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यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर की बेटी रोशनी को मुंबई एयरपोर्ट पर रोका गया

मुंबई  9 मार्च 2020 ।यस बैंक (Yes Bank) मामले में राणा कपूर के परिवार पर जांच एजेंसियों ने शिकंजा कस दिया है. राणा कपूर की बेटी रोशनी कपूर को आज मुंबई एयरपोर्ट पर बाहर जाने से रोक दिया गया है. रोशनी ब्रिटिश एयरवेज से लंदन जाना चाह रही थीं. इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर के परिवार के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया था.

बता दें कि यस बैंक ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस लि. (डीएचएफएल) को 3700 करोड़ रुपये का लोन दिया था. जिसके बाद DHFL ने Doit Urban India pvt ltd नाम की कंपनी को 600 करोड़ लोन दिया था. यह कंपनी राणा कपूर की बेटियों रोशनी, राधा के नाम पर है और वह 100% मालकिन हैं. राणा कपूर की तीसरी बेटी लंदन रहती हैं. बता दें कि ईडी राणा कपूर के घर, DOIT urban ventures India pvt ltd ऑफिस पर छापेमारी भी कर चुकी है.

आरोप है कि यस बैंक ने पहले नियम को ताक पर रखकर DHFL को लोन दिया और फिर उसके बदले उन्हें फायदे के तौर पर 600 करोड़ रुपए मिला. अब इसी मामले की प्रवर्तन निदेशालय जांच कर रहा है.

राणा कपूर को 11 मार्च तक ईडी हिरासत में भेजा गया
मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार राणा कपूर को मुंबई की एक अदालत ने आज 11 मार्च तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया. अधिकारियों ने कहा कि ईडी ने निजी बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी कपूर को धन शोधन निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) के तहत रविवार तड़के करीब तीन बजे गिरफ्तार किया क्योंकि वह कथित तौर पर जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे.

प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि कपूर के परिवार द्वारा संचालित कुछ कंपनियों की भूमिका स्थापित किये जाने और इन सभी लोगों का आरोपी से आमना-सामना कराए जाने की जरूरत है. बचाव पक्ष के वकील ने हालांकि कहा कि कपूर को ईडी ने चुन कर निशाना बनाया है जबकि वह जांच एजेंसी से सहयोग कर रहे हैं.

राणा कपूर की बेटी को लंदन जाने से रोका, परिवार के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर

येस बैंक के पूर्व सीईओ राणा कपूर के पूरे परिवार के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया है. जिसके बाद राणा कपूर की बेटी रोशनी कपूर को लंदन जाने से रोका गया है.

येस बैंक के संकट को लेकर राणा कपूर के साथ ही उनका पूरा परिवार शक के दायरे में आ चुका है. इस बीच उनकी बेटी रोशनी भारत छोड़ने की फिराक में थी. रोशनी कपूर मुंबई एयरपोर्ट से लंदन जा रही थी. लेकिन रोशनी को एयरपोर्ट पर रोक दिया गया. वहीं राणा कपूर के दामाद आदित्य के खिलाफ भी लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया है.

वहीं येस बैंक के संस्थापक राणा कपूर पर शिकंजा कसता जा रहा है. 11 मार्च तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेजे गए राणा कपूर को लेकर अब एक नया खुलासा हुआ है. सूत्रों के मुताबिक राणा कपूर के कुछ निवेश शक के दायरे में हैं.

जांच में पता चला है कि राणा कपूर ने 2000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति में निवेश किया था. ये संपत्ति भारत में हैं. प्रवर्तन निदेशालय को शक है कि संपत्तियों में रिश्वत का पैसा लगाया गया था. यूनाइटेड किंगडम (यूके) में भी संपत्तियों का खुलासा हुआ है.

शेल कंपनियों का गठन

सूत्रों का कहना है कि राणा कपूर पर आरोप है कि उन्होंने कई शेल कंपनियों का गठन किया ताकि कथित रूप से रिश्वत में मिली रकम को खपाया जा सके. ईडी के पास इस बात के सबूत हैं कि डीएचएफल को राणा कपूर की मदद से लोन दिया गया, जबकि डीएचएफल इसे चुकाने में नाकाम था.

शक के घेरे में पूरा परिवार

रिपोर्ट के मुताबिक बिन्दू कपूर और उनकी तीन बेटियां राखी, रोशनी और राधा के नाम पर कई कंपनियां हैं. इन्होंने कथित रूप कई कॉरपोरेट घरानों से रिश्वत (किकबैक) ली है. ये किकबैक कथित रूप से येस बैंक से लोन दिए जाने के एवज में मिला है.

यस बैंक पर संकट

दरअसल, देश के कई दिग्गज प्रोफेशनल के जरिए शुरू किया गया निजी क्षेत्र का येस बैंक संकट में फंस गया है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इसके बोर्ड का संचालन अपने हाथों में लेते हुए इससे महीने में 50 हजार रुपये तक की ही निकासी की सीमा तय कर दी है. सरकार ने इसे संकट से दूर करने के लिए कवायद भी शुरू कर दी है.

YES BANK को उबारने का प्लान तैयार, SBI में नहीं होगा विलय: शक्तिकांत दास

येस बैंक को संकट से उबारने के लिए रिकंस्ट्रक्शन प्लान को अंतिम रूप दिया जा रहा है. भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास का कहना है कि YES बैंक का भारतीय स्टेट बैंक में विलय नहीं किया जाएगा. उन्होंने यह बातें आजतक से ऑफ द कैमरा बातचीत के दौरान कही.

येस बैंक को लेकर RBI गंभीर

शक्तिकांत दास का कहना है कि YES BANK को लेकर पुनर्गठन योजना (Scheme of reconstruction) की घोषणा अगले हफ्ते हो सकती है. शक्तिकांत दास ने कहा कि येस बैंक का एसबीआई में विलय का कोई सवाल नहीं उठता है, यह कल्पना से परे है. उन्होंने कहा कि येस बैंक को फिर से खड़ा करने के लिए कैपिटल जुटाने में मदद की जाएगी.

SBI में विलय का कोई प्लान नहीं

उन्होंने कहा कि एसबीआई की ओर से येस बैंक को मदद दी जाएगी. इसके अलावा कई और निवेशक भी सामने आ सकते हैं. गौरतलब है कि येस बैंक के बोर्ड को आरबीआई ने भंग कर दिया है और SBI के पूर्व अधिकारी प्रशांत कुमार प्रशासक नियुक्‍त किया है.

आरबीआई ने 30 दिनों के लिए YES बैंक बोर्ड को निलंबित कर दिया है और एक प्रशासक नियुक्त किया है. खाताधारकों को एक महीने में मात्र 50,000 रुपये निकालने की अनुमति है. वहीं पूर्व एसबीआई सीएफओ प्रशांत कुमार को यस बैंक का प्रशासक नियुक्त किया गया था, जिसकी देशभर में 1,000 से अधिक शाखाएं और 1,800 से अधिक एटीएम हैं.

येस बैंक के बॉस राणा कपूर ने 128 करोड़ में खरीदा था आलीशान बंगला

येस बैंक (Yes Bank) का संकट सामने आने के बाद हर तरफ उनके प्रमोटर राणा कपूर (Rana Kapoor) की चर्चा है. साल 2003 में बैंक के लिए लाइसेंस हासिल करने वाले कपूर ने 2004 में बड़े ज़ोर-शोर से देश भर में येस बैंक की शुरुआत की, लेकिन सिर्फ 16 साल में ही बैंक ने दम तोड़ दिया. फोर्ब्स ने राणा कपूर को उदय कोटक के बाद भारत का दूसरा सबसे अमीर बैंकर माना था. साल 2018 में उनकी दौलत 1.3 अरब डॉलर आंकी गई थी. इसी साल उन्होंने मुंबई में 128 करोड़ का घर खरीदा था.

इस पॉश इलाके में है घर
साल 2018 में इकॉनोमिक टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, राणा कपूर ने मुंबई के बेहद पॉश इलाके में 128 करोड़ का घर खरीदा था. ये घर मुंबई के ऑल्टमाउंड रोड पर है. इसी बिल्डिंग के ठीक बगल में रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी रहते हैं. इसके अलावा इस इलाके में भारत के एक और सबसे बड़े बिजनेसमैन कुमार मंगलम बिड़ला का भी घर है. साल 2018 में कपूर ने इकॉनोमिक टाइम्स के साथ बातचीत में कहा था कि ये घर सिर्फ उनका नहीं, बल्कि उनके परिवार ने खरीदा है. बाद में इस बिल्डिंग को तोड़कर कपूर ने नया घर बनाया था.से ग्रेजुएशन करने वाले राणा कपूर ने अमेरिका से एमबीए की डिग्री ली थी. इसके बाद से ही वो लगातार बैंकिंग सेक्टर से जुड़े रहे. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बैंक ऑफ अमेरिका से की थी. यहां उन्होंने करीब 16 साल तक काम किया. Yes Bank की शुरुआत राणा कपुर ने साल 2004 में की थी. येस बैंक में इनके एक और बिजनेस पार्टनर अशोक कपूर की साल 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले में मौत हो गई थी. इसके अलावा उनकी एक बेटी राखी कपूर बी इसी बैंक में बड़े पोस्ट पर काम करती थी.

आखिर क्यों बर्बादी की कगार पर पहुंचा Yes Bank?

Yes Bank प्राइवेट सेक्टर का पसंदीदा बैंक रहा है. यस बैंक को औसत से ज्यादा ब्याज देने के लिए जाना जाता था. लेकिन अब पिछले कुछ समय से ही इस बैंक से बुरे दिन शुरू हो चुके थे. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को नकदी संकट से जूझ रहे निजी क्षेत्र के यस बैंक (Yes Bank) पर पाबंदी लगाते हुए उसके निदेशक मंडल को भंग कर दिया है. इसके अलावा बैंक के जमाकर्ताओं के लिए 50,000 रुपये की निकासी की सीमा भी तय की है. आइए आपको बताते हैं कि बैंकों की दुनिया का यह चमकता बैंक गर्त में कैसे पहुंच गया.

यस बैंक के संकट का ये है कारण
पारिवारिक कारण: साल 2011 में जब अशोक कपूर की मौत हुई तो कपूर परिवार में कलह शुरू हो गई. अशोक की पत्नी मधु अपनी बेटी शगुन को बैंक के बोर्ड में शामिल करना चाहती थीं, मामला मुंबई की अदालत तक पहुंचा, जिसमें जीत राणा कपूर के पक्ष की हुई. थोड़े समय के लिए इस युद्ध पर विराम लगा और रणवीर गिल को बैंक का एमडी अपॉइंट किया गया. इस दौरान कॉर्पोरेट गवर्नेंस से समझौते के मामले सामने आए और बैंक कर्ज की चपेट में आ गया. धीरे-धीरे वक्त बदला और प्रमोटर्स ने अपनी हिस्सेदारी बेचनी शुरू कर दी.
राणा कपूर को बेचने पड़े शेयर्सः राणा कपूर बैंक में अपने शेयर्स को हीरा-मोती बताते थे और कभी बेचना नहीं चाहते थे. लेकिन अक्टूबर 2019 में नौबत यहां तक पहुंच गई कि राणा कपूर और उनके ग्रुप की हिस्सेदारी घटकर 4.72 रह गई. 3 अक्टूबर को सीनियर ग्रुप प्रसेडिंट रजत मोंगा ने रिजाइन किया, उन्होंने सितंबर में अपनी हिस्सेदारी बेच दी थी.

कॉर्पोरेट ग्राहकों ने डुबोयाः यस बैंक के ग्राहकों की लिस्ट में रीटेल से ज्यादा कॉरपोरेट ग्राहक हैं. यस बैंक ने जिन कंपनियों को लोन दिया, उनमें अधिकतर घाटे में हैं. कंपनियां दिवालिया होने की कगार पर हैं, लिहाजा लोन वापस मिलने की गुंजाइश कम. जब कंपनियां डूबने लगीं तो बैंक की हालत भी पतली होने लगी.

बैंक पर 24 हजार करोड़ डॉलर की देनदारीयस बैंक (Yes Bank) पर कुल 24 हजार करोड़ डॉलर की देनदारी है. बैंक के पास करीब 40 अरब डॉलर (2.85 लाख करोड़ रुपए) की बैलेंस शीट है. सरकार इस बैंक को डूबने से बचाना चाहती है. यस बैंक (Yes Bank) को कैपिटल बेस बढ़ाने के लिए 2 अरब डॉलर चुकाने होंगे. बैंक ने इसके लिए अपना रेजोल्यूशन प्लान घरेलू लेंडर्स SBI, HDFC, एक्सिस बैंक और LIC को भी सौंपा था, लेकिन उनके प्लान पर लेंडर्स में सहमति नहीं बनी है. अगस्त 2018 में बैंक के शेयर का प्राइस 400 रुपए था, जो नकदी की कमी के चलते फिलहाल 37 रुपए के आसपास है. बैंक का मार्केट कैप 8,888.40 करोड़ रुपए है.

राणा कपूर ने जिस दोस्त की मदद से शुरू किया Yes Bank, सबसे पहले उसी को दिया ‘धोखा’

यस बैंक (Yes Bank) की अर्श से फर्श तक की कई कहानियां आपने पढ़ी होंगी, लेकिन यहां आज हम आपको बताने जा रहे हैं बैंक के फाउंडर राणा कपूर (Rana Kapoor) की वो कहानी जिसे जान कर आप हैरान हो जाएंगे. ये कहानी पूरी फिल्मी है. जहां साथ काम करने वाले दोस्त बनते हैं और फिर ये दोस्ती रिश्तेदारी में बदल जाती है. दोस्त की मौत के बाद कहानी में दिलचप्स मोड़ आता है, जहां दिखती है धोखेबाज़ी और तकरार.

ऐसे हुई दोस्ती की शुरुआत
दो कपूर की लड़ाई की कहानी साल 2008 के बाद शुरू होती है. उससे पहले ये समझना जरूरी है कि आखिर यस बैंक की शुरुआत कैसे हुई. ये बात 1999 की है. अशोक कपूर (ABN Amro Bank के पूर्व कंट्री हेड) हरकीरत सिंह ( पूर्व कंट्री हेड Deutche Bank) और राणा कपूर (पूर्व प्रमुख कॉर्परेट और फाइंनेस ANZ Grindlays Bank) ने रोबोबैंक के साथ मिलकर नॉन बैंकिंग फाइंनेंस कंपनी की शुरुआत की. बाद में हरकीरत सिंह इससे बाहर निकल गए. साल 2003 में अशोक और राणा कपूर को बैंक चलाने के लिए लाइसेंस मिला. साल 2004 में यस बैंक की शुरुआत हुई. अशोक कपूर बैंक के चेयरमैन बने जबकि राणा को बैंक का एमडी बनाया गया. बैंक ने ग्राहकों के सेविंग अकाउंट पर 6 परसेंट का ब्याज दर देना शुरू किया. लिहाजा कुछ ही सालों में बैंक के पास लाखों ग्राहक पहुंच गए. बैंक बड़े कंपनियों को ऊंचे दर पर लोन दिया करती थी.
राणा कपूर की दोस्ती रिश्तेदारी में बदल गई. अशोक की पत्नी मधु कपूर की बहन से राणा कपूर ने शादी कर ली. अब ये दोनों कपूर दोस्त से साढू बन गए. अशोक कपूर के दो बच्चे हैं. बेटी शगुन और बेटा गौरव. जबकि राणा कपूर की तीन बेटिया हैं. सब कुछ बढ़िया चल रहा था. बैंक तेजी से तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ रही थी, लेकिन साल 2008 में मुंबई हुए 26/11 हमले ने कहानी बदल दी. अशोक कपूर की आतंकी हमले में मौत हो गई. वो ट्राइडेंट होटल में ठहरे थे.

मौत के बाद दुश्मनी!
अशोक की मौत के बाद उनकी पत्नी ने अपनी बेटी को बैंक में डायरेक्टर बनाने का प्रस्ताव रखा, लेकिन बैंक ने ये कहते हुए उनकी दावेदारी खारिज कर दी कि वो आरबीआई के गाइडलाइंस को पूरा नहीं करती. मामला बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचा और साल 2015 में फैसला अशोक कपूर के हक में सुनाया गया. इससे पहले साल 2012 में राणा कपूर ने अपने बैंक का इतिहास छपवाया जहां उसने अशोक कपूर का कोई ज़िक्र किया. अशोक कपूर के परिवार ने इस अपने दोस्त से साथ धोखा करार दिया

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