मुख्य पृष्ठ >> खास खबरें >> नोटबंदी को लेकर जारी हुई रिपोर्ट में आए चौंकाने वाले नतीजे

नोटबंदी को लेकर जारी हुई रिपोर्ट में आए चौंकाने वाले नतीजे

नई दिल्ली 1 फरवरी 2019 । राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय के पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे ने भारत में बेरोज़गारी की दर 2017-18 में 6।1 फीसदी रिकॉर्ड की है जो कि पिछले 45 सालों में सबसे ज्यादा है। बिजनेस स्टैंडर्ड ने ऐसा रिपोर्ट किया है।

इसी हफ्ते नेशनल स्टेटिस्टिकल कमीशन के दो सदस्यों ने कथित रूप से सरकार द्वारा रिपोर्ट को पब्लिश न किए जाने के कारण अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। यह रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।

पढ़िए- 1 फरवरी से पूरे हिंदुस्तान में बदल जाएंगे ये 7 बड़े नियम, जरूर जानिए नहीं तो हो सकता है नुकसान
मोदी सरकार द्वारा 2016 में नोटबंदी की घोषणा के बाद बेरोज़गारी को लेकर यह पहला सर्वे है। इस सर्वे के लिए डेटा जुलाई 2017 से जनवरी 2018 के बीच लिए गए हैं। बिज़नेस स्टैंडर्ड द्वारा जिन डाक्युमेंट को रिव्यू किया गया उसके आधार पर पता चला कि 1972-73 के बाद से यह अब तक की बेरोज़गारी की सबसे ज्यादा दर है।

सर्वे के मुताबिक,, यूपीए के दूसरे कार्यकाल के दौरान 2011-12 में बेरोज़गारी की दर 2.2 फीसदी थी। रिपोर्ट से पता चलता है कि युवाओं में बेरोज़गारी की दर सबसे ज्यादा है। ग्रामीण इलाकों में 15 से 29 साल के बीच के लोगों में बेरोज़गार की दर 2011-12 से बढ़कर 17.4 हो गई है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि शिक्षित लोगों में बेरोजगारी की दर भी तेजी से बढ़ी है। 2004-05 के मुकाबले 2017-18 में इस मामले में ग्राफ ऊपर गया है। 2004-05 में शिक्षित महिलाओं में बेरोजगारी की दर 15.2 फीसदी थी जो 2017-18 में बढ़कर 17.3 फीसदी पहुंच गई है।

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

महिला कांग्रेस नेता नूरी खान ने दिया इस्तीफा, कुछ घंटे बाद ले लिया वापस

उज्जैन 4 दिसंबर 2021 ।  महिला कांग्रेस की नेता नूरी खान के इस्तीफा देने से …