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राहुल गांधी समेत 3 हजार लोगों को RSS ने भेजा न्योता

नई दिल्ली 9 सितम्बर 2018 । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानि आरएसएस ने अपने तीन दिवसीय कार्यक्रम में शामिल होने के लिए तीन हजार लोगों को आमंत्रित किया है। इसमें राजनीतिक और समाजिक हस्तियां, धार्मिक संगठनों से जुड़े लोग, अल्पसंख्यक नेताओं और सेवानिवृत नौकरशाह शामिल हैं।

यह कार्यक्रम दिल्ली के विज्ञान भवन में 17 से 19 सितंबर के बीच होने वाला है, जो भविष्य का ‘भारत: संघ की दृष्टि’ के विषय पर होगा। कार्यक्रम में आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत सभी लोगों से रूबरू होंगे। खबर के मुताबिक, क्षेत्रीय दलों के नेताओं समेत सभी राजनीतिक दलों के लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े,यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, बसपा प्रमुख मायावती, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और चंद्रबाबू नायडू समेत कई दिग्गज नेता शामिल हैं।

संघ का मानना है कि तीन दिन के इस कार्यक्रम में हर दिन लगभग 1000 लोग शामिल होंगे। संघ के मुताबिक, इस कार्यक्रम का आयोजन लोगों को आरएसएस की विचारधारा से रूबरू करवाने के लिए किया जा रहा है। इसमें अलग-अलग धर्मों के लोगों को इसलिए शामिल किया गया है ताकि संघ को लेकर बने तमाम मिथकों को तोड़ा जा सके।

शिकागो में भागवत बोले- अगर शेर अकेला है तो जंगली कुत्ते आक्रमण करेंगे और उसे नष्ट कर सकते हैं

अमेरिका के शिकागो शहर में विश्व हिंदू सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हिंदुओं में किसी दूसरे पर वर्चस्व स्थापित करने की आकांक्षा नहीं है। वे तभी समृद्ध होंगे, जब एकजुट होकर काम करेंगे। उन्होंने हिंदुओं से मानव कल्याण के लिए एकजुट होने और मिलकर काम करने का आह्वान किया। सम्मेलन में बतौर मुख्य वक्ता भागवत ने वैश्विक एकता के लिए कुछ मूल्यों पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि अहंकार को नियंत्रित और आम सहमति को स्वीकार करना सीखकर पूरी दुनिया को एक टीम में तब्दील किया जा सकता है। सात से नौ सितंबर तक चलने वाला यह विश्व हिंदू सम्मेलन स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण की 125वीं वर्षगांठ मनाने के लिए आयोजित किया गया है। स्वामी विवेकानंद ने साल 1893 में शिकागो में आयोजित धर्म संसद में भाषण दिया था। हर चार साल पर होने वाले इस सम्मेलन में इस बार 80 देशों के ढाई हजार से ज्यादा प्रतिनिधि शिरकत कर रहे हैं। वर्चस्व स्थापित करने की अभिलाषा नहीं
हिंदू प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख ने कहा, ‘अगर एक शेर अकेले रहता है तो जंगली कुत्ते हमला करके उसे खत्म कर सकते हैं। हमें इसे नहीं भूलना चाहिए। हम दुनिया को बेहतर बनाना चाहते हैं। हमारी वर्चस्व स्थापित करने की अभिलाषा नहीं है। हमारा प्रभाव जीत या औपनिवेशीकरण का परिणाम नहीं है।’
हिंदू समाज को एकजुट होकर काम करना होगा
सम्मेलन की थीम ‘सुमंत्रिते सुविक्रांते’ यानी ‘सामूहिक विचार, साहस हासिल करें’ का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा, हिंदू समाज तभी समृद्ध होगा, जब वह एकजुट होकर काम करेगा।’ उन्होंने कहा कि हिंदू समाज में प्रतिभावान लोगों की बड़ी संख्या है लेकिन वे कभी एक साथ नहीं आते हैं। हिंदुओं का एक साथ आना अपने आप में मुश्किल काम है।

‘हजारों साल से प्रताड़ित हो रहे हिंदू’
संघ प्रमुख ने यह भी कहा कि हिंदू हजारों साल से प्रताडित हो रहे हैं क्योंकि वे अपने मूल सिद्धांतों और आध्यात्मिकता को भूल गए हैं। उन्होंने कहा कि हिंदु किसी का विरोध करने के लिए नहीं जीते हैं, लेकिन कुछ ऐसे लोग हो सकते हैं जो हमारा विरोध कर सकते हैं।
हिंदू धर्म जीने की पद्धति : अनुपम
सम्मेलन में अभिनेता अनुपम खेर ने कहा कि हिंदू धर्म जीने की पद्धति है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के संदेश का मुख्य सार सहिष्णुता है। कश्मीरी पंडित अपने ही देश में शरणार्थी होने के बावजूद पिछले 28 साल से इसी सहिष्णुता की राह पर चल रहे हैं।
अनुपम ने कहा, उनके जैसे शिमला के मध्यवर्गीय परिवार के कश्मीरी पंडित लड़के के लिए यहां विश्र्व हिंदू कांग्रेस में बोलने का मौका मिलना एक बड़ी उपलब्धि है।
हिंदुत्‍व यानी सहिष्णुता व प्यार भारतवंशी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि सहिष्णुता, प्यार, विविधता और समावेश हिंदुत्व के पहलू हैं जो लोगों को उनके धर्मों की परवाह किए गए बगैर अपनाता है।
प्रदर्शनकारियों ने की नारेबाजी
सम्मेलन के दौरान कुछ लोगों ने प्रदर्शन व नारेबाजी की। ये लोग सम्मेलन में आए लोगों से भारत सरकार की अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित कार्रवाई का विरोध करने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार की गई शिकागो साउथ एशियन फॉर जस्टिस की दो महिला प्रदर्शनकारियों को बाद में छोड़ दिया गया।

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