहुंच गया है.

धरने पर बैठे राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान कहा कि मोदी सरकार ने जनता से किए अपने वादों को पूरा नहीं किया. उन्होंने कहा कि पेट्रोल आज 80 के पार और डीज़ल करीब 80 के पास पहुंच गए हैं. आज एलपीजी के दाम 800 रुपए तक पहुंच गए हैं. पहले पूरे देश में पीएम मोदी घूम-घूमकर कहते थे कि पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं लेकिन आज एक शब्द भी नहीं बोल रहे हैं. राहुल ने कहा कि बलात्कार की घटना में बीजेपी के विधायक शामिल होते हैं, लेकिन पीएम चुप ही रहते हैं.

देश के अहम मुद्दों पर वो एक शब्द तक नहीं बोलते. राहुल ने कहा कि जीएसटी से लेकर राफेल पर मोदी जी ने एक बयान तक नहीं दिया है. पता नहीं कौन प्रधानमंत्री मोदी कौन सी दुनिया में हैं. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जीएसटी से छोटे कारोबारियों को काफी नुकसान पहुंचा है.

बदलने वाली है सरकार: मनमोहन

विपक्षी दलों के तमाम नेता यहां धरने पर बैठे हुए हैं. रामलीला मैदान पर विपक्ष के धरने में यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी पहुंचे. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि सभी विपक्षी दलों को एक होना होगा, छोटे मुद्दों को भूल लोगों की आवाज़ को उठाना होगा. उन्होंने कहा कि सरकार बदलने का वक्त आने वाला है, मोदी सरकार हर मोर्चे पर फेल रही है.

विपक्ष के मार्च में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और टीएमसी नेता भी नजर आए. हालांकि दोनों दलों की ओर से पहले यह कहा गया था कि वह इस भारत बंद का हिस्सा नहीं होंगे. AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि छोटे-मोटे विरोधों को दरकिनार कर हम सभी बढ़ती महंगाई के खिलाफ एकजुट होने को तैयार हैं.

मार्च में शामिल होने एनसीपी प्रमुख शरद पवार खुद पहुंचे हुए थे. इसके अलावा शरद यादव, तारिक अनवर, आरजेडी से मनोज झा, जेडीएस से दानिश अली, RLD से जयंत चौधरी जैसे तमाम बड़े नेता इस मार्च में राहुल गांधी के साथ शामिल हुए.

बंद को 21 विपक्षी दलों का समर्थन

कांग्रेस की ओर से बुलाए गए इस बंद को 20 से ज्यादा दलों का समर्थन हासिल है. बंद को दौरान देश के विभिन्न राज्यों में विपक्षी दल विरोध प्रदर्शन कर अलग-अलग मुद्दों पर मोदी सरकार के खिलाफ अपना रोष व्यक्त कर रहे हैं. कांग्रेस ने सीधे तौर पर महंगाई के खिलाफ इस बंद का आह्वान किया है लेकिन विभिन्न दलों के अपने-अपने मुद्दे भी हैं जिनको लेकर वो आज सड़कों पर उतर रहे हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मानसरोवर यात्रा के दौरान गुरुवार को बिना रुके 13 घंटे तक पर्वत की चढ़ाई की. इस दौरान राहुल करीब 34 किलोमीटर तक पैदल चले. कठिन सफर को राहुल ने बिना रुके-थके तय किया. हालांकि बीजेपी राहुल की यात्रा पर तीर्थ यात्रा पर भी निशाना साधने से नहीं चूकी और पार्टी के सांसद गिरिराज सिंह ने मानसरोवार यात्रा पर सवाल उठाए थे.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 26 अप्रैल को कर्नाटक की यात्रा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष के विमान में तकनीकी खराबी आने के कारण विमान तेजी से नीचे आने लगा था, हालांकि फिर पायलट ने विमान संभाल लिया था और सुरक्षित नीचे उतारा था. इसके तीन दिन बाद 29 अप्रैल को राहुल गांधी ने एक रैली के दौरान कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने की घोषणा की थी.

तेल पर आर-पार, कांग्रेस का भारत बंद, शाह से मिलने पहुंचे पेट्रोलियम मंत्री

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मिलने पहुंचे. पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती क़ीमतों के बाद धर्मेंद्र प्रधान का अमित शाह को कीमतों के बारे में जानकारी देंगे. माना जा रही है कि सरकार जल्द की कीमतें नियंत्रित करने के लिए कुछ कदम उठा सकती है.
जंतर-मंतर पर लेफ्ट का प्रदर्शन
भारत बंद के दौरान जहां कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल रामलीला मैदान में धरना दे रहे हैं वहीं दूसरी ओर सीपीएम समेत कुछ विपक्षी दल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं. सीपीएम नेता सीताराम येचुरी की अगुवाई में हो रहे प्रदर्शन में लेफ्ट की तमाम पार्टियां शामिल हैं. इसके अलावा लेफ्ट के कार्यकर्ता देश के दूसरे हिस्सों में भी तेल की बढ़ती कीमतों के लेकर मोदी सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं.बच्ची की मौत पर राहुल जवाब दें: बीजेपी
विपक्ष के बंद पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस विफल बताया है. उन्होंने बिहार के जहानाबाद में जाम में फंसने की वजह से बच्ची की मौत पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से जवाब मांगा है. प्रसाद ने कहा कि भारत बंद के नाम पर पेट्रोल पम्पों में आग लगाईं जा रही है बसों और गाड़ियों को तोड़ा जा रहा है, कांग्रेस पार्टी जवाब दे कि देश में हो रही इन हिंसाओं का जिम्मेदार कौन है. साथ ही उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों पर नियंत्रित करना सरकार के हाथ में नहीं है.

बंद के दौरान मासूम की मौत
भारत बंद के दौरान बिहार के जहानाबाद में दो साल की बच्ची की मौत हो गई है. परिवारवालों ने आरोप लगाया है कि भारत बंद के कारण जो जाम लगा हुआ है, उसमें एम्बुलेंस काफी लंबे समय तक फंसी रही. बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था
धरने से गायब सपा-बसपा के नेता
रामलीला मैदान पर जारी विपक्ष के धरने में करीब 21 दलों के प्रतिनिधि शामिल हैं लेकिन यूपी में कांग्रेस की सहयोगी समाजवादी पार्टी ने बंद से दूरी बनाकर रखी है. यहीं नहीं मायावती की पार्टी बीएसपी से भी कोई नेता इस धरने में शामिल नहीं हुआ. हालांकि सपा ने यूपी में पार्टी कार्यक्रमों को रद्द कर बंद के समर्थन का ऐलान जरूर किया है.
कौन सी दुनिया में हैं PM: राहुल
धरने पर बैठे राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान कहा कि मोदी सरकार ने जनता से किए अपने वादों को पूरा नहीं किया. उन्होंने कहा कि पेट्रोल आज 80 के पार और डीज़ल करीब 80 के पास पहुंच गए हैं. आज एलपीजी के दाम 800 रुपए तक पहुंच गए हैं. पहले पूरे देश में पीएम मोदी घूम-घूमकर कहते थे कि पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं लेकिन आज एक शब्द भी नहीं बोल रहे हैं. राहुल ने कहा कि बलात्कार की घटना में बीजेपी के विधायक शामिल होते हैं, लेकिन पीएम चुप ही रहते हैं, जाने PM कौन से दुनिया में रहते हैं.

उज्जैन में पेट्रोल पंप में तोड़फोड़

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मध्यप्रदेश के उज्जैन में पेट्रोल पंप में तोड़फोड़ की. इस दौरान पुलिसकर्मी को भी पीटा गया. कांग्रेस के इस हंगामे में एक व्यक्ति घायल हो गया है. उज्जैन के दरगाह मंडी के पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ये तोड़फोड़ की. बता दें कि भारत बंद को लेकर कई जगह दुकानें और स्कूल बंद हैं

लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर प्रशांत किशोर का बड़ा बयान, खुद उतरेंगे मैदान में!

2014 में आम चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 2015 में बिहार सीएम नीतीश कुमार के लिए कैंपेन चलाने वाले रणनीतिकार प्रशांत किशोर लोकसभा चुनाव 2019 पर बड़ा बयान दिया है। पीके ने कहा कि वह 2019 के लिए किसी के लिए भी कैंपेन नहीं करेंगे यानि कि किसी भी राजनीतिक पार्टी के लिए चुनावी रणनीतिकार का काम नहीं करेंगे। हैदराबाद में इंडियन स्कूल ऑफ बिज़नेस के कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे किशोर ने कहा कि उन्होंने बहुत से राजनेताओं के साथ काम किया है लेकिन अब वह जमीनी स्तर पर लोगों के साथ जुड़ना चाहते हैं और उनके लिए कुछ करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत वह शायद बिहार या गुजरात से कर सकते हैं। इस दौरान पीके ने नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार और कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ अपने काम के अनुभवों को भी सांझा किया।

उन्होंने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि अपना ही एक प्लेटफॉर्म (I-PAC) खोलूंगा लेकिन इसे काफी अच्छा रिस्पांस मिला। रणनीतिकार प्रशांत ने कहा कि अब वह बातौर कैंपेनर थोड़ी के लिए आराम चाहते हैं। पीके ने उन अटकलों पर भी विराम लगाया जिसमें कहा जा रहा था कि 2014 में उनके और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बीच कुछ मतभेद हो गए थे। किशोर ने कहा कि हमने पूरी मेहनत के साथ मोदी जी के लिए काम किया। हम पीएमओ में भी काम करना चाहते थे लेकिन तब मोदी भी नए थे और हम भी इसलिए यह प्लान आगे नहीं बढ़ पाया बाकि खबरें निराधार हैं।

वहीं नीतीश के साथ अपने अनुभव पर किशोर ने कहा कि उनके साथ मैंने पहले भी काम किया है। नीतीश कुमार ने उनको अपना सलाहकार बनाते हुए कैबिनेट रैंक का दर्जा भी दिया था। 2017 में जब नीतीश लालू से अलग हुए तब भी मैं उनके साथ जुड़ा रहा। मुख्यमंत्री कैप्टन के साथ काम करने के अनुभव पर प्रशांत ने कहा कि उनकी पंजाब में काफी पकड़ मजबूत थी। कैप्टन ने भी पीके के काम की सराहना की थी। उल्लेखनीय है कि माना जा रहा था कि 2019 में पीके एक बार फिर से भाजपा से जुड़ सकते हैं लेकिन उनके बयान के बाद राजनीतिक अफवाहों पर विराम लग गया है।

भारत बंद: धरने पर बैठे मनमोहन सिंह बोले, सरकार बदलने के लिए एकजुटता जरूरी

पेट्रोल-डीजल के दाम में लगातार बढ़ोतरी पर नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस की ओर से बुलाए गए ‘भारत बंद’ के तहत सोमवार को हुए विरोध प्रदर्शन में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की प्रमुख सोनिया गांधी भी शामिल हुए। इस विरोध प्रदर्शन में करीब 20 विपक्षी दलों के नेता शामिल हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और दूसरे नेताओं ने राजघाट से रामलीला मैदान तक मार्च किया। इस दौरान मनमोहन सिंह ने मोदी सरकार पर जनता को दिए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी दलों को जनता के विरूद्ध काम कर रही सरकार को बदलने के लिए एकजुट होना जरूरी हो गया है।

डॉ. सिंह ने कांग्रेस के ‘भारत बंद’ के दौरान यहां रामलीला मैदान में आयोजित धरना प्रदर्शन में कहा कि विपक्षी दलों को अपने सभी मतभेद भुलाकर देश की एकता, अखंडता और जम्हुरियत के लिए एकजुट होकर काम करने और मोदी सरकार को सत्ता से हटाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस सरकार कि जन विरोधी नीतियों का खुलासा हो चुका है।

किसान, व्यापारी, छोटे-बड़े कारोबारी और युवा परेशान है इसलिए मिलकर इस सरकार को बाहर की मुहिम चलाने की जरुरत है। डॉ. सिंह ने कहा कि सारा विपक्ष पेट्रोल और डीजल के मूल्यों में वृद्धि तथा आसमान छूती महंगाई पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने और जनता आवाज बुलंद करने के लिए आज एकत्रित हुआ।

शिवराज विधानसभा में विपक्ष में बैठने के लिए तैयार रहें, जनता मन बना चुकी है: कमलनाथ

प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ ने अपने दौरा कार्यक्रम के तहत आज भिण्ड जिले के लहार में आयोजित एक विशाल आमसभा में मौजूद हजाराें लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आपकी इतनी बड़ी उपस्थिति देखकर मैं प्रसन्न और अभिभूत हूं। कमलनाथ ने इस अवसर पर कहा कि आज पूरे प्रदेश में रेत माफिया का नेतृत्व भाजपा के नेता कर रहे हैं। आज अवैध उत्खनन चंबल ही नहीं पूरे प्रदेश की समस्या बन चुका है। भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार की एक पूरी व्यवस्था बना दी है, इनकी हरकतों से जनता ही नहीं, शासकीय कर्मी भी परेशान हैं। उन्होंने मंच पर उपस्थित नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह की ओर इशारा करते कहा कि आप विधानसभा में अपनी कुर्सी साफ करके रखना, क्योंकि तीन माह बाद जनता इस पर शिवराज को बैठाने का मन बना चुकी है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार जरूर बनेगी, यह जनता ने तय कर लिया है।
कमलनाथ ने सभा को सुनने आये अपार जनसमूह से कहा कि युवाओं को दो करोड़ रोजगार देने वाले भाजपा के लोग जब आपके पास वोट लेने आयें तो उनसे जरूर पूछना कि हमारे खाते में जमा होने वाले 15 लाख रूपये कहां हैं? पहले 15 लाख खाते में जमा करो फिर वोट की बात करना! उन्होंने कहा कि हम घोषणा नहीं करते पर यह वचन देते हैं कि कांगे्रस की सरकार बनने पर किसान, युवा, महिलाऐं सबकी निराशा दूर कर हम उनके चेहरों पर मुस्कुराहट लायेंगे, खुशहाली लायेंगे। कमलनाथ ने कहा कि भाजपा के लोगों को छिंदवाड़ा आकर देखना चाहिए कि कैसे स्किल डेवलपमेंट सेंटर के माध्यम से हमने युवाओं को रोजगार दिया गया है। आज का युवा अपने हाथों में काम चाहता है। हमारी सरकार तो युवाओं, किसानों और आमजन की सरकार होगी। शिवराजसिंह आज आशीर्वाद यात्रा पर निकले हैं, लेकिन आज यहां इतनी भीड़ को देखकर मैं कह सकता हूं कि ये यहां आयी हुई भीड़ है, उनकी तरह लायी हुई नहीं है। शिवराज सरकार सरकारी खर्च पर आशीर्वाद यात्रा निकाल रही है। यदि उन्होंने जनहित के कार्य किये होते तो जनता उन्हें खुद आशीर्वाद देने आती।
हम जनता से वादा करते हैं कि हमारी सरकार आने पर ‘‘किसान का कर्जा माफ, बिजली पूरी बिल हाफ और भाजपा साफ।’’ कमलनाथ ने कहा कि जनता महंगे पेट्रोल-डीजल से त्रस्त है, लेकिन शिवराज इन बातों से बेखबर जनआशीर्वाद यात्रा पर निकले हैं। पेट्रोल-डीजल के बढ़ते भाव के कारण पिछले सालों में महंगाई चरम पर पहुंच गयी है। इसके विरोध में कांगे्रस ने भारत बंद का आव्हान किया था, जिसमें व्यापारियों और आमजनता का हमें पूरा समर्थन मिला। शिवराज ने नर्मदा किनारे साढ़े छह करोड़ पौधे लगाने का दावा किया था, लेकिन जब मैं नर्मदा किनारे देखने गया तो वहां पांच सौ पौधे भी नजर नहीं आये। यह लोग नर्मदा, गंगा, क्षिप्रा साफ करने का दावा करते हैं, लेकिन नोटबंदी कर इन्होंने बैंकों को ही साफ कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह ने कहा कि यह सरकार महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा नहीं कर पा रही है। पांच दिनों तक चलने वाला विधानसभा सत्र सरकार ने अपनी विफलताऐं छुपाने के लिए येन-केन-प्रकारेण डेढ़ दिन भी नहीं चलने दिया और सरकार विपक्ष का सामना करने से भाग गयी। विधायक गोविंद सिंह और हेमंत कटारे ने भी इस अवसर पर सभा को संबोधित किया। कमलनाथ को सुनने के लिये दूर-दूर से आयी जनता के हुजूम ने सभा स्थल पर हाथ हिलाकर, तालियां बजाकर और नारे लगाकर उनका जोरदार अभिवादन किया। इस अवसर पर कुंवर घनश्यामसिंह, ब्रजेन्द्र सिंह, रमेश दुबे, रामनारायण हिडोलिया सहित बड़ी संख्या में नेतागण उपस्थित थे।

कांगे्रस की सरकार आने पर हम नयी रेत नीति बनायेंगें: कमलनाथ
आज मुरैना ने कमलनाथ ने अपने दौरा कार्यक्रम के तहत ऐतिहासिक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस सभा में उपस्थित हजारों युवाओं को देखकर मेरे सामने शिवराज सरकार के व्यापमं घोटाले की तस्वीर सामने नजर आ रही है, जिसमें घूस देने वाला जेल में और लेने वाला राज कर रहा है। शिवराज सरकार की भ्रष्टाचार की व्यवस्था का मैं जिक्र कर रहा हूं, जिसमें व्यवस्था ही ऐसी थी कि बगैर भ्रष्टाचार के कोई काम नहीं हो सकता, जिसको सामने रखते हुए युवाओं व उनके परिजनों ने अपने जेवर गिरवी रख उधार लेकर, लोन लेकर, अपना घर बेचकर रोजगार के लिये घूस दी, लेकिन शिवराज सरकार की इस व्यवस्था में वे बेचारे जेल चले गये और लेने वाले आज राज कर रहे हैं। आज मुझे यहां कई लोगों ने अवैध रेत उत्खनन व रेत नीति को लेकर शिकायत की तो मैं आपके सामने घोषणा नहीं करता हूं, बल्कि वचन देता हूं कि हमारी सरकार आने पर हम एक नयी रेत नीति लायेंगे जो नौजवानों के लिए होगी। भाजपा सरकार की तरह माफियाओं के लिए नहीं। हमारी रेत नीति नौजवानों को सामने रखकर बनायी जायेगी, जिससे उन्हें रोजगार मिल सके। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह राहुल भैया रामनिवास रावत, दिनेश गुर्जर, एंदलसिंह कंसाना, बाबूलाल सोलंकी, राकेश मावई, अशोक सिंह सहित बड़ी संख्या में नेतागण उपस्थित थे।
आमजनों व कांगे्रस कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया

प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ एवं नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस की बढ़ती हुई कीमतों के विरोध में आज ‘‘भारत बंद’’ के आव्हान के तहत प्रदेश बंद के आव्हान पर मिले जनता के अप्रत्याशित समर्थन के प्रति व्यापारियों, आमजनों व कांगे्रस कार्यकर्ताओं का आभार माना है। उन्होंने कहा कि भाजपा की तमाम दबाव, प्रभाव की कोशिशों के बावजूद भी व्यापारिक संस्थानाें ने अपने प्रतिष्ठान बंद रख, कांगे्रस के शांतिपूर्ण बंद के आव्हान को समर्थन दिया। आज पूरा प्रदेश कांगे्रस के इस आव्हान पर बंद रहा। प्रमुख बाजार से लेकर सभी छोटी-बड़ी दुकानें भी आज बंद रहीं। पेट्रोल पंप से लेकर शैक्षणिक संस्थानों ने भी इस बंद को अपना समर्थन दिया।
कमलनाथ ने कहा कि भाजपा ने इस ‘‘भारत बंद’’ को असफल करने के लिए सरकारी मशीनरी को झोंक दिया था, व्यापारिक संगठनों पर बंद को असफल करने के लिए दबाव बनाया था, लेकिन जनता ने पूरी तरह से बंद को समर्थन देकर, यह साबित कर दिया कि वे भाजपा की नीतियों से परेशान हैं। आज महंगाई चरम पर है, आम जन का जीवन दूभर है, पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान को छू रही हैं और सरकार जनता को राहत प्रदान नहीं करना चाहती है।
नाथ ने कहा कि भाजपा सरकार आज जानबूझकर माहौल को खराब कर, इस बंद को असफल कर, कांगे्रस को बदनाम करने का षड्यंत्र रच रही थी, लेकिन कांगे्रस के कार्यकर्ताओं ने पूरे प्रदेश में शांतिपूर्ण ढंग से बंद की अपील की व माहौल को बिगड़ने नहीं दिया।

GST हो लागू तो तुरंत 89 से 60 रुपये लीटर आ जाएगा पेट्रोल, डीजल होगा 50 का

भारत बंद. सोमवार को पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में विपक्ष में बैठे राजनीतिक दलों ने बंद का आह्वान किया. वहीं बंद के दौरान देश में पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं.

सोमवार को राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 23 पैसों की बढ़त के साथ पहली बार 80 रुपये के स्तर के पार रहीं. महाराष्ट्र में पेट्रोल की कीमत 87.77 रुपये रही. गौरतलब है कि महाराष्ट्र में पेट्रोल की कीमत 90 रुपये प्रति लीटर के मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब हैं.

दरअसल देश में पेट्रोल की कीमत यदि 90 रुपये के स्तर को तोड़ सकती हैं. ग्लोबल मार्केट में लगातार कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है. महंगा कच्चा तेल खरीदने से जहां एक तरफ केन्द्र सरकार को अपने खजाने से अधिक रुपया खर्च कर पड़ रहा है वहीं देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार आसमान छू रही हैं.

रुपये में आज भी गिरावट, डॉलर के मुकाबले 72.18 के स्तर पर खुला

ऐसी स्थिति में घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को काबू करने के लिए यदि केन्द्र सरकार और सभी राज्य सरकारें मिलकर अपने टैक्स में बड़ी कटौती करें तो कीमतों को काबू किया जा सकेगा. लेकिन इस कदम से दोनों केन्द्र और राज्य सरकारों को अपने राजस्व का एक बड़ा हिस्सा गंवाने पड़ेगा.

जहां राज्य सरकारों को अपने वैट में कटौती करने से उसे राज्यों में चलाई जा रही लोक कल्याण नीतियों को चलाने में वित्तीय संकट का सामना करना होगा. वहीं केन्द्र सरकार को दोहरी मार पड़ेगी. ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल की लगातार बढ़ती कीमतों से अधिक डॉलर खर्च करना पड़ता है.

जानिए, कांग्रेस के आज के बंद से देश को कितने की लगेगी चपत

हालांकि केन्द्र सरकार और राज्य सरकारें इस संभावना को नकार चुकी हैं कि वह जल्द पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाएंगे. लेकिन खास बात है कि मौजूदा स्थिति में यदि पेट्रोल और डीजल की कीमतों को जीएसटी के दायरे में देखा जाए तो एक झटके में मुंबई में 87.77 रुपये प्रति लीटर बिक रहा पेट्रोल लगभग 12 से 15 फीसदी सस्ता हो जाएगा.

वहीं दिल्ली में पेट्रोल की कीमत को जीएसटी के 28 और 18 फीसदी के टैक्स दायरे जो देखें तो लगभग 9 फीसदी कम किया जा सकता है. राज्यों द्वारा वैट में कटौती से कम हुए पेट्रोल की कीमत को और सस्ता करने के लिए केन्द्र सरकार भी अपने एक्साइज टैक्स में भी मामुली कटौती की जा सकती है.

वहीं डीजल की कीमत को जीएसटी में दिए गए दूसरे और तीसरे टैक्स दर पर देखा जाए तो डीजल की कीमतों में भी 8 से 10 फीसदी की कटौती करते हुए कीमतों को 50 रुपये के दायरे में रखी जा सकती हैं.

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