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राहुल गांधी के रोड शो और सभा पर बंटी कांग्रेस, दो शहरों में कन्फ्यूजन

इंदौर 29 सितम्बर 2018 । कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का इंदौर दौरा लगभग तय हो गया है। उज्जैन, देवास होकर वे 15 अक्टूबर को इंदौर पहुंचेंगे। चुनावी माहौल खड़ा करने के लिए रोड शो की योजना बनाई गई है। सभा भी तय की गई है, लेकिन ये कहां होगी इसको लेकर कंफ्यूजन है। एक खेमा चाहता है इंदौर में हो तो दूसरा धार का प्रयास कर रहा है। दो माह बाद होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने जोर मारना शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी खुद मैदान में उतर गए हैं। कल उन्होंने चित्रकूट में रोड शो और सभाएं की। वे लगातार प्रदेश के दौरे पर रहेंगे और पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास करेंगे।

इससे ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि चुनाव को कांग्रेस गंभीरता से ले रही है। गांधी का इंदौर दौरा भी लगभग तय हो गया है। 15 अक्टूबर को वे उज्जैन महाकाल मंदिर से अपनी यात्रा शुरू करेंगे। उज्जैन के बाद वे देवास होते हुए इंदौर पहुंचेंगे।

सूत्रों के मुताबिक इंदौर में गांधी का रोड शो होगा। दौरे को लेकर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया, प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ, चुनाव कैम्पेन कमेटी के चेयरमैन ज्योतिरादित्य सिंधिया अंतिम रूप दे रहे हैं। शहर व जिला इकाई से रूट चार्ट मांगा जाएगा। प्रयास होगा कि ज्यादा से ज्यादा शहरी क्षेत्र कवर हो सके। मानना है कि मार्ग ऐसा होना चाहिए जिसमें आम जनता की भीड़ के साथ में माहौल बनना चाहिए ताकि संदेश अच्छा जाए।

संभावना ये भी बन रही है कि रोड शो के बाद में गांधी रात इंदौर में ही रुकेंगे और यहां से महू जाएंगे। आंबेडकर स्मारक में प्रतिमा पर माल्यापर्ण करने के बाद में धार और झाबुआ की ओर रवाना होंगे। इधर, राहुल की सभा तो होना है, लेकिन कहां होगी इसको लेकर कंफ्यूजन है। इंदौर जिले में सभा होगी तो महू में आयोजन रखा जाएगा नहीं तो धार में रखी जाएगी।

आसान नहीं होगा टिकट वितरण

गौरतलब है कि कांग्रेस ने टिकट वितरण को लेकर कुछ पैमाने तैयार किए हैं जिसमें इंदौर के कई नेताओं को पसीने छूट जाएंगे। पार्टी ने तय किया है कि लगातार दो बार और 15 हजार से ज्यादा वोटों से पिछला चुनाव हारने वाले प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया जाएगा।

ऐसे में सत्यनारायण पटेल, पंकज संघवी, तुलसीराम सिलावट और अंतरसिंह दरबार परेशानी में आ जाएंगे। पटेल, दरबार व सिलावट लगातार हार चुके हैं तो सिलावट १७ हजार से अधिक मतों से पराजित हुए थे।

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