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पीसीसी की नई टीम में सिंधिया का दबदवा

नई दिल्ली 8 जुलाई 2018 । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की नई टीम शनिवार को एआईसीसी ने घोषित कर दी है। भाजपा पदाधिकारियों की तुलना में कमलनाथ की टीम तीन गुना बड़ी है। भाजपा पदाधिकारियों की संख्या 30 है, जबकि पीसीसी की शनिवार को घोषित नई टीम में 19 उपाध्यक्ष, 25 महामंत्री और 40 सचिवों को शामिल किया गया है।

कुल मिलाकर अब नई पीसीसी में पदाधिकारियों की संख्या 94 हो गई है। इससे पहले पार्टी ने चार कार्यकारी अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष, एक महामंत्री, एक कोषाध्यक्ष और दो मीडिया समन्वयक बनाए थे। वहीं, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव की टीम के 35 नेताओं फिर मौका दिया गया है। नए चेहरे केवल 49 हैं। मगर छतरपुर, पन्ना जैसे जिलों को प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। इधर, सिंधिया समर्थक पूर्व विधायक गोविंद सिंह राजपूत को एआईसीसी में सचिव बनाया गया है।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संगठन प्रभारी महामंत्री अशोक गेहलोत के हस्ताक्षर से उपाध्यक्ष, महामंत्री और सचिवों की कार्यसमिति जारी की गई। 19 उपाध्यक्षों की टीम में 13 अरुण यादव की कार्यसमिति में भी थे, जिनमें से एक सचिव और एक विशेष आमंत्रित को पदोन्न्त किया गया है। वहीं 25 महामंत्रियों में 16 यादव की टीम के हैं, जिनमें से चार सचिवों को पदोन्न्त किया है। वहीं 40 सचिवों में से करीब 34 नए हैं। सचिव बनाए गए कदीर सोनी तो यादव की कार्यसमिति में महामंत्री थे। भोपाल के साजिद अली एडवोकेट व सुरेंद्र सिंह ठाकुर को उपाध्यक्ष, जोाराम गुर्जर, महेंद्र सिंह चौहान, मो. सलीम व पीसी शर्मा को उपाध्यक्ष और गौरव रघुवंशी, जितेंद्र सिंह, मनोज शुक्ला व साजिद भाई को सचिव बनाया है।

कुछ रिश्तेदार को पद मिले

विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह और विधायक नीलेश अवस्थी के भाई रत्नेश को सचिव बनाकर कार्यसमिति में लिया है। वहीं होशंगाबाद जिला अध्यक्ष से हटाए गए पुष्पराज, बैतूल जिला अध्यक्ष समीर खान और शहडोल के जिला अध्यक्ष नीरज द्विवेदी को सचिव बनाकर उनकी नाराजगी कम करने की कोशिश की गई है। दिग्वजय सिंह के बेटे जयवर्द्धन सिंह को कमलनाथ की टीम में स्थान नहीं मिल पाया है।पीसीसी की नई टीम में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का दबदवा रहा है.उनके समर्थकों की टीम में भरमार है .

सिंधिया परिबार पद के पीछे नहीं दौड़ता :ज्योतिरादित्य

कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है की सिंधिया परिवार पद के पीछे नहीं दौड़ता है .यह बात उन्होंने प्रदेश में सीएम चेहरा को लेकर पूंछे गए सबाल के जबाब में कही .उन्होंने कहा की पूरी कांग्रेस एक जुट होकर चुनाव लड़ रही है . में जन सेवा के लक्ष्य को लेकर राजनीती कर रहा हूँ . उन्होंने कहा की में ,दिग्विजय सिंह और कमलनाथ मिलकर निर्णय लेते हैं .बीजेपी भी कई जगह सीएम उम्मीदवार घोसित नहीं करती है .श्री सिंधिया ने कहा की किसानों के साथ बीजेपी छलावा कर रही है .क्यों की समर्थन मूल्य की घोसणा केवल चुनावी जुमला है .पहले कहा था की हर आदमी के बैंक खाते में १५ -१५ लाख आएंगे ,क्या आय .इसी तरह किसानों को समर्थन मूल्य एक जुमला सावित होगा कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है की सिंधिया परिवार पद के पीछे नहीं दौड़ता है .यह बात उन्होंने प्रदेश में सीएम चेहरा को लेकर पूंछे गए सबाल के जबाब में कही .उन्होंने कहा की पूरी कांग्रेस एक जुट होकर चुनाव लड़ रही है . में जन सेवा के लक्ष्य को लेकर राजनीती कर रहा हूँ . उन्होंने कहा की में ,दिग्विजय सिंह और कमलनाथ मिलकर निर्णय लेते हैं .बीजेपी भी कई जगह सीएम उम्मीदवार घोसित नहीं करती है .श्री सिंधिया ने कहा की किसानों के साथ बीजेपी छलावा कर रही है .क्यों की समर्थन मूल्य की घोसणा केवल चुनावी जुमला है .पहले कहा था की हर आदमी के बैंक खाते में १५ -१५ लाख आएंगे ,क्या आय .इसी तरह किसानों को समर्थन मूल्य एक जुमला सावित होगा

मंडी चुनाव न कराने का कारण सूखा नहीं हार का डर- नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह

नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह ने किसान पुत्र मुख्यमंत्री से सवाल किया है कि जब उन्होंने किसानों की खुशहाली के लिए बहुत किया है तो फिर वे बार-बार बहाने बनाकर मंडी चुनाव क्यों टाल रहे हैं। श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने दो बार चुनाव टालकर बता दिया है कि मंडी चुनाव में किसानों की नाराजगी के चलते उनकी पार्टी की हार तय है।

नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि इसके पूर्व भी सरकार ने सूखे व अन्य बहानों को लेकर मंडी चुनाव टाले थे। आज खरीदी लगभग पूरी हो चुकी है। सूखे की स्थिति अब नहीं है इसलिए जाहिर है कि सरकार ये कारण सिर्फ इसलिए गिना रही है ताकि वह विधानसभा चुनाव के पहले मंडी चुनाव में हार न जाए। उन्होंने कहा कि छह माह पूरे होने पर एक बार फिर छह माह के लिए मंडी चुनाव आगे बढ़ा दिए। नेता प्रतिपक्ष सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री को आखिर किस बात का डर है कि वे अपनी सरकार के ”दावे नहीं प्रमाण” में किसानों के लिए बहुत किया यह बताते है। वे यह भी कहते हैं कि करोड़ों रूपया उन्होंने किसानों को दिया फिर उन्हें किस बात का भय है मंडी चुनाव करवाने में।
सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में किसानों में भाजपा सरकार के खिलाफ गहरा असंतोष है। किसान मुख्यमंत्री की झूठी बातों और झूठे दिलासों से आगोज में आ चुका है। उसने तय कर लिया है कि अबकी बार वह धोखाधड़ी का जवाब भाजपा के खिलाफ मतदान करके देंगे। यही वजह है कि शिवराज सरकार में घबराहट है और वे बार-बार मंडी चुनाव सूखे तथा अन्य बहानों की आड़ में टाल रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने पाटीदार समाज में व्याप्त आक्रोश को साधने के लिए राज्यमंत्री बनाए गए बालकृष्ण पाटीदार के मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने पर तत्काल मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की है।
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि बालकृष्ण पाटीदार ने मीडिया पर जो शर्मनाक टिप्पणी की है वह भाजपा का असली चरित्र है। श्री सिंह ने कहा भाजपा हमेशा निष्पक्ष और स्वतंत्र पत्रकारों की विरोधी रही है। उन्होंने कहा कि सच सुनने और लिखने पर भाजपा को हमेशा तकलीफ होती है। मोदी सरकार आने के बाद जिस तरह मीडिया के खिलाफ बदले की भावना से कार्यवाही की गई है वह बताता है कि अघोषित सेंसरशिप मोदी सरकार ने मीडिया पर लगा रखी है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री जो पिछले 15 सालों में अपने जुमलों से झूठे वादों से जनता के बीच लोकप्रिय बने, वह मीडिया के कारण है। इसलिए उन्हें चाहिए कि मीडिया को कोसने वालों को न केवल मंत्रिमंडल से बल्कि पार्टी से भी बाहर का रास्ता दिखाएं।

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