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रेलवे ने महज 43 महीने में बना डाली सबसे लंबी सुरंग, 60 किमी दूरी कम की, पांच घंटे बचेंगे

नई दिल्ली 11 जुलाई 2019 । भारतीय रेलवे ने दक्षिण मध्य जोन में आंध्र प्रदेश में चेरलोपल्ली और रापुरु स्टेशनों के बीच 6.6 किलोमीटर की सबसे लंबी विद्युतीकृत सुरंग का निर्माण किया है। यह सुरंग हाल ही में पूरी हुई 113 किलोमीटर लंबी ओबुलावरिपल्ली-वेंकटचलम नई रेलवे लाइन का हिस्सा है। बीते 25 जून को दो मालगाड़ियों को सफलतापूर्वक गुजारा गया था। इस विद्युतीकरण रेलवे ट्रैक वाले सुरंग से ट्रेनों का गुजरना रेलवे के लिए किसी कीर्तिमान से कम नहीं। जानकर हैरानी होगी कि रेलवे ने महज 43 महीनों में इस सुरंग का निर्माण कर डाला है।
प्रत्यक्ष और व्यवहारिक तौर पर दक्षिण तट और पश्चिम तट को आपस में जोड़ने वाली यह नई रेलवे लाइन कृष्णापटनम बंदरगाह और इसके आंतरिक क्षेत्रों में रेल संपर्क को जोड़ती है। बड़ी बात यह कि इस रेल सुरंग के निर्माण से 60 किलोमीटर की दूरी कम हो गई है, जिससे माल ट्रेनों की सुविधाएं और ज्यादा सुगम हो जाएंगी।
फिलहाल कृष्णापटनम बंदरगाह और ओबुलावरिपल्ली के बीच एक मालगाड़ी को 10 घंटे का समय लगता था, जबकि सुरंग बनने के बाद अब नई रेलवे लाइन से महज पांच घंटे ही लगेंगे। यानी कि पांच घंटों की बचत होगी। यह सुरंग मालगाड़ियों के संचालन में एक ‘गेम चेंजर’ साबित होगी। इसने ओबुलावरिपल्ली-वेंकटचलम-कृष्णापटनम पोर्ट लाइन में मालगाड़ियों के संचालन का मार्ग प्रशस्त किया है।
आइए, जानते हैं इस सुरंग और रेलवे लाइन की विशेषताओं के बारे में:
आंध्र प्रदेश में चेरलोपल्ली और रापुरु स्टेशनों के बीच 6.6 किलोमीटर लंबी यह यह सुरंग ‘घोड़े के नाल’ के आकार की है।

इस सुरंग के निर्माण में ‘नए आस्ट्रेलियाई सुरंग निर्माण विधि’ (एनएटीएम) का प्रयोग किया गया।

सुरंग के निर्माण में रेलवे को 43 महीने लगे और इस पर करीब 460 करोड़ रुपये की लागत आई।

इस सुरंग की ऊंचाई 6.5 मीटर है, जबकि बिजली के तार करीब 5.2 मीटर ऊंचे लगाए गए हैं।

निर्माण और विद्युतीकरण के दौरान सुरंग में काम करने वाले कर्मियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षित अर्थिंग व्यवस्था थी।

इस सुरंग में रेलवे लाइन की मोटाई 300 मिलीमीटर दी गई है।

चेरलोपल्ली के पास और अड़ूपुपल्ली के पास बीच में आवश्यक स्विचिंग रेलवे स्टेशनों के साथ दो बिजली आपूर्ति सबस्टेशन बनाए गए हैं।

इस रेल लाइन में टॉवर-कार शेड के साथ ही रैपुरू में ‘ओएचई’ रखरखाव डिपो स्थापित किया गया है।

सुरंग के भीतर 10-10 मीटर की दूरी पर एलईडी लाइटिंग लगाई गई है, जिसकी रोशनी से सुरंग जगमगाता रहता है।

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