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कृषि भूमि की खरीद पर स्टांप शुल्क घटा, पुराने मकानों की रजिस्ट्री में 50% तक मिलेगी छूट

नई दिल्ली 11 मार्च 2019 । कृषि भूमि की खरीद पर स्टांप शुल्क घटा, पुराने मकानों की रजिस्ट्री में 50% तक मिलेगी छूट20-25 साल 15 25-30 साल 20 30-35 साल 25 35-40 साल 30 40-45 साल 35 45-50 साल 40 50-55 साल 45 55 से ऊपर 50 आम लोगों को रजिस्ट्री पर होगा सीधा…
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कृषि भूमि की खरीद पर अब कम स्टांप शुल्क देना होगा, क्योंकि पंजीयन विभाग ने लोगों की सुविधा के लिए 1 हजार वर्ग मीटर के स्लैब को तीन हिस्सों में तोड़ दिया है। अभी कृषि भूमि की खरीद पर पहले 1 हजार वर्ग मीटर पर आवासीय प्लाट के रेट के हिसाब से स्टांप ड्यूटी लगती है और इसके बाद के हिस्से पर उस क्षेत्र की प्रचलित गाइड लाइन की रेट हेक्टेयर के हिसाब से। ऐसे ही पुराने मकानों की खरीद पर निर्माण लागत पर मिलने वाली अधिकतम छूट भी अब 20 फीसदी से बढ़ाकर 50 तक कर दी गई है। अभी ऐसे मकानों के लिए सिर्फ दो स्लैब थे, नए वित्तीय वर्ष में इन्हें बढ़ाकर 9 कर दिया गया है। अभी 20 साल से अधिक पुरानी संपत्तियों पर निर्माण लागत का 10 फीसदी और 50 साल से अधिक पुराने पर 20 फीसदी छूट का प्रावधान है।
यह पहला मौका है, जब जमीन की रेट संबंधी नई कलेक्टर गाइड लाइन तैयार होने से पहले ही पंजीयन विभाग ने उपबंध जारी किए हैं। सरकार ने ऐसा गाइड लाइन में हो रही देरी के कारण लोकसभा चुनाव को देखते हुए किया है। नए उपबंध एक अप्रैल से प्रभावी होंगे। इससे आम लोगों को तो राहत मिलेगी पर पंजीयन विभाग की आय में गिरावट आएगी।
1 अप्रैल से लागू होंगे दोनों उपबंध, रियल एस्टेट कारोबार तेज होने से बढ़ेंगी रजिस्ट्रियां
पुराने मकानों के लिए नया स्लैब, कैटेगरी भी बढ़ाईं
(नोट- छूट प्रतिशत में है। अब 20 साल तक के पुराने मकानों पर भी छूट मिलेगी, जो मकान 30 साल से अधिक पुराने हैं। उन्हें 25 से 50 फीसदी तक छूट मिलेगी जबकि अभी सिर्फ 20 फीसदी मिलती है।)
पंजीयन विभाग ने नए वित्तीय वर्ष के लिए उपबंध तैयार कर भेज दिए हैं। इसमें कृषि भूमि के तीन स्लैब बढ़ा दिए गए हैं। ऐसे ही पुराने मकानों की निर्माण लागत की गणना पर भी कुछ और छूट दी गई है। – जेपी शर्मा, उप महानिरीक्षक पंजीयन
ऐसे समझें… कृषि भूमि और पुराने मकानों की रजिस्ट्री पर होने वाली बचत का गणित
शंकरपुर: एक बीघा पर बचेंगे 1 लाख 19 हजार 700 रुपए
वर्तमान में: एक बीघा जमीन की कीमत 83 लाख 8 हजार रुपए है। मौजूदा स्लैब से रजिस्ट्री कराते हैं तो पहले 1000 वर्ग मीटर पर 70 लाख कीमत होगी, इसके बाद 0.109 हेक्टेयर की 13 लाख 8 हजार रुपए। इस तरह जमीन की कुल कीमत 83 लाख 8 हजार आएगी। स्टांप ड्यूटी 7 लाख 89 हजार 260 रुपए देनी होगी।
एक अप्रैल से: पहले 400 वर्गमीटर तक प्लाट की रेट 28 लाख, इसके बाद 300 वर्गमीटर के 16. 80 लाख, अंतिम 300 वर्ग मीटर के 12.60 लाख मिलाकर 57.40 लाख कीमत आएगी। शेष 0.109 हेक्टेयर जमीन की कीमत 13.08 लाख आएगी। कुल 70. 48 लाख पर 6 लाख 69 हजार 560 रु. स्टांप ड्यूटी लगेगी। 1.19 लाख 700 रुपए बचेंगे।
कृषि भूमि के लिए नया स्लैब
भूमि 400 वर्गमीटर तक है तो आवासीय प्लाट के हिसाब से रेट लगेंगे। इसके बाद हेक्टेयर के रेट की गणना होगी।
यदि भूमि 400 से 700 वर्ग मीटर के बीच है तो आवासीय प्लाट की रेट के 80% के हिसाब से टैक्स की गणना होगी।
यदि भूमि 700 से 1000 वर्ग मीटर के बीच है तो आवासीय प्लाट के रेट से 60% ड्यूटी देनी होगी।
आनंद नगर: 10 साल पुराने मकान पर 8 हजार 828 बचेंगे
10 साल पुराना है तो- अभी 1000 वर्गमीटर की निर्माण लागत 9 लाख 29 हजार 300 रु. होती है। यही एक अप्रैल से 10% कम कर 8 लाख 36 हजार 370 रु. होगी और स्टाम्प ड्यूटी भी 92 हजार 930 रु. लगेगी। इस तरह पहले की तुलना में 10% बचत अर्थात 8 हजार 828 रुपए बचेंगे।
50 साल से अधिक पुराना- अभी निर्माण लागत 20% छूट के बाद 7 लाख 43 हजार 440 रुपए होती है पर एक अप्रैल से 50% छूट मिलने पर यह 4 लाख 64 हजार 650 रुपए होगी। इस तरह निर्माण लागत में 2 लाख 78 हजार 790 रुपए कम होंगे और स्टांप ड्यूटी भी 26 हजार 485 रुपए बचेगी।
मकान का प्रमाण लगेगा
तरफ पंजीयन विभाग के अफसर कह रहे हैं कि वे मकान कितना पुराना है, इसको लेकर संपत्तिकर की रसीद सहित अन्य दस्तावेज देखेंगे। इसके बाद ही सॉफ्टवेयर में इंट्री होगी।
आपत्ति देने का अंतिम दिन
वर्ष 2019-20 के लिए प्रस्तावित गाइड लाइन पर क्रेडाई सहित 10 संस्था व व्यक्तियों ने आपत्तियां प्रस्तुत की है। इन सभी में रेट कम करने या फिर व्यावसायिक प्रकोष्ठ में सुधार की मांग है। वरिष्ठ जिला पंजीयक देवकीनंदन दोहरे के मुताबिक गुरुवार को तीन सुझाव आए हैं। शुक्रवार को सुझाव देने का अंतिम दिन है। इसके बाद बैठक में सुझावों पर चर्चा हाेगी।

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