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15 वर्षों की शिवराज सरकार को बेदखल करने का ये है राहुल गांधी का प्लान

नई दिल्ली 3 अगस्त 2018 । कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सितंबर के पहले हफ्ते में चुनाव के लिए तैयार मध्य प्रदेश के पवित्र शहर ओंकारेश्वर से अपने चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे. मंगलवार को मध्य प्रदेश के कांग्रेसी नेताओं को एकजुटता की ताकत दिखाने और साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव लड़ने का संदेश देने के बाद राहुल ने अपनी चुनाव प्रचार योजना को अंतिम रूप दिया. प्लान के मुताबिक, राहुल पहले ओमकारेश्वर मंदिर जाएंगे. मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है.

इमरजेंसी बैठक में राहुल ने की प्रचार की रणनीति पर चर्चा
पार्टी कार्यकर्ताओं के एक समूह द्वारा कथित रूप से 29 जुलाई को रीवा में मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया से बदसलूकी के बाद राहुल ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मंगलवार को अपने 12 तुगलक लेन निवास पर आपात बैठक बुलाई थी. बैठक में बावरिया, प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष कमलनाथ, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया, नेता विपक्ष अजय सिंह, पूर्व पीसीसी अध्यक्ष अरुण यादव और दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी और विवेक तंखा जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हुए.

शिकायतों के निबटारे की पृष्ठभूमि में हुई इस बैठक में, कांग्रेस अध्यक्ष ने चुनाव अभियान में शामिल किए जाने वाले राज्य के निर्वाचन क्षेत्रों में प्रचार की रणनीति पर नेताओं के साथ विस्तार से चर्चा की. पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने बताया, ‘पीसीसी अध्यक्ष ने बताया है कि राहुल सितंबर के पहले हफ्ते में मध्य प्रदेश चुनाव के लिए ओंंकारेश्वर से, जो कि मेरा चुनाव क्षेत्र है, अपने चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे.’

अपने चुनाव अभियान के तहत, कांग्रेस अध्यक्ष पहले तीन चरणों में चार लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में जाएंगे. वह बताते हैं, ‘कांग्रेस अध्यक्ष के साथ बैठक में मुख्य रूप से मध्य प्रदेश के आगामी चुनाव के लिए योजना और अभियान की रणनीति पर ध्यान दिया गया. अपने दौरे की प्लानिंग के अलावा, राहुल ने राज्य में जमीनी हालात, मुद्दों और पार्टी चुनाव में कैसे आगे बढ़ेगी, इन बातों के बारे में जानकारी ली.’

पहले चरण में कवर की जाएंगी 22 सीटें
प्लान के मुताबिक, राहुल पहले चरण में मध्य प्रदेश के नीमच-मांडवा-धार क्षेत्र का दौरा करेंगे. इसमें 22 विधानसभा सीटें कवर की जाएंगी. गुजरात और कर्नाटक विधानसभा चुनावों के दौरान भी, राहुल ने अपनी चुनावी अभियान रणनीति के तहत मंदिरों का दौरा किया था, और इस कदम को उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ कहा गया था.

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के एक सूत्र का कहना था कि ‘कांग्रेस अध्यक्ष सॉफ्ट हिंदुत्व कार्ड खेलने के लिए मंदिर नहीं जाते हैं. यहां तक कि गुजरात और कर्नाटक चुनावों से पहले भी, उन्होंने उत्तर प्रदेश चुनाव के दौरान मंदिरों का दौरा किया था. लेकिन चूंकि यह मीडिया की नजरों से बाहर रहा, इसलिए इस पर किसी ने बात नहीं की. राहुल ओमकारेश्वर के अलावा, अन्य जिलों के मंदिरों का भी दौरा कर सकते हैं.’

अगले तीन विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए अहम

मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान-बीजेपी शासित तीन राज्य जहां चुनाव होने जा रहे हैं- कांग्रेस पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती है. मध्य प्रदेश में पिछले 15 सालों से शिवराज सिंह चौहान की अगुआई वाली बीजेपी सत्ता में है. 2003 में दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में एक दशक लंबे कांग्रेस शासन के अंत के बाद, पार्टी सत्तारूढ़ भाजपा को मजबूत चुनौती दे पाने में नाकाम रही है.

तब से भारत की सबसे पुरानी पार्टी राज्य में गुटबाजी और भितरघात से जूझ रही है. राज्य में अपने कुछ नेताओं की असंगत टिप्पणियों पर पार्टी को शर्मिंदगी और आलोचना का सामना करना पड़ा. बाबरिया का एपिसोड इनमें सबसे नया था.

कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर पद संभालने के बाद, राहुल ने पार्टी के नेताओं से किसी भी तरह की गुटबाजी को दफन कर देने और एकजुट होकर चुनाव में जुट जाने के लिए कहा था. केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव शुरू किए. राज्य में पार्टी की जीत की संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए इस साल अनुभवी नेता और छिंदवाड़ा के सांसद कमलनाथ और तुलनात्मक रूप से युवा गुना के सांसद सिंधिया को मध्यप्रदेश में प्रमुख जिम्मेदारियां दी गई हैं. पीसीसी ने चुनाव प्रचार का मोर्चा मजबूत करने के लिए सोशल मीडिया और अन्य विकल्पों के इस्तेमाल की भी योजना तैयार की है.

डोकलाम पर सरकार ने टेके घुटने, जवानों के साथ विश्वासघात

संसद के मॉनसून सत्र के दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को लोकसभा में डोकलाम विवाद पर बयान दिया. सुषमा ने साफ तौर पर कहा कि डोकलाम अब कोई विवाद नहीं है, ये पहले ही सुलझा लिया गया है. लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को सुषमा पर ही सवाल उठा दिए.

गुरुवार सुबह राहुल ने ट्वीट किया, ”ये चौंकाने वाला है कि सुषमा स्वराज जैसी महिला चीनी ताकत के सामने घुटने टेक दिए. सरकार का इस तरह चीन के सामने इस तरह सरकार का घुटने टेकना बॉर्डर पर तैनात जवानों के साथ विश्वासघात है.

सोनिया और राहुल गांधी से मिलीं ममता बनर्जी, कहा- मैं PM पद की होड़ में नहीं

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी से बुधवार शाम उनके आवास पर मुलाकात की. इस बैठक में तीनों नेताओं के बीच असम एनआरसी और 2019 के आम चुनाव पर चर्चा हुई. ममता बनर्जी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री पद की होड़ में नहीं हैं और शीर्ष पद के लिये उम्मीदवार सभी विपक्षी पार्टियां मिलकर चुनेंगी.

मुलाकात के बाद ममता ने कहा कि उनके और सोनिया के बीच पुराने संबंध हैं. उन्होंने बताया कि 2019 में एक साथ चुनाव लड़ने की रणनीति पर चर्चा हुई.

ममता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने मौजूदा राजनीतिक स्थिति और भविष्य में गठबंधन की संभावना पर चर्चा की. हमने एनआरसी के मुद्दे पर भी चर्चा की.’’ गृह युद्ध वाले बयान के संदर्भ में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘‘मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा है. मेरी चिंता उन 40 लाख लोगों को लेकर है जिनके नाम एनआरसी से बाहर हैं.’’ ममता ने दावा किया कि भाजपा राजनीतिक रूप से परेशान है क्योंकि वह जानती है कि 2019 में वह सत्ता में नहीं आने वाली है.

इससे पहले बनर्जी ने बुधवार को संसद में बीजेपी नेता लालकृष्ण अाडवाणी से संसद स्थित उनके कक्ष में मुलाकात की थी और इसे ‘‘शिष्टाचार भेंट’’ बताया थी. दोनों के बीच करीब 20 मिनट तक बातचीत हुई.

बीजेपी से निलंबित नेता कीर्ति आजाद भी संसद में तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय में ममता से मिलने पहुंचे. इसके अलावा कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल और समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव ने भी उनसे मुलाकात की.

आजाद ने मुलाकात के बाद कहा, ‘‘विपक्ष को एक करने के उनकी कोशिश सराहनीय हैं.’’ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के एनडीए गठबंधन के खिलाफ बुधवार को संसद में 14 विपक्षी दलों से मिलने की संभावना है.

कांग्रेस प्रभारी बाबरिया से धक्का-मुक्की करने वाले छह कांग्रेसी निष्कासित

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया के साथ रीवा में हुई धक्का-मुक्की मामले में छह नेताओं को पार्टी ने बाहर कर दिया है।

दो पार्षदों को नोटिस दिया गया है। वहीं, बाबरिया को प्रभारी की जिम्मेदारी से हटाने व दिल्ली तलब करने संबंधी पोस्ट सोशल मीडिया पर लिखने वाले बुरहानपुर के प्रवक्ता को भी पद से हटा दिया गया है।

इस मामले में पार्टी ने राजेश सिंह सिरमौर, संदीप सिंह, धर्मेंद्र तिवारी बब्लू, मानवेंद्र सिंह नीरज, भास्कर सिंह मोनू जवा और राहुल सिंह त्योंथर को हटाया है। दो पार्षदों चक्रधर सिंह जवा और विनोद शर्मा को नोटिस देकर सात दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है।

माँ शारदा के आशीर्वाद से पहले भी कांगे्रस की सरकार बनी थी

प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ ने आज मैहर के दशहरा मैदान में आयोजित विशाल आमसभा में मां शारदा को नमन करते हुए कहा कि मैं बीस साल पहले आम चुनाव में मैहर आया था। तब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी थी। अब फिर आया हूं, मां शारदा के आशीर्वाद से प्रदेश में फिर कांग्रेस की ही सरकार बनेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर, मगर, किंतु की बात नहीं है अब तो कांग्रेस की ही सरकार बनेगी। कमलनाथ ने घोषणा की कि कांग्रेस की सरकार बनने पर मैहर को जिला बनाया जायेगा। आमसभा के पूर्व कमलनाथ ने माँ शारदा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
कमलनाथ ने कहा कि मोदी गंगा साफ कर रहे थे, शिवराज नर्मदा साफ कर रहे थे। दोनों नदियां तो साफ नहीं र्हुइं पर बैंक जरूर साफ हो गए। मैं, नर्मदा किनारे हैलीकाप्टर से घूमा पर कहीं पेड़ नजर नहीं आये, बल्कि रेत के ढेर हर जगह नजर आये। शिवराज ने ना केवल नर्मदा बल्कि प्रदेश की हर नदी का यही हाल किया है। यह जनता की संपत्ति की खुली लूट है।
नाथ ने कहा कि आज दलित, आदिवासी, किसान, मजदूर, युवा, महिलाऐं सब परेशान हैं। शिवराज जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रहे हैं। शिवराजसिंह की जन आशीर्वाद यात्रा, प्रशासन निकाल रहा है। छोटे से लेकर बड़ा कर्मचारी बस में लोगों को लेकर आ रहे हैं। जनता के पैसे से यात्रा निकाली जा रही है और मुख्यमंत्री अपना प्रचार कर रहे हैं। यह जन आशीर्वाद यात्रा नहीं, गुमराह यात्रा है।
कमलनाथ ने कहा कि बीमा कंपनी को प्रीमियम किसानों ने दिया, बीमा किसानों ने कराया, बीमा राशि कंपनी दे रही है, पैसा शिवराज बांट रहे हैं। बांटने के लिए आयोजन कर रहे हैं। सरकारी खजाने को जमकर लुटा रहे हैं। किसानों को बोनस के नाम पर प्रलोभन दे रहे हैं। एक दो साल का बोनस क्यों बांट रहे हैं पूरे पांच साल का बोनस किसानों को दें। गरीबों का पिछले चैदह साल का बिजली का बिल माफ करें। उन्होंने कहा कि यह सब शिवराज वोटों के लिए कर रहे हैं। शिवराज सरकार ने हजारों किसानों को थाना, कोर्ट, झूठे केस लगाकर बेइज्जत किया। कमलनाथ ने कहा कि राहुल गांधी की घोषणा के अनुसार किसानों का कर्जा दस दिनों में माफ किया जायेगा।
कमलनाथ ने जनता से आह्वान किया कि आप सच्चाई का साथ दें, भाजपा की कलाकारी की राजनीति को समझें। प्रदेश आज महंगाई, महिला अत्याचार, बेरोजगारी में, कुपोषण में, किसान आत्महत्या मे, भ्रष्टाचार के मामलों में नंबर वन है।
नाथ ने कहा कि इन्वेस्टर्स मीट में करोड़ों खर्च करके जितने उद्योग लगे नहीं, उससे ज्यादा बंद हो गए। युवा कोई ठेका नहीं चाहता, न ही कमीशन चाहता है, वह तो रोजगार चाहता है। प्रदेश की तस्वीर आपके सामने है। सच्चाई आपके सामने है। सच्चाई का साथ दें और दूसरों को भी बतायें। जो योजनाएं सोनिया जी ने बनाई उन पर अपनी फोटो लगाकर शिवराज उसे अपनी बताते हैं।
नाथ ने कहा कि मोदी ने स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया के नाम पर युवाओं को ठगा है।प्रदेश का निर्माण अब युवा करेगा। भाजपा के लोग राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाते हैं लेकिन एक भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का नाम बताएं जो उनकी पार्टी का हो।
कमलनाथ ने कहा कि हम मध्यप्रदेश में नयी व्यवस्था बनायेंगे। नयी व्यवस्था में किसान, मजदूर, युवा, महिला हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने धन्यवाद देते हुए कहा कि आप लोगों ने यहाँ उपस्थित होकर कांग्रेस का मान बढ़ाया है।
नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह ने सभी सात विधानसभाओं से आये लोगांे को शपथ दिलाई कि वो अपना समर्थन कांग्रेस को देंगे। पिछले दिनों शिवराजसिंह की जन आशीर्वाद यात्रा में इसकी एक चैथाई भीड़ नहीं थी। पूरा प्रशासन उनकी जन आशीर्वाद यात्रा में भीड़ लाने में लग जाता है। जबकि यहां सातों विधानसभा से लोग अपना पैसा लगाकर आये हैं। उन्होंने कहा कि कमलनाथ साधारण नेता नहीं हंै। उन्हें पद की लालसा नहीं है, वो अध्यक्ष पद के लिए नहीं बने हैं, उनका उद्देश्य कांग्रेस की सरकार बनाना है। उन्होंने कहा कि अर्जुन सिंह को मुख्यमंत्री बनवाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।
विधानसभा उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा कि शिवराज सिर्फ़ झूठी बातें करते हैं। असत्य बोलना उनकी आदत है। नीति आयोग मोदी सरकार का ही है। उसके आंकड़े बताते हैं कि नीचे से तीसरे नंबर का राज्य है, मध्यप्रदेश। पिछले पंद्रह दिन की जन आशीर्वाद यात्रा में वो चालीस हजार करोड़ की घोषणायें कर चुके हैं, जबकि प्रदेश का खजाना खाली है।
आरंभ में सेवादल के सदस्यों ने गार्ड आॅफ आॅनर दिया। आमसभा में तीन सौ लोगों ने कमलनाथ के समक्ष कांगे्रस की सदस्यता ग्रहण की। प्रसिद्ध गायक अनूप जलोटा ने अपनी सुमधुर आवाज में कर्णप्रिय भजनों की प्रस्तुति दी।
पूर्व मंत्री सईद अहमद,पूर्व मंत्री इंद्रजीत सिंह पटेल, सांसद राजमणि पटेल, विधायक गण यादवेंद्र सिंह जी, निलांशु चतुर्वेदी, सुंदर लाल तिवारी, सुखेंद्र सिंह बना, सौरभ सिंह, यादवेंद्र सिंह, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजेन्द्र मिश्रा सतना, गुरमीत सिंह मंगू रीवा, गुमान सिंह कटनी, मप्र कांग्रेस कमेटी सचिव गण विक्रमादित्य सिंह, अजीत सिंह, प्रभारी महामंत्री नरेश सराफ, महेंद्र सिंह चैहान, आयोजक व मैहर नगर पालिका अध्यक्ष धर्मेश घई, किसान कांग्रेस के अध्यक्ष सतना पुष्प राज सिंह, पूर्व अध्यक्ष श्रीकांत चतुर्वेदी जी, अल्पसंख्यक कांग्रेस अध्यक्ष सतना अब्दुल जब्बार, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सतना श्रीमती गीता सिंह, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष मैहर वीरेंद्र कुशवाहा आदि उपस्थित थे।
अध्यापकों का नया कैडर बनाकर शिवराजसिंह ने शिक्षकों के साथ धोखा किया- कमलनाथ
प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि अध्यापकों के लिये नया कैडर बनाकर शिवराजसिंह ने प्रदेश के 2 लाख 37 हजार अध्यापकों के साथ धोखा किया है। शिवराजसिंह ने उनसे शिक्षा विभाग के वर्तमान कैडर में संविलियन का वायदा किया था।
कमलनाथ ने कहा है कि मध्यप्रदेश राज्य स्कूल सेवा नामक यह नया कैडर जुलाई 2018 से अस्तित्व में आयेगा, यानि उनकी नियुक्ति जुलाई 2018 से ही मानी जायेंगी। इससे अध्यापकों को पुराने वेतन भत्ते और सुविधाऐं नहीं मिलेंगी। उनका अनुभव, वरिष्ठता, वेतनवृद्धि सब शून्य हो जायेंगी। सबसे बड़ी बात तो यह है जो शिक्षक 2005 के पूर्व से कार्य कर रहे हैं, उन्हें पेंशन भी नहीं मिलेगी।
कमलनाथ ने कहा कि संविलियन और नये कैडर में जमीन आसमान का अंतर है। हमारे अध्यापक तो स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे थे। यहां तक कि हमारी महिला अध्यापकों ने अपना मुंडन तक कराया जो प्रदेश के माथे पर कलंक है। उन्हीं के दबाव के कारण शिवराजसिंह ने यह निर्णय तो लिया, लेकिन नया कैडर बनाकर उन्हें धोखा दिया है। पूर्व की सभी सेवा अवधि शून्य हो जाने से उन्हें आर्थिक हानि होगी। कमलनाथ ने कहा कि कांगे्रस की सरकार आने पर अध्यापकों के साथ न्याय किया जायेगा।

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