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राहुल गांधी का दावा- धमकाए जा रहे राफेल डील की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार

नई दिल्ली 31 जुलाई 2018 । कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर राफेल डील का मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आज आरोप लगाया कि राफेल सौदे में कथित अनियमितता को कवर करने वाले पत्रकारों को सत्ता पक्ष के समर्थकों की तरफ से धमकी मिल रही है। इसके साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष ने ‘मिस्टर 56’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए मोदी पर तंज कसा।

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि ‘सुप्रीम लीडर्स’ के चापलूस राफेल घोटाले को कवर करने वाले पत्रकारों को धमकी दे रहे हैं और उन्हें कह रहे हैं कि‘ऐसा करना छोड़ो या फिर….।’मुझे प्रेस के उन कुछेक बहादुर लोगों पर गर्व है, जिनमें सच्चाई के लिए लडऩेे और श्रीमान 56 का मुकाबला करने की क्षमता है।। यहां पर ‘सुप्रीम लीडर्स’ से कांग्रेस अध्यक्ष का मतलब भाजपा नेताओं से लगाया जा रहा है।

राहुल ने राफेल विमान सौदे में कथित अनियमितता को लेकर पीएम पर हमला बोलते हुए दावा किया था कि 36 विमानों के रखरखाव के लिए अगले 50 वर्षों में देश के करदाताओं को एक निजी भारतीय समूह के संयुक्त उपक्रम को एक लाख करोड़ रुपये देने होंगे। उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि अगले 50 वर्षों में भारतीय करदाताओं को मिस्टर 56 के मित्र के संयुक्त उपक्रम को 36 राफेल विमानों के रखरखाव के लिए 1,00,000 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा।

गौरतलब है कि कांग्रेस लगातार आरोप लगा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के साथ राफेल लड़ाकू विमानों के लिए तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के समय किये गये सौदे को गलत तरीके से रद्द किया और राफेल विमानों को अधिक कीमत में खरीदने का सौदा किया। पार्टी का कहना है कि इस सौदे में व्यापक स्तर पर गड़बडी हुई है।

मोदी ने 2014 के चुनाव प्रचार में बीफ एक्सपोर्टर्स से भी लिए थे पैसे- दिग्विजय सिंह

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी के कैंपेन की फंडिंग में बीफ एक्सपोर्टर्स शामिल थे. न्यूज़ 18 से एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2014 के चुनाव के पहले गुलाबी क्रांति (पिंक रिवोल्यूशन) की बात की थी. उनका इशारा बीफ एक्सपोर्ट की ओर था.

पूर्व कांग्रेस महासचिव ने न्यूज़ 18 को बताया कि 2014 चुनाव के दौरान ये बात उन्होंने अपने उन हिंदू मित्रों के लिए कही थी जो बीफ एक्सपोर्ट करते हैं. मोदी के इन्हीं मित्रों ने बीजेपी के कैंपेन के लिए पैसे देकर मदद की. उन्होंने कहा कि बीजेपी के शासनकाल में बीफ एक्सपोर्ट बढ़ा है.

जब उनसे कहा गया कि वो अपनी बात के समर्थन में तर्क दें तो उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की साइट पर हर पार्टी को दान देने वालों का नाम देखा जा सकता है.

बीजेपी पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ‘गौरक्षक कानून को अपने हाथ में ले रहे हैं वो जानवरों का व्यापार करने वालों से पैसे लेते हैं और मासूम लोगों की लिंचिंग करते हैं.’

कभी कांग्रेस के काफी दमदार महासचिव रहे दिग्विजय सिंह ने कुछ दिन पहले नर्मदा की यात्रा की थी. लोगों का मानना है कि ये अपनी छवि को बेहतर करने की उनकी एक कोशिश थी. हालांकि उन्होंने खुद को मुख्यमंत्री की दौड़ से बाहर माना. दिग्विजय सिंह ने न्यूज़ 18 से कहा, ‘मुझमें, राहुल जी में और कमलनाथ जी में कोई मतभेद नहीं है. मै पहले भी ये बात जनता के सामने कह चुका हूं.’

चुनाव होने वाले हैं और राहुल गांधी ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी में बदलाव करते हुए दिग्विजय सिंह को अहम फैसले लेने वाली सभी बॉडीज़ से हटा दिया है. कमलनाथ को एमपीसीसी का चार्ज देते हुए कांग्रेस ने अपना विश्वास उनके ऊपर ज़ाहिर कर दिया है. कांग्रेस 15 सालों के बाद उम्मीद कर रही हैं कि पार्टी फिर से सत्ता में आएगी.

चुनाव से पहले एमपी में कांग्रेस का चेहरा बन सकते हैं सिंधिया…

सत्ता वापसी के लिए कांग्रेस ने कमर कस ली है और हर हाल में सरकार बनाने के लिए तमाम प्रयास किये जा रहे हैं, इसी उद्देश्य से मप्र में कई फेरबदल भी किये गए। कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने सीएम फेस की मांग को दरकिनार करते हुए कमलनाथ को कांग्रेस की कमान सौंप दी,लेकिन अब एक बार फिर सीएम कैंडिडेट घोषित करने की मांग को बल मिला है। कमलनाथ को प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने पर भी पार्टी में गुटबाजी ख़त्म न होना बड़ा कारण बताया जा रहा है. वहीं इन तीन महीनों में जिला स्तर भी पार्टी मजबूत नहीं हो पाई हैद्य जिसके चलते एक बार फिर ज्योतिरादित्य सिंधिया को सीएम चेहरा घोषित करने की मांग तेज हो गई हैद्य वहीं सूत्रों की माने तो सिंधिया की लोकप्रियता के चलते उन्हें सीएम कैंडिडेट घोषित किया जा सकता है। प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर कमलनाथ उतना असर नहीं छोड़ पाए हैं, जिसकी हाईकमान को उम्मीद थी। इसी कारण सिंधिया को चुनाव में आगे कर पार्टी रफ़्तार लानी चाहती है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने लोकप्रियता के हिसाब से सिंधिया फिट बैठ रहे हैं। राहुल गांधी तक पहुंची एक रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है, जिसमे कहा गया हैद्य कमलनाथ के काम को लेकर तैयारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि कार्यकर्ताओं में कोई उत्साह नहीं है, जबकि चुनाव नजदीक है और भाजपा जोर शोर से मैदान उतर चुकी हैद्य रिपोर्ट में शिवराज की जनआशीर्वाद यात्रा का भी जिक्र है और सिंधिया ही शिवराज को सीधी टक्कर दे सकते हैं। कमलनाथ पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और गुटबाजी समाप्त करने में पूरी तरह सफल नही हो पाए। वही दूसरी तरफ सिंधिया राहुल की उम्मीदों पर खरे उतरे है। फिलहाल मप्र की राजनीति में सिंधिया कमलनाथ से ज्यादा फेमस है और लोगों के दिल में सीएम पद की छवि बनाने में कामयाब हो रहे है। चुंकी सिंधिया युवा है और युवाओं की पहली पसंद बने हुए है, वही सोशल मीडिया पर भी सिंधिया छाये हुए है। ऐसे में सिंधिया को चेहरा घोषित किया जा सकता है। अपनी चौथी पारी के लिए मुख्यमंत्री शिवराज जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रहे हैं। सीएम पूरे प्रदेश में यात्रा के माध्यम से पहुंच रहे है और जनता को अपनी घोषणाओं और योजनाओं की उपलब्धियों का बखान कर बता रहे है। ऐसे में सिंधिया भी मोर्चा संभाले है।

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