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राहुल गांधी का विमान सिर्फ 20 सेकंड से क्रैश होते-होते बचा था

नई दिल्ली 1 सितम्बर 2018 । विधानसभा चुनाव के समय कर्नाटक दौरे के वक्त कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विमान में तकनीकी खामी के मामले में एक अंग्रेजी अखबार ने नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की रिपोर्ट का खुलासा किया है. अंग्रेजी अखबार ‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के अनुसार जॉइंट डायरेक्टर ललित गुप्ता ने कहा कि दो लोगों की टीम इस मामले की जांच कर रही थी.

एयरक्राफ्ट् फाल्कॉन 2000 रेलिगेयर एविएशन का विमान है और उसे कांग्रेस ने लिया था. ‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के मुताबिक डीजीसीए की जांच में यह सामने आया है कि जहाज के हाईड्रोलिक सिस्टम में दिक्कत थी. माना जा रहा है कि जांच कमेटी, जहाज के ऑपरेशनल स्टाफ को भी मेटेनेंस चेक से जुड़े रिकॉर्ड्स के लिए बुला सकता है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अगर घटना के दिन पायलट खामी पर नियंत्रण पाने में असफल रहते तो 20 सेकंड के भीतर राहुल का प्लेन क्रैश होने की आशंका थी. विमान जब एक ओर झुका तो वह ऑटो पायलट मोड पर चल रहा था.

कांग्रेस की ओर से घटना के बाद शिकायत दर्ज कराई गई थी जिसमें कहा गया था, ‘तीसरी कोशिश में हुबली एयरपोर्ट पर जहाज उतर पाया. इस दौरान विमान बुरी तरह हिल रहा था. मौसम के पूर्वानुमान और प्लेन में सवार यात्रियों के मुताबिक, उस वक्त बाहर का मौसम बेहद साफ था, धूप खिली हुई थी और हवा की रफ्तार भी सामान्य थी.’

प्लेन में सवार लोगों की जिंदगी खतरे में डालने के लिए ‘जानबूझकर की गई छेड़छाड़’ की आशंका जताते हुए इस शिकायत में कहा गया था कि प्लेन में बेहद झटके लग रहे थे. इसके बाद वह एक तरफ झुक गया और उसमें चरमराने की आवाज़ आने लगी थी. इसमें साथ ही बताया कि विमान का ऑटो पायलट सिस्टम भी काम नहीं कर रहा था.

नोटबंदी पर बोलने आए राहुल ने पूछी पत्रकारों से ऐसी बात, हॉल में पसर गया सन्नाटा

नई दिल्ली में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने मीडियाकर्मियों से पूछा कि वो एक पत्रकार होने के नाते लिखने में कैसा महसूस कर रहे हैं? क्या वो स्वतंत्र होकर लिख रहे हैं या दबाव महसूस कर रहे हैं।

संवाददाता सम्मेलन के आरंभ में मुस्कराते हुए राहुल ने संवाददाताओं से पूछा, आप कैसे हैं, आपका मूड कैसा है? क्या आप इन दिनों स्वतंत्र रूप से लिख रहे हैं या कोई दबाव है..? मुख्य रूप से नोटबंदी के मसले पर बातचीत के लिए आए राहुल ने मसले पर बोलने से पहले मुस्कराते हुए कहा, देश का सामान्य मूड ऐसा है कि लोग खुलकर बोलने से थोड़े भयभीत हैं। मीडियापर्सन्स भी अपना काम अनिच्छा भाव से कर रहे हैं। लेकिन आपको हमारी ओर से पूरा समर्थन है।

सज्जन के सामने भिड़े कॉंग्रेसी ,बाअथरूम के सामने मिलना पड़ा
पूर्व सांसद कांग्रेसी नेता सज्जन सिंह के सामने। कांग्रेस कार्यकर्ता आपस मे भिड़े, मामला ब्लाक अध्यक्षो की नियुक्ति को लेकर हुआ। मौजूद अन्य नेताओं ने विवाद कर रहे कार्यकर्ताओ को शांत कराया।सज्जन सिंह वर्मा ने इसे कार्यकर्ताओ का उत्साह बताया। और कोई विवाद नही होने की बात कही। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव ,पूर्व सांसद सज्जन सिंह वर्मा आज रतलाम पहुचे। सर्किट हाउस पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।इसके पश्चात श्री वर्मा जब सभी ब्लाक वाइज कार्यकर्ताओ से मिलने के लिए कक्ष में पहुचे तो कार्यकर्ताओ की भीड़ कक्ष में घुस गई।श्री वर्मा को कक्ष के भीतर बने बाथरूम के बाहर ही खड़े होकर कार्यकर्ताओ से मिलना पड़ा। इसके बाद बाहर आये श्री वर्मा के सामने नामली ब्लाक के नए ब्लाकअध्यक्षो को लेकर नव नियुक्त अध्यक्ष श्रीनाथ योगी ओर निवर्तमान अध्यक्ष शुशील भीड़ गए। जिससे हंगामा मच गया। दोनो के समर्थो के बीच हुए हंगामें को शांत किया।इस आपाधापी में खींचतान मच गई थी।कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हंगामा करने पर श्री वर्मा बोले कि यह उत्साह है हंगामा नही।सभी अपनो अपनी बात कह रहे थे।

शिवराज सिंह सही कह रहे हैं कि उन्होंने सीएम पद की परिभाषा बदल दी है- कमलनाथ
प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि शिवराजसिंह चैहान अपनी जनआशीर्वाद यात्राओं में कह रहे हैं कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद की परिभाषा ही बदल दी है। यह सही है कि उन्होंने परिभाषा बदल दी है। जब चुनाव आये तक जनता के बीच में पहुंच जाओ। झूठी घोषणाएं करो, खूब झूठे वादे करो, खूब गुमराह करों और पूरे पांच गायब हो जाओ। जनता ढूढ़ती रह जाये, न घोषणाएं पूरी हुई, न वादे पूरे हुये। उन्होंने कहा कि यह सही है कि आपने मुख्यमंत्री की नई परिभाषा गढ़ी है, लेकिन जनता शिवराज की इस परिभाषा को अच्छी तरह से समझ चुकी है। जनता अब नई परिभाषा गढ़, उनको घर बैठायेगी।
कमलनाथ ने कहा कि शिवराजसिंह यात्राओं में कह रहे हैं कि हमने गरीबों की खुशहाली के लिए खजाना खोल दिया है। लेकिन गरीबों को यह भी तो बताओ कि जिस खजाने का मुंह खोला है, वह तो खाली पड़ा है। प्रदेश के प्रति व्यक्ति पर औसतन कर्ज 23 हजार रूपये है। यह सही है कि आपको तो बस मुंह चलाना है। आपने तो खजाना खुद की ब्रांडिंग, प्रचार-प्रसार और घोटालों में लुटा दिया है। खाली खजाना खोलकर अब आप क्या गरीबों का मजाक उड़ा रहे हैं?
सड़काें की सच्चाई सामने आयी
कमलनाथ ने कहा कि हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री लगातार रट लगाये बैठे हैं कि प्रदेश की सड़कें अमेरिका से अच्छी हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि सड़कों के कारण होने वाली मौतों में मप्र देश में तीसरे नंबर पर है। वर्ष 2013 से 2017 के बीच 1385 लोगों की जाने सड़कों में गड्डों के कारण गई। शिवराज सिंह शायद इस सच्चाई को जानने के बाद अमेरिका की रट अब भूल जायेंगे।
कमलनाथ ने कहा कि वर्ष 2015 में सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा राज्य सभा में पेश की गई रिपोर्ट में भी मध्यप्रदेश सड़कों मंे गड्डों से होने वाली मौतों में शीर्ष पर बताया गया था। उस समय की सच्चाई की पुष्टि हो गई थी। लेकिन उसके बाद भी प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह यह सच मानने को तैयार नहीं थे, लेकिन अब इस खुलासे के बाद शायद वे सच्चाई को स्वीकार करेंगे और अमेरिका…अमेरिका की रट छोड़ देंगे।

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