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राज बब्बर ने ली राजेन्द्र वशिष्ठ के समर्थन में चुनावी सभा

उज्जैन 23 नवम्बर 2018 । फ़िल्म अभिनेता और कांग्रेस के स्टार प्रचारक राज बब्बर गुरुवार को उज्जैन पहुंचे और यहाँ नीलगंगा चौराहे पर उज्जैन दक्षिण से काँग्रेस के प्रत्याशी राजेन्द्र वशिष्ठ के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के एकजुट होने की बात कही और मतदाताओं से अपील की कि वे किसी नेता को न देखें बल्कि हाथ के पंजे को देखकर प्रदेश में 15 साल से कुशासन कर रही भाजपा सरकार के खिलाफ वोट करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बीजेपी सरकार जनता के साथ किये गए वादों पर खरी नहीं उतरी है। इससे पहले उन्होंने भगवान महाकाल के मंदिर जाकर राजाधिराज बाबा महाकाल के दर्शन किये।
अभिनेता और कांग्रेस के स्टार प्रचारक राजबब्बर ने कहा कि मैं महाकाल की नगरी उज्जैन में और यहां आकर मैंने आत्मिक आनन्द का अनुभव किया है। इस अलौकिक नगरी में मैं झूठ नहीं बोलूंगा। आप का दायित्व है कि आप सच का साथ दे और अब वक्त बदलाव का है। इसलिए आप को भी सच का साथ देना होगा।
शिवराज सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। इधर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विकास को कभी गंभीरता से नहीं लिया बल्कि देश को झूठे वादे करके विदेश में पूंजी लूटा रहे हैं। देश के उद्योगपति विजय माल्या, नीरव मोदी जैसे भगोड़े उनके मित्र हैं। प्रधानमंत्री ने गरीबों का जन-धन खाता खुलवा कर उसमें 15 लाख रुपए आने की बात कही थी और उन्हें बेवकूफ बनाया। नोट बंदी कर लोगों को लाइन में लगाकर अमीरों के नोट रातोंरात पिछले दरवाजा से बदल दिए गए। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र वशिष्ठ को अपने परिवार का सदस्य बताया।

कृषि मंत्रालय के सच से खुला शिवराज का झूठ: कमलनाथ

भोपाल 23 नवम्बर 2018 ।  प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि कृषि मंत्रालय की संसदीय समिति की रिपोर्ट से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नोटबंदी के फैसले की पोल खुल गयी। इस गलत निर्णय से देश के करोड़ों लोग तो परेशान हुए ही, किसान सबसे ज्यादा परेशान हुआ। ऐन रबी के सीजन में जब किसान को खाद बीज के लिय नकद राशि की जरूरत होती है तब अचानक नोटबंदी के कारण उनकी नकदी छिन गयी।
कमलनाथ ने कहा कि केंद्र सरकार की ताजा रिपोर्ट से शिवराज सरकार का झूठ भी सामने आ गया है। शिवराज सरकार ने नोटबंदी को किसानों के हित मे बताया था। केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय में अब ये स्वीकार किया है कि नोटबंदी का फैसला किसानों के लिए नुकसानदेह साबित हुआ । यदि शिवराज यह जानते थे तो मोदी के सामने चुप क्यों रहे। किसानों ने लाख कहा कि नकदी की कमी से परेशानी हो रही है। लेकिन मोदीजी की दादागिरी के आगे शिवराज सरकार भी चुप रही।
नाथ ने कहा कि शिवराज सरकार ने किसानों से झूठ बोला। किसानों का दर्द सबसे छुपाते रहे। अपना हक मांग रहे किसानों पर शिवराज सरकार ने गोलियां चलवा दीं और। अब वित्त मंत्रालय से जुड़ी संसद की एक स्थायी समिति की बैठक में कृषि मंत्रालय ने माना है कि नकदी की कमी के चलते लाखों किसान रबी सीजन में बुआई के लिए बीज-खाद नहीं खरीद सके, जिसका उन पर काफी बुरा असर पड़ा।
रिपोर्ट में साफ लिखा है कि नोटबंदी जब लागू हुई, तब किसान या तो अपनी खरीफ की पैदावार बेच रहे थे या फिर रबी फसलों की बुआई कर रहे थे। ऐसे समय में किसानों को नकदी की बेहद जरूरत होती है, पर उस समय कैश की किल्लत के चलते लाखों किसानों की कमर टूट गई।

नोटबंदी के बाद अब खाद बंदी

कमलनाथ ने कहा कि नोटबंदी के बाद प्रदेश में अब खाद बंदी लागू हो गयी है। शिवराजसिंह का इस ओर बिलकुल भी ध्यान नहीं है। जगह-जगह से किसानों के सड़क पर उतरने की खबरें आ रही हैं। प्रदेश के कई स्थानों पर किसान यूरिया नहीं मिलने से परेशान हैं और आंदोलन कर रहे हैं। यूरिया एक राष्ट्रीयकृत प्रोडक्ट है, जिसे सरकार बेचती है। लेकिन गेहूं, चने, मटर के लिये यूरिया नहीं मिल रहा है।
डाॅलर के मुकाबले रूपये की कीमत गिरने के कारण चीन, अमेरिका, गल्फ कंट्रीज, मोरक्को आदि से 90 प्रतिशत आयात होने वाला डीएपी और पोटाश की बोरी के दाम भी तीन-चार सौ रूपये बढ़ गये हैं। बारह सौ रूपये प्रति बोरी बिकने वाला डीएपी अब 15 सौ रूपये में बिक रहा है। इसी तरह 624 रूपये बिकने वाला एमओपी 950 रूपये पर जा पहुंचा। एक एकड़ में चार-पांच बोरी खाद लगती है। इस तरह 15 सौ रूपये प्रति एकड़ फसल लागत मूल्य बढ़ गया। अपनी फसल की बर्बादी की आशंका के चलते किसान हलाकान होकर घूम रहा है और निराश है।

स्वर्ण समाज पार्टी के तीन राष्ट्रीय पदाधिकारी भी शामिल

भारतीय जनशक्ति पार्टी के 15 जिला अध्यक्ष आज कमलनाथ जी के समक्ष उनके निवास पर पहुंचकर कांगे्रस पार्टी में शामिल हुए, उनके समर्थक भी कांगे्रस में शामिल हुए।
भारतीय जनशक्ति पार्टी के जो जिलाध्यक्ष कांगे्रस में शामिल हुए हैं, उनमें केशव व्यास भिण्ड, मनोज शर्मा मुरैना, रवेन्द्र तिवारी ग्वालियर, रामगोपाल शर्मा शिवपुरी, राजेन्द्र रघुवंशी अशोक नगर, उमाकांत तिवारी सागर, मानवेन्द्र यादव टीकमगढ़, बी.डी. शर्मा सिंगरौली, गोपाल सिंह दरबार शाजापुर, नरेन्द्र शर्मा राजगढ़, लक्ष्मणसिंह तोमर इंदौर, सुरेश सोनी दतिया, रंजना त्रिपाठी उमरिया, देवेन्द्र गुप्ता गुना और दतिया के पूर्व जिला अध्यक्ष अनिल भार्गव शामिल हैं। इनके साथ समर्थकगण श्रीमती शशि भार्गव, चंद्रेश राजपूत, मकसद खां भी शामिल थे।
इसके अलावा सवर्ण समाज पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी इंजीनियर आर.पी. श्रीवास्तव, राष्ट्रीय महासचिव डाॅ. संजय मेहरोत्रा और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डाॅ. नईम आगा ने भी कांगे्रस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

शिवराजसिंह की लूट और झूठ की कलाकारी को जनता पहचान चुकी है: कमलनाथ

प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ ने आज छिंदवाड़ा जिले के नवगांव, तामिया, सिवनी जिले की केवलारी और होशंगाबाद के पिपरिया सहित अन्य विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित किया। कमलनाथ के भाषणों के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:-
ऽ तामिया में कहा कि हमने बदलता हुआ तामिया देखा है, आगे का रास्ता अभी बहुत लंबा है। बहुत सारी चुनौती हमारे सामने है।
ऽ जिन्हांेने प्रदेश को गुमराह किया है, झूठ की कलाकारी की है वे सब जनता को पहचान में आ गये हैं। मुझे आप पर विश्वास है। याद रखना जो बटन आप 28 नवंबर को दबाओगे वह पूरे मध्यप्रदेश के भविष्य का फैसला करेगा। उस दिन आप भटकते हुए नौजवानों के भविष्य का फैसला करेंगे। मोदी जी ने मध्यप्रदेश को अंधेरे की ओर घसीटा है।
ऽ मैं जब संसद में जाता हूं तब मैं आपका वोट लेकर जाता हूं। संसद के अंदर आपका प्यार और आशीर्वाद लेकर जाता हूं। पूरे मध्यप्रदेश की आंख आप लोगांे की ओर लगी हुई है कि छिंदवाड़ा में क्या होता है? छिंदवाड़ा जिले में किसी का अतिक्रमण नहीं हो सकता। जिले में कोई गुमराह नहीं कर सकता। छिंदवाड़ा ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में कांग्रेस का झंडा लहरायेगा।
ऽ मेरे ऊपर पूरे प्रदेश की जिम्मेदारी है। जब मैंने छिंदवाड़ा के लोगों से पूछा कि क्या मुझे छिंदवाड़ा आना चाहिए? तो लोगों ने कहा आप यहां मत आना, यहां का बोझ हम सम्हाल लंेगे।
ऽ अभी मैं बुधनी विधानसभा गया था। शिवराज के निर्वाचन क्षेत्र में गया था। यह देखने के लिए कि वे 15 साल से मुख्यमंत्री हैं तो उन्होंने वहां का क्या विकास किया। लोगों ने कहा कि अच्छे दिन तो आये नहीं हमारे बुरे दिन ही लौटा दो, नहीं चाहिए हमें अच्छे दिन।
ऽ मोदी जी छिंदवाड़ा आये थे। मुझे लगा कि वे यहां कुछ देखकर जायेंगे। हमारे बडे़-बड़े प्रशिक्षण केंद्र देखेंगे, हमारे हाईवे, हमारी सड़कें देखेंगे, लेकिन अपने भाषण मंे उन्होंने न तो किसानों की बात की और न ही नौजवानों की बात की। बातें की तो सिर्फ कमलनाथ की। पता नहीं कमलनाथ के नाम से उनके पेट में क्यों दर्द होता है?
ऽ आपको याद होगा मोदी जी कितने बड़ी-बड़ी बातें करते थे, जब प्रधानमंत्री नहीं बने थे। दो करोड़ युवाओं को रोजगार दे दूंगा। मैंने उद्योगपतियों से कहा कि छिंदवाड़ा में उद्योग लगाईये, वे कहते थे कि छिंदवाड़ा में नहीं हम तो नागपुर में लगा लेंगे, क्योंकि मध्यप्रदेश सबसे भ्रष्ट प्रदेश है।
ऽ मध्यप्रदेश किसानों की आत्महत्या में नंबर वन, बेरोजगारी में नंबर वन, महिला अत्याचार और बलात्कार में नंबर वन है।
ऽ पहले भी कांगे्रस ने कर्जा माफ किया था और अभी भी हमने स्पष्ट कहा है कि किसानों का कर्जा माफ किया जायेगा। यहां सड़कंे, बिजली, पीने का पानी नहीं था। बुजुर्गों ने तो अपना समय काट लिया, लेकिन इन नौजवानांे का क्या होगा। नौजवानों में एक तड़प है कुछ करने की।
ऽ पिपरिया की सभा में कलमनाथ ने कहा कि आप लोगांे ने यदि पहले पिपरिया में मुझे सेवा करने का मौका दिया तो जो मांगे आप लोगांे ने आपने रखी हैं, उन्हें रखने की जरूरत नहीं पड़ती। मैं कितनी बार पिपरिया आया। मैं पिपरिया को छिंदवाड़ा का हिस्सा मानने के लिए तैयार हूं।
ऽ आप साथ दे दीजिए, आपको यह बात माननी ही पडे़गी। आप अपनी बातें बता सकते हैं। लेकिन आपको मुझे भी तो शक्ति और बल देना पड़ेगा। इस बार मेरी उम्मीद है कि आप पिपरिया का एक नया इतिहास बनायेंगे।
ऽ 28 तारीख को चुनाव हैं। आप सब जानते हैं कि उसके क्या मायने हैं, क्या मतलब हैं? इस दिन आप जो बटन दबायेंगे, वह हमारे नौजवानों के भविष्य का फैसला होगा। क्योंकि यह इतिहास बदलने का फैसला होगा। भटकते नौजवान और परेशान होते, छोटे व्यापारियों की तस्वीर आपके सामने हैं। तो आप सचचाई का साथ दीजिए।
ऽ हमारे मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। व्यापार तभी चलता है, जब किसानों के हाथ मंे क्रय शक्ति हो। यह क्रय शक्ति भोपाल से नहीं आती, पिपरिया, छिंदवाड़ा से नहीं आती, यहां के खेतों से आती है।
ऽ शिवराजसिंह ने कैसा झोंका हैं किसानों को। खाद की बात हो, बीज की बात हो, भावांवर की बात हो हमारे किसानों का कितना अपमान हुआ है, उन्हें जेल में डलवाया। पेट में लात मारते हैं और छाती पर गोली देते हैं। मोदी जी ने कहा था कि किसानों को लागत का 50 प्रतिशत देंगे। अब वे किसानों की बात नहीं करते।
ऽ शिवराजसिंह भी कम कलाकार नहीं हैं। 21 हजार घोषणाएं कर डालीं। किस प्रकार इन्होंने सबको गुमराह किया है। लूट और झूठ की सरकार है।

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