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शिवराज सिंह चौहान भी चले पीएम मोदी की राह

भोपाल 17 फरवरी 2019 । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पीएम नरेंद्र की राह पर चल पड़े हैं. मोदी की तर्ज पर शिवराज सिंह चौहान उन्हें मिले गिफ्ट और स्मृति चिन्ह नीलाम करेंगे. नीलामी से मिलने वाले पैसे जनता की भलाई के लिए होने वाले काम में लगाएंगे.

शिवराज सिंह चौहान 13 साल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे. इस दौरान उन्होंने देश-विदेश की सैकड़ों यात्राएं कीं. जहां भी गए वहां उपहार मिले. इन उपहारों का अब अच्छा-ख़ज़ाना उनके पास हो गया है. शिवराज सिंह अब अपना यही ख़ज़ाना अब नीलाम करना चाहते हैं.

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अब उपहार बेचकर जनसेवा करेंगे. सोशल मीडिया में लिखी मन की बात में शिवराज सिंह चौहान ने अपनी ये इच्छा ज़ाहिर की है. उन्होंने लिखा है कि, उन्हें अब तक जो भी गिफ्ट और मोमेंटो मिले हैं उन्हें वो नीलाम करना चाहते हैं. नीलामी से जो पैसा मिलेगा,उससे वो जनसेवा करेंगे.

शिवराज सिंह चौहान से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उन्हें मिले गिफ्ट और मोमेंटो नीलाम कर चुके हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने 18 सौ गिफ्ट और मोमेंटो नीलाम किए थे और इससे मिलने वाली राशि का इस्तेमाल नमामि गंगे प्रोजेक्ट में किया गया.

विदेशों में सेलिब्रिटीज का अपने गिफ्ट नीलाम करने का फैशन है. . ब्रिटेन में महारानी एलिजाबेथ के लव लेटर से लेकर बर्थ डे केक का टुकड़ा तक नीलाम हो चुका है. और भी सेलिब्रिटीज समय-समय पर अपने गिफ्ट नीलाम करते रहे हैं. शिवराज की इस पहल को बीजेपी सामाजिक सरोकार से जोड़ रही है.

बदलने लगे MP में राजनीतिक समीकरण, BJP के बागी नेताओं ने खोला पार्टी के खिलाफ मोर्चा

मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव की आहट को देखते हुए राजनीतिक समीकरण भी बदले-बदले नजर आ रहे हैं. भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल गौर के बाद अब बागी रामकृष्ण कुसमरिया और सरताज सिंह ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोला है. भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के उपेक्षा के शिकार इन नेताओं की अचानक सक्रियता ने भाजपा की परेशानी को फिर बढ़ाया है.

मध्यप्रदेश भाजपा में विधानसभा चुनाव के वक्त टिकट कटने से नाराज रहे बाबूलाल गौर से हाल ही में कांग्रेस नेताओं की मुलाकात के बाद भाजपा में उनकी बढ़ी पूछ-परख को देख अब बागी रहे सरताज सिंह और रामकृष्ण कुसमरिया ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोला है. सरताज ने सोमवार को सीधा हमला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर बोला.

उन्होंने भाजपा की मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में हुई हार के लिए मोदी को जिम्मेदार ठहराया. सरताज ने साफ कहा कि मध्यप्रदेश में भाजपा की हार के लिए शिवराज सिंह चौहान जिम्मेदार नहीं है, बल्कि मोदी की नीतियां जिम्मेदार हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में हार के लिए नोटबंदी और जीएसटी प्रमुख कारण रहे. मोदी से जो अपेक्षा थी उस पर भी वो 15-20 प्रतिशत ही पूरी कर पाए. उन्होंने कहा कि यह बात मैं लोगों के फीडबैक के आधार पर यह कह रहा हूं. जब मोदी का नाम नहीं था तब मैं उनका समर्थक था. लोकसभा में मध्यप्रदेश में भाजपा 12-13 सीट पर सिमट जाएगी, बदलाव तो आएगा.

उल्लेखनीय है कि सरताज सिंह को विधानसभा चुनाव में जब टिकट नहीं मिला तो वे बागी हो गए थे और कांग्रेस के टिकट पर होशंगाबाद से चुनाव लड़ गए थे. हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा. वे एक बार फिर लोकसभा चुनाव में मैदान में उतरने को तैयार नजर आ रहे हैं, हालांकि अभी कांग्रेस की ओर से उन्हें किसी तरह का कोई आश्वासन नहीं मिला है.

‘कांग्रेस की ओर से हुई टिकट की पेशकश’

सरताज के बाद पूर्व मंत्री और भाजपा से बागी होकर चुनाव लड़े रामकृष्ण कुसमरिया ने भी आज राजधानी भोपाल आकर वरिष्ठ नेता बाबूलाल गौर से उनके निवास पर मुलाकात की. कुसमरिया ने भी कांग्रेस से टिकट का आफर मिलने की बात कहकर सियासी पारे को गरमा दिया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से उन्हें लोकसभा चुनाव के लिए टिकट की पेशकश की गई है.

जिस पार्टी की ओर से सम्मानजनक स्थिति उन्हें नजर आएगी, उस पार्टी के वे प्रत्याशी होंगे. उन्होंने कहा कि वे बुंदेलखंड की किसी भी सीट से या फिर जबलपुर से चुनाव लड़ सकते हैं. भाजपा में अपनी उपेक्षा से नाराज कुसमरिया ने विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली हार के लिए शिवराजसिंह चौहान को जिम्मेदार ठहराया.

उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह ने मनमाने तरीके से काम किया,जिसका परिणाम हार के रुप में मिला. उन्होंने कहा कि मैंने विधानसभा चुनाव में 5 अलग-अलग स्थानों से टिकट देने की मांग की थी, मगर मेरी उपेक्षा की गई, परिणाम यह निकला की भाजपा को 11 स्थानों पर हार का सामना करना पड़ा. गौर से मुलाकात को लेकर उन्होंने कहा कि गौर साहब ने ही राजनीति के क्षेत्र में उन्हें बढ़ाया है, इसलिए उनसे मिलने के बाद उन्हें ऊर्जा मिलती है.

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