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मनसुख हिरेन की हत्या के वक्त मौके पर मौजूद था Sachin Vaze

मुंबई 25 मार्च 2021 । मनसुख हिरेन की हत्या (Mansukh Hiren Murder Case) को लेकर लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं. अब पता चला है कि जब मनसुख हिरेन को मारा गया, तब सचिन वझे (Sachin Vaze) उसी जगह पर मौजूद था. इसके बाद वह मुंबई वापस आया और रात में करीब 11:48 बजे डोंगरी इलाके में टिप्सी बार मे रेड का नाटक रचा. इस बात का खुलासा महाराष्ट्र ATS के दस्तावेज और सबूतों से हुआ है, जो राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपे गए हैं. बता दें कि 5 मार्च को हिरेन का शव ठाणे में कलवा क्रीक में मिला था.

सचिन वझे (Sachin Vaze) ने डोंगरी इलाके में टिप्सी बार में रेड का नाटक किया, ताकि अगर मनसुख हिरेन (Mansukh Hiren) की हत्या मामले की कोई जांच भी हो तो वो जांच की दिशा को ये कहकर भटका सके कि वो तो उस रात मुंबई के डोंगरी इलाके में ही था. टिप्सी बार के CCTV फुटेज से भी इस बात का खुलासा हुआ है कि रेड के समय सचिन वझे मौजूद था.

मोबाइल लोकेशन से हुआ ये खुलासा

ठाणे के घोडबंदर से आने के बाद सचिन वझे (Sachin Vaze) बड़ी चालाकी से पहले मुंबई पुलिस हेडक्वार्टर गया. इसके बाद CIU के अपने ऑफिस में गया और फिर अपने मोबाइल को चार्जिंग पर लगा दिया, ताकि उसका लोकेशन कमिश्नर ऑफिस ही दिखे. हालांकि सचिन वझे ने ATS को अपना स्टेटमेंट देते हुए कहा था कि 4 मार्च को वो पूरे दिन मुंबई पुलिस हेडक्वार्टर के CIU ऑफिस में था, लेकिन मोबाइल की लोकेशन के मुताबिक वो दोपहर में 12.48 मिनट पर चेंबूर के MMRDA कॉलोनी में था.

वाजे ने भी मानी 100 करोड़ वसूली के लक्ष्य की बात

उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के पास विस्फोटक लदी कार खड़ी करने के मामले में एनआईए की गिरफ्त में आए सचिन वाजे ने भी पूर्व पुलिस आयुक्त परमवीर सिंह के आरोपों की पुष्टि कर दी है।

सूत्रों का कहना है कि मुंबई पुलिस की क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (सीआईयू) के पूर्व प्रमुख ने एनआईए की पूछताछ में बताया है कि गृहमंत्री अनिल देशमुख ने उसे 100 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य दिया था। साथ ही, उसने एक अन्य हाई प्रोफाइल मंत्री का भी नाम इस मामले में लिया है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की पूछताछ में सचिन वाजे ने कहा है कि इस दूसरे हाई प्रोफाइल मंत्री ने भी बीते साल उसे वसूली का लक्ष्य दिया था। हालांकि सूत्रों ने यह नहीं बताया है कि वह दूसरा मंत्री कौन है।

उधर, भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने आरोप लगाया है कि सचिन वाजे ने 1000 करोड़ रुपए का लेनदेन किया है। उन्होंने बुधवार को कहा कि साल 2020-2021 में वाजे गैंग ने एक हजार रुपए की वसूली की थी। वह पैसे कहां से वसूले और कहां गए, इसकी जांच एनआईए, ईडी, भारतीय रिजर्व बैंक, रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी और आयकर विभाग को करनी चाहिए।

सोमैया ने कहा कि मैं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों से मिला था और उनसे वाजे की बेनामी संपत्ति की जांच करने की मांग की है।

एनआईए सूत्रों के मुताबिक, वाजे ने दक्षिण मुंबई में 16 से 20 फरवरी के बीच फर्जी आधार कार्ड से एक फाइव स्टार होटल में कमरा बुक कराया था। यह कमरा 100 दिन के लिए बुक कराया गया था, लेकिन वाजे वहां 15 दिन ठहरा था।

इन 15 दिन के लिए 25 लाख रुपये के बिल का भुगतान मुंबई की ही एक हॉलीडे पैकेज कंपनी के मालिक ने किया था। होटल की सीसीटीवी फुटेज में वाजे अपने साथ पांच बड़े बैग लेकर आते दिखाई दिया है।

सूत्रों का कहना है कि एनआईए उन पांच बैग में मौजूद सामान का रहस्य भी वाजे से जानना चाहती है। साथ ही इस दौरान होटल में वाजे से मिलने के लिए कई बार आई एक महिला की भी एनआईए को तलाश है।
परमवीर का आरोप, सीबीआई जांच नहीं हुई तो नष्ट कर दिए जाएंगे सबूत
मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमवीर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के सामने अपनी याचिका में इस मामले से जुड़े सबूत मिटाए जाने की शंका जताई। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में सीबीआई जांच का आदेश नहीं दिया गया तो महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के आवास की सीसीटीवी फुटेज को नष्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने की गुहार लगाई थी। हालांकि शीर्ष अदालत ने उन्हें इसके लिए बॉम्बे हाईकोर्ट से गुहार लगाने की बात कहकर याचिका खारिज कर दी।

अपनी याचिका में परमवीर सिंह ने आरोप लगाया था कि गृहमंत्री देशमुख ने फरवरी 2021 में अपने निवास पर निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे, समाज सेवा विभाग के एसीपी संजय पाटिल आदि के साथ बैठक की थी।

इस बैठक में दोनों पुलिस अधिकारियों को हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली करने का टारगेट दिया गया था। इन पुलिस अधिकारियों को होटल, बार सहित अन्य प्रतिष्ठानों व अन्य माध्यमों से यह रकम वसूलने का निर्देश दिया गया था।

परमवीर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से मुंबई के पुलिस आयुक्त पद से हटाकर उनका तबादला होमगार्ड विभाग में किए जाने के आदेश को भी निरस्त करने की गुहार लगाई। सिंह का आरोप है कि उन्होंने वरिष्ठ नेताओं और मुख्यमंत्री को गृह मंत्री देशमुख के ‘भ्रष्ट आचरण’ की जानकारी दी थी, इसीलिए आनन-फानन में उनका तबादला मनमाने और गैरकानूनी तरीके से होमगार्ड विभाग में कर दिया गया।

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने बुधवार को राज्य की महाविकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगे आरोपों की जांच किसी जज की अध्यक्षता वाली समिति से कराने की मांग की। एमवीए सरकार में कांग्रेस भी शिवसेना और एनसीपी के साथ हिस्सेदार है।

पटोले ने कहा, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने खुद परमवीर सिंह के 100 करोड़ रुपये वसूली के आरोपों की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता मानी है। हम गठबंधन से इस मामले में किसी सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में एक जांच समिति बनाने की मांग करते हैं ताकि सबकुछ स्पष्ट हो सके। उन्होंने परमवीर सिंह के भी पुलिस आयुक्त रहने के दौरान की भूमिका संदिग्ध बताई।

महाराष्ट्र में अब गृह मंत्री देशमुख ने CM उद्धव को पत्र लिखा, कहा- पूर्व कमिश्नर के आरोपों की जांच कराएं, ताकि सच सामने आए

महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मुंबई के पूर्व कमिश्नर और DG होमगार्ड परमबीर सिंह के आरोप पर जांच कराने की मांग की है। सिंह ने देशमुख पर एंटीलिया मामले में गिरफ्तार असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर (API) सचिन वझे से हर महीने 100 करोड़ रुपए वसूलने का आरोप लगाया था। इस बाबत अनिल देशमुख ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक चिट्ठी लिखी है। उन्होंने अपनी इस चिट्ठी को देर रात सोशल मीडिया में साझा की है। मराठी में देशमुख ने लिखा है…

‘परमबीर सिंह द्वारा मुझ पर लगाए गए आरापों की जांच करवाकर “दूध का दूध, पानी का पानी” करने की मांग मैंने मुख्यमंत्री से की है। अगर वे जांच के आदेश देते हैं तो मैं उसका स्वागत करूंगा। राज्य शासन पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह द्वारा 17 मार्च 2021 को पुलिस कमिश्नर पद से हटाने के बाद मुझ पर लगाए गए आरोपों की जांच कराएं, ताकि सच सामने आ सके।’

BJP लगातार हमलावर है
परमबीर के इन आरोपों के बाद से महाराष्ट्र की राजनीति में उथल-पुथल मची हुई है। विपक्ष (BJP) लगातार हमलावर है। बुधवार को एक डेलिगेशन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिला और उन्हें 100 सवालों की एक लिस्ट सौंपी। BJP लगातार अनिल देशमुख के इस्तीफे की मांग कर रही है। उन्होंने राज्य में बने हालात की रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेजने की मांग की थी।

बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि इस सरकार को सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है। वहीं, BJP नेता सुधीर मुनगंटीवार ने गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात के बाद कहा, ‘हमने भ्रष्टाचार के मामलों में भी उनसे दखल देने की अपील की है और राष्ट्रपति को पूरी स्थिति से अवगत कराने का आग्रह किया है।’ इससे पहले मंगलवार को देवेंद्र फडणवीस ने दिल्ली जाकर गृह सचिव से मुलाकात की थी और राज्य में IPS अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़े रैकेट के बारे में जानकारी दी थी।

परमबीर सिंह ने अपनी चिट्ठी में लगाए थे ये आरोप
‘मेरा ट्रांसफर महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 22 एन (2) के तहत किया गया था। जिसमें कारण बताया गया है कि प्रशासनिक स्तर पर यह जरूरी था। मेरा मानना है कि ट्रांसफर का कारण जो सरकार ने बताया है कि उसमें एंटीलिया की घटना की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना है।

गृह मंत्री अनिल देशमुख ने हाल ही में एक मराठी अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा था कि एंटीलिया केस में मुंबई पुलिस और मेरी ओर से की गई जांच में गंभीर खामियां थीं। मेरी गलतियां क्षमा के लायक नहीं थीं और मेरा ट्रांसफर प्रशासनिक आधार पर नहीं हुआ है।

अनिल देशमुख ने सचिन वझे को कई बार घर पर मिलने के लिए बुलाया था। उन्हें हर महीने 100 करोड़ रुपए की वसूली का टारगेट दिया था। गृह मंत्री ने वझे को बताया था कि मुंबई में लगभग 1,750 बार, रेस्तरां और अन्य प्रतिष्ठान हैं। हर एक से महीने में 2-3 लाख लिए जाएं तो 40-50 करोड़ का जुगाड़ हो जाएगा। गृह मंत्री ने कहा था कि बाकी बची रकम अन्य स्रोतों से जुटाई जा सकती है।’

परमबीर सिंह ने अपने इस पत्र में वसूली को लेकर एसपी पाटिल नाम के एक पुलिस अधिकारी के साथ हुई उनकी बातचीत का जिक्र भी किया है। परमबीर सिंह और एसपी पाटिल के बीच 16 और 19 मार्च के बीच बातचीत हुई थी।

राज्यपाल से नहीं हो सकेगी महाविकास अघाड़ी नेताओं की मुलाकात
इन विवादों के बीच गुरुवार को महाविकास अघाड़ी के नेता राज्यपाल से मुलाकात करने वाले थे। अब यह जानकारी सामने आ रही है कि राज्यपाल आज देहरादून के तीन दिवसीय दौरे पर जा रहे हैं और 28 मार्च को लौटेंगे। हालांकि, गवर्नर की ओर से कहा गया है कि महाविकास अघाड़ी के लोग चाहे तो गवर्नर ऑफिस के सेक्रेटरी से मुलाकात कर सकते हैं।

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