मुख्य पृष्ठ >> प्रदेश >> मध्यप्रदेश >> उज्जैन / भोपाल >> सितंबर से चुनावी दौरे पर राहुल गांधी, तीन-तीन दिन रहेंगे मध्य प्रदेश में

सितंबर से चुनावी दौरे पर राहुल गांधी, तीन-तीन दिन रहेंगे मध्य प्रदेश में

भोपाल 6 अगस्त 2018 । मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस अब मैदान में उतरने जा रही है। इसके तहत पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी सितंबर के पहले सप्ताह से अपने दौरे शुरू करेंगे। हर दौरे में गांधी तीन-तीन दिन के लिए प्रदेश में आएंगे और पूरे दौरे में वे बस से यात्रा करेंगे। इसके पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया के दौरे शुरू हो जाएंगे।

प्रदेश कांग्रेस का चुनाव अभियान इसी महीने से शुरू हो रहा है, जिसमें अगस्त के दूसरे सप्ताह के बाद कमलनाथ और सिंधिया के दौरे होंगे। सिंधिया सात अगस्त के बाद मप्र में आएंगे। यहां क्षेत्र के दौरे करेंगे। रविवार को उन्होंने गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र के पार्टी पदाधिकारियों की एक बैठक बुलाई है। बैठक में सिंधिया तीन महीने तक प्रदेश के विभिन्न् क्षेत्रों में पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपे जाने की रणनीति बनाएंगे।

धार-बड़वानी सहित कई क्षेत्र में दौरे

बताया जाता है कि नाथ और सिंधिया के संयुक्त दौरे 16 अगस्त से शुरू होंगे। धार-बड़वानी और उसी क्षेत्र में दोनों नेता कभी साथ-साथ तो कभी अलग-अलग दौरे करेंगे। सितंबर में राहुल गांधी की बस यात्रा शुरू हो जाएगी। ऐसा शेड्यूल तैयार किया जा रहा है कि एक बार में एक संभागीय क्षेत्र की ज्यादातर विधानसभा सीटों में राहुल गांधी को ले जाया जा सके।

कांग्रेस का दावा, ‘अगर ये 168 सीटें हार गई बीजेपी तो मोदी दोबारा नहीं बन पाएंगे पीएम’

नई दिल्ली: आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर शुक्रवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पत्रकारों से अनौपचारिक मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस का कहना है कि सपा-बसपा और कांग्रेस का महगठबंधन लगभग तय हो गया है. जल्द ही सीट शेयरिंग पर भी अंतिम फैसला हो जाएगा. कांग्रेस ने दावा किया कि महागठबंधन बनने के बाद यूपी में बीजेपी को 5 से ज्यादा सीटें नहीं मिलेंगी.

कांग्रेस के शीर्ष सूत्रों ने बताया कि महागठबंधन को लेकर तीनों दलों के बीच कई स्तर की बातचीत हो गई है. इस पूरे मामले पर खुद राहुल गांधी नजर रखे हुए हैं. कांग्रेस का यह भी दावा है कि पार्टी को गठबंधन में सम्मानजनक सीटें मिलेंगी.

सूत्रों ने यह भी दावा किया कि अगर उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र में ‘सही से’ गठबंधन हो गया तो बीजेपी सत्ता में नहीं लौटने वाली है. उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80, बिहार में 40 और महाराष्ट्र में 48 सीटें है. इन तीनों राज्यों की सीटों को जोड़ दिया जाय तो यह संख्या 168 के करीब बैठती है. पार्टी का कहना है कि आगामी लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और कई अन्य राज्यों में पार्टी की लोकसभा सीटों में काफी इजाफा होगा.

सूत्रों ने बताया कि रायबरेली सीट से सोनिया गांधी चुनाव लड़ेंगी या नहीं, इसका फैसला वह खुद करेंगी‌. अगर सोनिया चुनाव नहीं लड़ेंगी तो फिर प्रियंका इस सीट से उम्मीदवार होंगी. कांग्रेस का दावा है कि अगर बीजेपी को 230 से कम सीटें मिलती हैं तो नरेंद्र मोदी किसी सूरत में प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे.

बीजेपी को हराना पहला लक्ष्य

लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री पद के लिए चेहरा पेश करने के सवाल पर सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस फिलहाल दो रणनीति पर काम कर रही है. पहले रणनीति के मुताबिक, सभी विपक्षी दलों को एक साथ लाकर बीजेपी और नरेंद्र मोदी को हराना है. दूसरी रणनीति के अनुसार चुनाव परिणाम के बाद पीएम जैसे मुद्दे पर बातचीत होगी.

सिंधिया की शिकायत करने वाली नूरी खान पर होगी कार्रवाई

मध्यप्रदेश कांग्रेस की प्रवक्ता नूरी खान को मंच से बेइज्जत करके हटाने की ज्योतिरादित्य सिंधिया की शिकायत करना महंगा पड़ गया है।

हालांकि, घटना का वीडियो वायरल हो चुका है और सबने देख लिया है कि किस तरह से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नूरी खान का अपमान किया था, लेकिन ऐसा लग रहा है कि कार्रवाई सिंधिया पर नहीं, बल्कि नूरी खान पर ही होगी।

दरअसल, मीडिया में मामला उजागर होने के बाद, नूरी खान ने भी सिंधिया के बर्ताव पर आपत्ति जताई थी और पार्टी के बड़े नेताओं तक शिकायत पहुंचाने की बात भी कही थी। यह भी सुनने में आया था कि नूरी खान राहुल गांधी से भी ज्योतिरादित्य सिंधिया की शिकायत करने वाली हैं।

प्रदेश के नेताओं से तो नूरी खान ने शिकायत कर भी दी थी, लेकिन किसी की हिम्मत सिंधिया के खिलाफ बोलने की नहीं हुई। इतना ही नहीं, ये मामला मीडिया में लाने, और सार्वजनिक बयान देने के लिए उल्टे नूरी खान को ही फंसाने की तैयारी हो रही है।

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता शोभा ओझा ने तो इस बारे में नूरी खान को तलब भी कर लिया है। अब उनसे सवाल-जवाब किया जाएगा। हालांकि शोभा ओझा से जब नूरी खान ने शिकायत की थी, तब उनका रवैया टाल-मटोल करने वाला ही रहा था।

प्रदेश कांग्रेस के अन्य नेताओं का भी यही रवैया था कि नूरी खान को चुपचाप बैठ जाना चाहिए, लेकिन तेजतर्रार पार्टी प्रवक्ता नूरी खान को यह मंजूर नहीं हुआ।

अब माना जा रहा है कि कांग्रेस में चढ़ते सूरज माने जा रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया को खुश करने के लिए नूरी खान को प्रवक्ता पद से हटाया जाएगा और हो सकता है, पार्टी से भी निकाल दिया जाए।

फास्ट ट्रैक कोर्ट से घबराए जीतू पटवारी ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

मध्यप्रदेश से कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पटवारी की मांग है कि सांसदों और विधायकों के आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए बनाए गए फास्ट ट्रैक कोर्ट पर स्टे लगाया जाए। खुद पटवारी के खिलाफ दायर एक केस की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भोपाल में बनाए गए फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही है, जहां हर हफ्ते उन्हें पेश होना पड़ता है।

सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय ने यह जानकारी दी। उनके मुताबिक, जितेंद्र पटवारी उर्फ जीतू ने अपनी याचिका में मांग की कि सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित मामलों को भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम जैसे विशेष कानूनों के तहत स्थापित फास्ट ट्रैक कोर्ट में स्थानांतरित नहीं किया जाना चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 21 अगस्त को होगी।

मालूम हो, अश्विनी उपाध्याय की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बीती 14 दिसंबर को आदेश दिया था कि देशभर में 12 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर सांसदों-विधायकों के खिलाफ दायर आपराधिक मामलों की सुनवाई एक साल की अवधि में पूरी की जाए। उसी के तहत भोपाल में बने फास्ट ट्रैक कोर्ट में जीतू के खिलाफ केस की सुनवाई हो रही है। उपाध्याय के मुताबिक, पटवारी को डर है कि उन्हें इस मामले में सजा हो गई तो उनका राजनीतिक भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। हो सकता है वे कभी चुनाव ही न लड़ पाएं।

10 साल पहले राऊ से कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने इंदौर के खुड़ैल पुलिस स्टेशन के पास बरेथा गांव में चक्का जाम कर दिया था। वह एक सड़क बनाने की मांग कर रहे थे। इस दौरान उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई थी और उन पर धारा 353 के तहत मामला दर्ज किया गया था। तब जीतू पटवारी यूथ कांग्रेस अध्यक्ष थे। अब इस केस की सुनवाई भोपाल के फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो रही है।

अश्विनी उपाध्याय का कहना है कि जीतू पटवारी तो महज एक मोहरा हैं। दिल्ली में ऐसे ही एक फास्ट ट्रैक कोर्ट में नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ केस चल रहा है। वहीं पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के खिलाफ भी हर हफ्ते सुनवाई हो रही है। जीतू पटवारी फास्ट ट्रैक कोर्ट की इस व्यवस्था पर स्टे चाहते हैं, ताकि राहुल और कांग्रेस के बड़े नेताओं को बचाया जा सके। फास्ट ट्रैक कोर्ट के इसी चंगुल से बचने के लिए ही बीते दिनों दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने माफी मांगकर अपने खिलाफ चल रहे मानहानि के मुकदमों को बंद करवा लिया है।

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

मिंटो हॉल का नाम अब BJP के पूर्व अध्यक्ष कुशाभाऊ ठाकरे पर, सीएम शिवराज सिंह चौहान का ऐलान

भोपाल 27 नवंबर 2021 । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ऐलान किया है …