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राहुल गांधी 2 अक्टूबर से शुरू करेंगे पदयात्रा

नई दिल्ली 06 जुलाई 2019 । राहुल गांधी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने के बाद अब राहुल गांधी क्या करेंगे इसको लेकर हर कोई उत्सुक है। राहुल गांधी अब साधारण कार्यकर्ता की तरह पार्टी को मजबूत करने के लिए पदयात्रा शुरू करने जा रहे है। राहुल के दफ्तर में तैनात उनके एक बेहद करीबी ने दावा किया कि दो अक्टूबर से राहुल गांधी यह पदयात्रा शुरू करेंगे। करीब एक साल से ज्यादा यह पदयात्रा चलेगी। पदयात्रा के तहत राहुल गांधी देश के हर हिस्से में साधारण कार्यकर्ता की तरह लोगों से मुलाकात करेंगे। पदयात्रा को लेकर राहुल अपनी कोर टीम के साथ चर्चा भी कर चुके है। पदयात्रा के रुट और तरीके कोे अंतिम रुप देना हैं। वे चाहते हैं कि पदयात्रा के दौरान पार्टी के झंडे और बैनर का इस्तेमाल नहीं किया जाए। इस फैसले को लेकर कोर टीम ने राहुल से फिर विचार करने को कहा है।

जल्द तय होगा पदयात्रा का रुटचार्ट और तरीका
राहुल गांधी ने पदयात्रा के लिए 2 अक्टूबर यानि महात्मा गांधी जंयती का दिन चुना है। वे किस राज्य से पदयात्रा शुरू करेंगे अभी यह तय नहीं किया गया है। पदयात्रा से जुड़ा कार्यक्रम सवाईं अलंकार और कौशल विधार्थी जैसे उनके करीबी देख रहे है। पदयात्रा को लेकर राहुल अपने आवास पर चर्चा भी कर चुके हैं। वे चाहते है कि पार्टी के झंडे और बैनर के बगैर यात्रा निकाली जाए लेकिन उनके करीबियों ने सलाह दी कि इससे गलत संदेश जाएगा। मीडिया और भाजपा इसे राहुल गांधी की कांग्रेस के बगावत के रुप में पेश करेंगे। ऐसे में पदयात्रा को लेकर अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है। केवल तारीख अभी दो अक्टूबर फाइनल की गई है।

पदयात्रा का मकसद इमेज मैकिंग करना
सूत्रो के मुताबिक राहुल गांधी के इस्तीफा देने की मुख्य वजह देश में उनको गंभीरता से नहीं लेना था। आमजन के बीच राहुल गांधी की छवि में कैसे सुधार हो इसके लिए पदयात्रा का फार्मूला अपनाया जा रहा है। पदयात्रा के तहत राहुल को साधारण, नेक और सत्ता से दूर रहने वाले नेता के रूप में पेश किया जाएगा। वे अपने इस्तीफे में भी शक्तिशाली नेताओं के सत्ता से चिपके रहने की भूख का हवाला दे चुके हैं। ऐसे में पदयात्रा के दौरान वे यही संदेश देना चाहेंगे कि मुझे सत्ता की चाहत नहीं है। लोगों की समस्याओं से रुबरु होना और उनको दूर करना मेरा मकसद है। राहुल की टीम को पूरा भरोसा है कि पदयात्रा के बाद राहुल की एक अलग इमेज बनेगी और लोग उनमें भरोसा जताएंगे। पदयात्रा के जरिए वे अपनी पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं को अपने दम पर पार्टी को फिर से खड़ा करने का भी जवाब देंगे।

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