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रेलवे के निजीकरण के सवाल पर बोले रेल मंत्री पीयूष गोयल

नई दिल्ली 18 मार्च 2020 ।  देते हुए कहा कि ऐसी कोई योजना नहीं है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि भारतीय रेलवे देश की जनता से जुड़ी हुई है और ऐसी कोई भी प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने रेलवे की बेहतरी के लिए उठाए जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि एनडीए सरकार ने अगले 12 सालों में भारतीय रेलवे में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश का प्लान तैयार किया है।
रेलवे की बेहतरी के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों का ब्योरा देते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार ने 2024 तक 100 फीसदी रेलवे ट्रैक्स के इलेक्ट्रिफिकेशन का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने बताया कि सरकार 5,276 किलोमीटर ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन करने में सफल रही है, जो 2013-14 के मुकाबले एक लंबी छलांग है। तब सिर्फ 610 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का ही इलेक्ट्रिफिकेशन हुआ था।

लंबित परियोजनाओं का ठीकरा राज्य सरकारों पर फोड़ते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि भूमि अधिग्रहण और राज्य सरकारों की ओर से निवेश में रुकावट के चलते यह स्थिति पैदा हो रही है। तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों की ओर से रेलवे के घाटे के सवाल पर पीयूष गोयल ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि मैं घाटे को लेकर राजनीति नहीं करना चाहता।

संसद में रेलवे को लेकर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों के सदस्यों ने रेलवे की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए कहा था कि परियोजनाओं को पूरा करने में देरी हो रही है। इसके अलावा निजीकरण का भी खतरा है। इस पर जवाब देते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि बीते एक साल में रेल हादसों में कोई मौत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार रेल सेक्टर की सभी समस्याओं को दूर करने के प्रयास कर रही है। बता दें कि सरकार ने जनवरी में 100 रूटों पर 150 निजी ट्रेनों को चलाने और 50 रेलवे स्टेशनों को निजी हाथों में सौंपने की बात कही थी। इसके बाद से ही रेलवे के निजीकरण के कयास लगाए जाने लगे थे।

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