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रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट से सिर्फ 5 -10 मिनट में ही पता चल जाएगा कि किसी मरीज के पॉजिटिव होने की कितनी संभावना है

भोपाल 21 अप्रैल 2020 ।  प्रदेश सरकार ने निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटर में रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट करने की अनुमति दे दी है। अब बायोसेफ्टी लेवल-2 स्तर की किसी भी लैब में यह जांच हो सकेगी। खास बात यह है कि 10 से 15 मिनट में जांच होने से मरीज का बेवजह अस्पताल में भर्ती होना बंद होगा और बेड व रूम जरूरतमंद मरीजों के काम आ सकेंगे। फिलहाल जांच रिपोर्ट आने में 5 से 6 दिन का समय भी लग रहा है। शहर में सेंट्रल पैथोलॉजी लैब और अरबिंदो अस्पताल इस जांच के लिए प्रस्ताव दे चुके हैं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज भी इस जांच के लिए तैयार है। सेंट्रल लैब इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) से रजिस्टर्ड है और उसने खुद की क्षमता प्रतिदिन 4000 सैंपल की जांच की बताई है। हालांकि आईसीएमआर प्रदेश को 30 हजार रैपिड एंटीबॉडी जांच किट उपलब्ध करवा रही है। सबसे पहले ये इंदौर को मिल रही हैं। गौरतलब है कि सरकार ने 9 अप्रैल को कुछ उपकरण, पीपीई किट और मास्क के लिए टेंडर बुलवाए थे। उसमें प्रदेश में दो लाख किट सप्लाई करने के लिए तीन कंपनियों ने आवेदन दिया है।

जांच बताएगी, मरीज अस्पताल में रुके या नहीं
सांस लेने में तकलीफ के साथ फ्लू पीड़ित सैकड़ों लोगों के सैंपल रोज लिए जा रहे हैं। रिपोर्ट आने तक मरीज आइसोलेट रहता है। रैपिड टेस्ट में 5-10 मिनट में पता चल जाएगा कि मरीज में पॉजिटिव होने की संभावना कितनी है। पॉजिटिव आने पर कन्फर्मेशन के लिए जरूरी पीसीआर टेस्ट होगा। एमजीएम में तेजी से टेस्ट करने के बावजूद 5-6 दिन का वेटिंग चल रहा। इसी के चलते 1142 सैंपल दिल्ली भेजना पड़े थे। फिलहाल स्वैब सैंपल लेकर पीसीआर जांच की जा रही है, जिसमें 12 घंटे लगते हैं। यह तीन चरणों में होती है। पूरी टीम लगाने के बाद भी हर दिन 200 जांच ही हो पा रही है।

टाटपट्टी बाखल इंदौर की कार मूंदड़ा कॉलोनी में
कोरोना संक्रमण की वजह से 22 मार्च को देश में जनता कफ्र्यू लगाया गया था। उसी दिन अज्ञात व्यक्ति शहर की पॉश कालोनी में फारच्यून कार खड़ी कर चले गये। रहवासियों ने लॉकडाउन और कफ्र्यू के दौरान उक्त कार कालोनी में खड़ी रहने पर जांच व पूछताछ शुरू की तो वह कार इंदौर के टाटपट्टी बाखल निवासी व्यक्ति की निकली जिसकी सूचना पुलिस को दी है।

मूंदड़ा कालोनी में रहने वाले विनीत सूर्या ने बताया कि फारच्यून कार क्रमांक एमपी 09 एनजी 1717 जनता कफ्र्यू वाली रात को अज्ञात व्यक्ति खड़ी कर चले गये। दूसरे दिन से देश में लॉकडाउन व शहर में कफ्र्यू लागू होने के बाद कोई व्यक्ति उक्त कार को लेने नहीं आया। शंका होने पर कालोनी के रहवासियों से पूछताछ की लेकिन किसी ने भी उक्त कार अपनी या परिचित की होना नहीं बताया। कालोनी के राजेन्द्र पसारी के घर के सामने खड़ी उक्त कार का नम्बर यहां रहने वाले मुन्ना सोगानी ने इंटरनेट पर सर्च किया तो पता चला कि यह कार मोहसिन पिता हमीद निवासी 86 टाटपट्टी बाखल इंदौर के नाम से रजिस्टर्ड है।

इंदौर का टाटपट्टी बाखल पिछले दिनों कोरोना योद्धा डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों पर पत्थरबाजी व मारपीट के मामले में प्रकाश में आया था। इसी कारण रहवासी भयग्रस्त हुए और उन्होंने संदिग्ध कार की सूचना तुरंत पुलिस को दी। रहवासियों ने बताया कि लावारिस हालत में खड़ी कार के पास कालोनी के रहवासी नहीं जा रहे हैं और पुलिस से उक्त कार को कालोनी से हटवाने की बात भी कही है।

अशासकीय स्कूलों को मान्यता नवीनीकरण के लिए एक वर्ष की छूट

राज्यशासन द्वारा कोविड-19 के संक्रमण के चलते अशासकीय स्कूलों की मान्यता नवीनीकरण के लिये एक वर्ष की छूट दी गई है। यह अवधि पूर्व में दो बार बढ़ाई जा चुकी है। लॉकडाउन अवधि 3 मई तक बढ़ाए जाने पर संस्थाओं को होने वाली कठिनाईयों और छात्रहित को ध्यान में रखते हुए 31 मार्च 2021 तक के लिये अशासकीय स्कूलों की मान्यता को यथावत मान्य किया गया है।

मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध ऐसे समस्त अशासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकण्डरी स्कूल, जिनकी मान्यता 31 मार्च, 2020 को समाप्त हो गई है, उन्हें म.प्र. माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शालाओं के मान्यता नियम 2017 (यथा संशोधित दिनांक 3 मार्च 2020) के नियम 6 अनुसार मान्यता नवीनीकरण के लिये इस वर्ष आवेदन प्रक्रिया से छूट दी गई है। ऐसे विद्यालयों की मान्यता 31 मार्च 2021 तक की अवधि के लिये यथावत मान्य होगी। ऐसे सभी विद्यालयों को मान्यता नियमों में वर्णित मापदण्डों एवं शर्तों का पालन किया जाना अनिवार्य होगा।

इन सभी विद्यालयों को शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिये मान्यता नवीनीकरण के लिये निर्धारित शुल्क आगामी सत्र तक के लिये स्थगित किया गया है। भविष्य में मान्यता नवीनीकरण के लिये आवेदन किये जाते समय यह शुल्क जमा करना होगा।

शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिये नवीन मान्यता के लिये एम.पी. ऑनलाइन के मान्यता पोर्टल पर आवेदन अपलोड करने की समय सीमा 30 अप्रैल से बढ़ाकर 30 मई 2020 कर दी गई है।

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