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सिंधिया कहते रहे, दिग्विजय सिंह सड़क पर उतर गए

भोपाल 21 फरवरी 2020 । मप्र सरकार के वचन पत्र को पूरा करने ज्योतिरादित्य सिंधिया सड़क पर उतरने की चेतावनी देते रहे दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह स्मार्ट सिटी के नाम पर लोगों को उजाडऩे के मुद्दे पर खुलकर सड़क पर उतर गए हैं। उन्होंने ऐलान कर दिया है कि लोगों का रोजगार छीनकर यदि स्मार्ट सिटी बनाई जाती है तो ऐसी स्मार्ट सिटी की हमे जरूरत नहीं है। उन्होंने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से चर्चा करने का भरोसा दिला दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया बेशक दो बार घोषणा कर चुके हैं कि वचन पत्र को पूरा करने वे सड़क पर उतरेंगे, लेकिन कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह बिना घोषणा किए बुधवार को सड़क पर उतर गए। भोपाल के जवाहर चौक क्षेत्र में स्मार्ट सिटी के नाम पर लगभग 2500 दुकानदारों सहित 40 हजार लोगोंं को प्रभावित करने की योजना है। इसके विरोध में दुकानदारों ने कल आधे दिन बंद का आव्हान किया था। दिग्विजय सिंह इनके समर्थन में जवाहर चौक जैन मंदिर पहुंचे जहां उन्होंने प्रभावित लोगों के पक्ष में खुलकर सामने आने की घोषणा करते हुए कहा कि प्रभावित लोगों की इस लड़ाई में वे खुलकर उनके साथ है। स्मार्ट सिटी के नाम पर अधिकारियों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खास बात यह है कि यह स्मार्ट सिटी दिग्विजय सिंह के बेटे प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री के विभाग द्वारा बनाई जा रही है।

हिंदू आतंकवाद पर फिर छिड़ा विवाद, ISI हैंडलर बताने पर भड़के दिग्विजय

देश में एक बार फिर हिंदू आतंकवाद (Hindu Terrorist) के मामले पर एक बार फिर राजनीति (Political) शुरू हो गई है। दऱअसल बीते दिनों मुंबई (Mumbai) के पूर्व पुलिस कमिश्नर (Former Police Commissioner) राकेश मारिया (Rakesh Maria) की आत्मकथा ‘लेट मीं से इट नाऊ’ में 26/11 मुंबई आतंकी हमले को लेकर कई बड़े खुलासे किए गए। उन्होंने दावा किया कि अगर सब कुछ योजना के मुताबिक होता तो आंतकी कसाब समीर चौधरी के रूप में मारा जाता और मीडिया की ओर से इस हमले के लिए ‘हिंदू आतंकवादियों’ को दोषी ठहराया जाता। इन खुलासों के बाद एक बार फिर हिन्दू आतंकवाद के नाम ने देश में सियासी भूचाल ला दिया है। इस खुलासे पर मुंबई आतंकी हमले के मुकदमे की पैरवी करने वाले विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने भी माना कि अदालत के सामने पेश 10 आईडी कार्ड फर्जी थे। उनमें से एक कसाब और 9 अन्य आरोपियों के कार्ड थे और ये सच है कि उन आईडी कार्ड पर हिंदू नाम लिखे थे।

खैर, मारिय़ा की आत्मकथा ने एक सियासी जंग जरुर शुरू कर दी है। जिसके बाद बीजेपी की तरफ से कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय पर लगातार आरोप लगते रहे। बीजेपी नेता जीवीएल नरसिम्हा राव ने तो सीधे तौर पर दिग्विजय को आतंकी संगठन आएसआई का हैंडलर बता डाला। इतना ही नहीं, बीजेपी नेता अमित मालवीय ने एक ट्वीट शेयर करते हुए लिखा, ’26/11 के आतंकी हमले के तुरंत बाद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बॉलीवुड के चीयरलीडर्स के साथ एक बुक लॉन्च पर आरएसएस को दोषी ठहराया और कहा कि इस किताब में कहीं भी आप 26/11 में पाकिस्तानी आतंकवादियों की संलिप्तता नहीं देख सकते। उन्होंने वही किया जो पाकिस्तान चाहता था?।’

अब हालांकि इस विवाद पर नरसिम्हा और मालवीय के आरोप पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पलटवार किया है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि मुझे जानकारी मिली कि बीजेपी के प्रवक्ता नरसिम्हा राव और अमित मालवीय ने मुझ पर आईएसआईएस का जासूस होने का आरोप लगाया है। अगर ऐसा है तो पीएम मोदी और अमित शाह अक्षम हैं, मुझे गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया?

बता दें, मारिया का दावा है कि मुंबई पुलिस आतंकी कसाब की फोटो जारी नहीं करना चाहती थी। बताया यह भी गया है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के गैंग को कसाब को मारने की सुपारी मिली थी। मुंबई में 10 आतंकियों ने 26 नवंबर, 2008 को बड़ा हमला किया था, जिसमें 166 लोग मारे गए और सैकड़ों लोग घायल हो गए थे। 10 हमलावरों में बस एक अजमल कसाब ही जिंदा पकड़ा जा सका था। कसाब को 21 नवंबर, 2012 को पुणे के यरवडा जेल में फांसी की सजा दी गई थी।

लक्ष्मण सिंह ने कंप्यूटर बाबा को बताया फर्जी

कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक लक्ष्मण सिंह ने मप्र नदी न्यास के अध्यक्ष कंप्यूटर बाबा को फर्जी बताया है। उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज में फर्जी बाबाओं की कोई जगह नहीं है। जो तपस्या करते हैं, सही मायने में वे संत हैं, उनको दुनिया मानती है। मैं भी मानता हूं। लेकिन कम्प्यूटर बाबा जैसे फर्जी बाबाओं को शिक्षित समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा। कांग्रेस अगर ऐसे फर्जी बाबाओं को साथ रखेगी तो भविष्य में नुकसान होने की पूरी संभावना है। पहले भी ऐसे फर्जी बाबाओं से कांग्रेस को काफी नुकसान हो चुका है।
सिंहने कहा कि मैं पांच बार लोकसभा में चुना गया हूं, तीसरी बार विधानसभा में चुना गया। अगर मैं अनर्गल बातें करता तो इतनी बार नहीं चुना जाता। कंप्यूटर बाबा यह कह रहे हैं कि मैं अनर्गल बात कर रहा हूं, तो यह अपमान मेरा नहीं है, मतदाताओं का अपमान है। बाबा से मेरा कहना है कि वह जनता का अपमान न करें। कांग्रेस की आड़ में कंप्यूटर बाबा अपना खेल खेलना बंद करें तो ज्यादा अच्छा होगा। लक्ष्मण सिंह ने कांग्रेस पार्टी को फर्जी बाबा से दूरियां बनाने की नसीहत देते हुए कहा कि ऐसे बाबा केवल नुकसान ही कर सकते हैं, इनसे कोई लाभ नहीं होगा।
उल्लेखनीय है कि लक्ष्मण सिंह ने कंप्यूटर बाबा के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने 17 फरवरी को कहा था कि लक्ष्मण सिंह जिस मामले में कुछ नहीं जानते हैं, उस पर भी बोलते हैं। लक्ष्मण सिंह के बयान के बाद कम्प्यूटर बाबा बैकपुट पर आ गए। उन्होंने कहा कि जो उन्हें अच्छा लगता है वो बोलें, मुझे जो सही लगता है वो मैं कहूंगा। कम्प्यूटर बाबा ने कहा कि अच्छा काम करने वालों के सामने परेशानियां आती ही हैं।

बेरोजगारी मुद्दे से केन्द्र सरकार विफल रही है : संजीव शुक्ला

बेरोजगारी मुद्दे पर केन्द्र सरकार पूरी तरह विफल रही है। 2 करोड़ लोगों को रोजगार देने का केन्द्र की मोदी सरकार ने वायदा किया था, लेकिन जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, उस अनुसार वर्ष 2018 में 12 हजार युवाओं ने बेरोजगारी के चलते आत्महत्या की। मोदी सरकार अनावश्यक मुद्दों पर जनता का ध्यान भटका रही है।
यह बात भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजीव शुक्ला ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में

कही कि बेरोजगारों को मंच देने के उद्देश्य से बेरोजगारी विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय स्तर पर यह प्रतियोगिता होगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। प्रतियोगिता सभी के लिए नि:शुल्क है। 18 से 35 आयु वर्ग के युवा इसमें भाग ले सकेंगे। युवा भारत के बोल भाषण प्रतियोगिता-2020 के विजेताओं को मेमेंटोस से सम्मानित किया जाएगा। सभी आवेदकों को भागीदारी का प्रमाण पत्र दिया जाएगा और विजेता को उत्कृष्टता का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। प्रतियोगिता का अंतिम कार्यक्रम नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। भाषण हिन्दी, अंग्रेजी और सभी क्षेत्रीय भाषा में होगा। आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 29 फरवरी रहेगी।
संजीव शुक्ला ने आगे कहा कि केन्द्र सरकार बेरोजगारी मुद्दे पर बिलकुल ध्यान नहीं दे रही है। वर्ष 2014 के मुकाबले आज बेरोजगारी दर दुगनी हो गई है। मोदी सरकार की कुनीतियों के कारण देश विकास में पीछे हो रहा है। मोदी सरकार सिर्फ नोटबंदी, हिन्दू-मुस्लिम, झूठा राष्ट्रवाद, जीएसटी में लोगों में उलझा रही है। मोदी सरकार बेरोजगारी के विषय पर कोई बात नहीं करती है। कई एजेंसियों ने बेरोजगारी के जो आंकड़े जारी किए हैं वे बड़े गंभीर हैं। मोदी सरकार ने 2 करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, इसके उलट राष्ट्रीय एजेंसियों के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2018 में 12 हजार से ज्यादा युवाओं ने बेरोजगारी से त्रस्त होकर आत्महत्या की। लोगों को रोजगार मिले, इसके लिए किसी तरह का कोई कार्यक्रम तैयार नहीं किया। केन्द्र सरकार कॉरपोरेट जगत के लोगों को छूट दे रही है। मंदी को उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है।
प्रवक्ता अहमद शमशाद ने बताया कि देश में राजीव गांधी को बहुमत से सरकार मिली थी। उन्होंने पंचायती राज को पूरे भारत में सशक्त बनाया। उन्होंने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने जो 2 करोड़ लोगों को नौकरी देने का वादा किया था, वह झूठा निकला। जबकि राजस्थान सरकार ने 1 लाख लोगों के लिए नौकरी की व्यवस्था की।
श्री शुक्ला ने बताया कि भाषण प्रतियोगिता के माध्यम से प्रदेश से 10 प्रवक्ता चयन किए जाएंगे। दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक भाषण 2 से 3 मिनट का होगा। नौकरी के मुद्दे पर श्री शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार ने पिछले 11 महीने में 5 लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार से जोड़ा। 11640 सरकारी पदों को भरा गया है। मध्यप्रदेश में 40 प्रतिशत बेरोजगारी घटी है। इस अवसर पर भाषण प्रतियोगिता पर आधारित एक पोस्टर का भी विमोचन किया गया। पत्रकार वार्ता में युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष चन्द्रभानसिंह चंदेल, बबलू खींची, शकील अहमद, आशीष, कमल, ओम, अमन आदि उपस्थित थे।

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