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कोटा से मध्य प्रदेश के छात्रों को वापस लाएगी शिवराज सरकार, नीतीश कुमार पर बढ़ा दबाव

नई दिल्ली 21 अप्रैल 2020 ।  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिछले दिनों राजस्थान के कोटा में बसें भेजकर छात्रों को वापस बुलाने के फैसले के बाद अब शिवराज सरकार भी ऐसा ही करने जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि कोटा में मध्य प्रदेश के तकरीबन 1100 छात्र फंसे हुए हैं। हालांकि, मध्य प्रदेश सरकार के इस कदम के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कोटा से छात्रों को वापस बुलाने का दबाव और बढ़ गया है।

मध्य प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर ने छात्रों की लिस्ट भी बना ली है और 71 वाहनों की व्यवस्था भी कर ली है। कोटा में पढ़ रहे मध्य प्रदेश के 1100 छात्र 51 जिले के हैं। ग्वालियर के 68, छतरपुर के 50, भिंड के 48, भोपाल के 39 और इंदौर के पांच हैं।

बता दें कि कोटा में लॉकडाउन के कारण फंसे उत्तर प्रदेश के 10 हजार छात्रों को लेकर यूपी रोडवेज की 300 और राजस्थान रोडवेज की 100 बसें शनिवार को झांसी और आगरा पहुंची थीं। इन बसों में सवार सभी छात्रों की सघन जांच की गई थी। जांच के बाद छात्रों को यूपी परिवहन निगम की बसों से उनके गृह जिलों को रवाना कर दिया गया था। कोटा से अपने जिलों में पहुंचे छात्रों को प्रारंभिक जांच के बाद फिलहाल क्वारंटाइन किया गया है।

नीतीश कुमार पर बढ़ा दबाव

उत्तर प्रदेश के मेडिकल-इंजीनियरिंग छात्रों की वापसी के बाद बिहार सरकार पर भी ऐसा कदम उठाने का दबाव बढ़ गया है। बिहार में राजद नेता तेजस्वी यादव, प्रशांत किशोर ने सरकार से राज्य के छात्रों को वापस बुलाने की मांग की है। वहीं राज्य सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन का हवाला देकर वापसी का कदम उठाने से इनकार किया और ऐसी मांग करने वालों को कठघरे में खड़ा किया।

प्रशांत किशोर ने भी उठाए थे नीतीश कुमार पर सवाल

प्रशांत किशोर ने ट्विटर पर एक चिठ्ठी की कॉपी जारी करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सवाल उठाए थे।उन्होंने कहा था कि जब सरकार ने बिहार के बच्चों को कोटा से लाने से मना कर दिया है तो विधायक के बेटे को कोटा से लाने की विशेष अनुमति क्यों दी गई है। ट्वीट में पीके ने लिखा कि कोटा में फंसे बिहार के सैकड़ों बच्चों की मदद की अपील को नीतीश कुमार ने यह कहकर खारिज कर दिया था ऐसा करना लॉकडाउन की मर्यादा के खिलाफ होगा लेकिन अब उन्हीं की सरकार ने बीजेपी के एक एमएलए को कोटा से अपने बेटे को लाने की विशेष अनुमति दी है। नीतीश जी अब आपकी मार्यादा क्या कहती है।

बोहरा समाज के रमजान 23 अप्रैल से

इस्लामी कैलेंडर का नया महीना रमजान होता है। जिसके अंतर्गत 30 दिन तक रोजे रखकर इबादत की जाती है। इस पवित्र माह में विशेष रूप से इस्लामिक पवित्र ग्रंथ कुरआन का पाठ किया जाता है। सदका (दान) करना बहुत ही पुण्य कार्य माना जाता है। विशेष नमाज पढ़ीजाती है। बोहरा समाजजनों की दिनचर्या में भी रमजान माह में परिवर्तन होता है। सुबह 4.30 बजे सेहरी, दिनभर रोजा एवं शाम को सूर्यास्त के बाद 7 बजे इफ्तार। मध्य रात को विशेष नमाज भी होती है। 23 अप्रैल से रमजान माह की शुरुआत हो रही है। सैयदना साहब के आदेशानुसार जानलेवा कोरोना महामारी के कारण सभी बोहरा समाजजन अपने-अपने घरों पर ही नमाज पढ़ेंगे।

मध्यप्रदेश में एक और कोरोना योद्धा हारा जिंदगी से जंग, आज सुबह ली अंतिम सांस

उज्जैन नीलगंगा थाना प्रभारी यशवंत पाल की आज कोरोना से मौत हो गई। 59 वर्ष के अम्बर कालोनी कंटेमेंट एरिये में ड्यूटी के दौरान कोरोना पॉजिटिव होने के बाद उन्हें इंदौर के अरविंदो अस्पताल में एडमिट किया गया था। अरविंदो हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ विनोद भंडारी ने बताया कि पिछले 12 दिनों से यशवंत पाल अरविंदो में एडमिट थे। वे जब से आए थे तभी से क्रिटिकल स्थिति में रहे रिपोर्ट भी पॉजिटिव ही रही। आज सुबह करीब 6 बजे उनका निधन हो गया है। पे पिछले 15 दिन से कोरोना वायरस से लड रहे थे। जिसके चलते इंदौर अरविंदो हॉस्पिटल में इनका उपचार चल रहा था। कल इनको वेंटिलेटर पर रख दिया था, लेकिन आज सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली ऐसे योद्धा को हम सेल्यूट करते है, जो जनता की सुरक्षा और देेेश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए।

उज्जैन में 184 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव, अब भी 627 रिपोर्ट आना बाकी
लगातार तीसरे दिन उज्जैन को राहत मिली। यहां कोई भी नया कोरोना पॉजिटिव केस सामने नहीं आया। इन तीन दिनों में 184 लोगों की रिपोर्ट आई। सभी में कोरोना संक्रमण नहीं पाया गया। इनमें डोर-टू-डोर सर्वे में सामने आए सर्दी-खांसी और बुखार के मरीजों के अलावा 24 स्टाफ नर्सें थीं। ये माधवनगर अस्पताल, चैरिटेबल हॉस्पिटल में कोरोना पॉजिटिव और कोरोना संदिग्ध मरीजों का इलाज कर रही है। स्वास्थ्य विभाग के अमले ने घर-घर जाकर बीमार लोगों के सैंपल लिए थे। इनमें निजातपुरा के 15, नागदा के 19, भैरवगढ़ के 12, विश्व बैंक कॉलोनी के 18 और गायत्री नगर के 6 लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भोपाल स्थित लैब में भेजे गए थे। सोमवार को 111 लोगों की रिपोर्ट आई है, सभी की रिपोर्ट निगेटिव है। लगातार निगेटिव रिपोर्ट आने से सीएमएचओ डॉ.अनुसुइया गवली का कहना है कि रिपोर्ट इसी तरह आती रही तो हम कोरोना से बहुत जल्दी जीत जाएंगे।

देश में डॉक्टरों व चिकित्सा कर्मियों पर हो रहे हमलों के विरोध में आईएमए का व्हाइट अलर्ट

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने डॉक्टरों और चिकित्साकर्मियों पर हो रहे हमलों को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए विरोध प्रदर्शन करने का एलान किया है। आईएमए ने कहा है कि सरकार को सुरक्षित कार्यस्थलों के लिए हमारी वैध जरूरतों को पूरा करना होगा। चिकित्साकर्मियों के साथ हो रही हिंसा तुरंत बंद होनी चाहिए।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने देश के लिए व्हाइट अलर्ट भी जारी किया है। आईएमए ने सभी डॉक्टरों और अस्पतालों से 22 अप्रैल को रात नौ बजे एक मोमबत्ती जलाकर अपना विरोध जाहिर करने के लिए कहा है, साथ में केंद्र सरकार को काला दिवस मनाने की चेतावनी भी दी है।
आईएमए ने कहा कि अगर सरकार व्हाइट अलर्ट के बाद भी डॉक्टरों और अस्पतालों के खिलाफ हिंसा पर केंद्रीय कानून लागू करने में विफल रहती है तो आईएमए 23 अप्रैल को काला दिवस घोषित करेगा। देश के सभी डॉक्टर काली पट्टी लगाकर काम करेंगे।

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