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CM कमलनाथ को घेरने की कोशिश में खुद घिरे शिवराज

मंदसौर 19 जनवरी 2019 ।  प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर कमलनाथ सरकार को घेरने वाले पूर्व सीएम शिवराज अब खुद घिरते नजर आ रहे हैं। मंदसौर में जिस नेता की हत्या को लेकर शिवराज ने कमलनाथ को कानून व्यवस्था का पाठ पढ़ा कर घेरने की कोशिश की थी, उस केस में हत्या का आरोप अब खुद बीजेपी नेता पर ही लग रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या कानून व्यवस्था को लेकर सिर्फ राजनीतिक खेल खेला जा रहा है।

जिले में नगरपालिका अध्यक्ष और बीजेपी नेता प्रह्लाद बंधवार की हत्या के मामले में अब शिवराज और बीजेपी ही घिरते नजर आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार यह मामला आपसी विवाद का है, और हत्या का आरोप जिस शख्स पर लगा है वो स्वयं बीजेपी का नेता बताया जा रहा है। आरोपी मनीष बैरागी की बीजेपी नेताओं के साथ कई फोटो वायरल हो रही हैं जिससे भाजपा में हड़कंप मचा हुआ है।

मैं आज सुबह मंदसौर के दिवंगत नेता प्रह्लाद बंधावर के परिजनों से मिलने जा रहा हूँ। कांग्रेस सरकार के आते ही अपराधियों के हौसले बुलंद हो गये हैं, लेकिन मैं चुप नहीं बैठूंगा। मैंने श्री कमलनाथ को इस संदर्भ में पत्र लिखकर जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है। न्याय मिलने तक लड़ूंगा।

शिवराज ने की थी मांग
पूर्व सीएम शिवराज सिंह ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा था कि ‘प्रह्लाद बंधवार की हत्या मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए, साथ ही संदीप अग्रवाल के हत्यारोपियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाए।

सीएम कमलनाथ ने तुरुंत दिया जवाब
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज को जवाब देते हुए कहा कि ‘इंदौर में हुई संदीप अग्रवाल की हत्या की घटना व आज मंदसौर में हुई नगरपालिका अध्यक्ष प्रह्लाद बंधवार की हत्या की घटना बेहद दुखद व निंदनीय है। मैंने पुलिस प्रशासन को सख़्त निर्देश दिये हैं कि दोनों हत्याकांड की शीघ्र जांच कर आरोपियों को गिरफ़्तार कर, पूरे मामले का जल्द से जल्द खुलासा किया जाए। दोषी कितना भी बड़ा हो, उसे बख़्शा नहीं जाएगा।आप विश्वास रखिये, आरोपी शीघ्र ही सलाखों के पीछे होंगे। मेरी सरकार क़ानून व्यवस्था के पालन को लेकर गंभीर है।। इसमें किसी प्रकार के अपराधी के लिये कोई रियायत नहीं है।’

सी.एम. हेल्पलाइन में लापरवाही पर 13 सीएमओ की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश

प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास विभाग श्री प्रमोद अग्रवाल और आयुक्त श्री गुलशन बामरा ने वीडियो क्रान्फ्रेंसिंग के माध्यम से नगरीय निकायों में चल रहे कार्यों की समीक्षा की। प्रमुख सचिव श्री अग्रवाल ने सीएम हेल्पलाइन, पेयजल आपूर्ति और अन्य कार्यों में लापरवाही पर एक मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निलंबित करने और 13 मुख्य नगरपालिका अधिकारियों की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिये हैं। इसके साथ ही आयुक्त नगरपालिक निगम जबलपुर के आयुक्त श्री चंद्रमौलि शुक्ल, आयुक्त नगरपालिक निगम खण्डवा श्री जे.जे.जोशी,आयुक्त नगर निगम मुरैना श्री डी.एस. परिहार और प्रभारी सीएमओ नगरपालिका सुसनेर श्री मनीष जैन की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने के लिए कारण बताओ नोटिस दिया गया है। श्री अग्रवाल ने कहा कि सभी स्वीकृत कार्य समय-सीमा में पूरा करवायें। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर कार्यो की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जायेगा।

वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग में सीएम हेल्पलाइन में सौ दिन से अधिक लंबित शिकायतों पर सीएमओ नीमच, श्री संजेश गुप्ता सीएमओ हाट पिपल्या, श्री प्रभु पाटीदार सीएमओ मंदसौर श्रीमती सरिता प्रधान, सीएमओ व्यौहारी सुश्री रीना राठौर, सीएमओ नागौद श्री शैलेन्द्र प्रताप सिंह, सीएमओ पिछौर श्री सुधीर मिश्रा, सीएमओ अशोकनगर श्री बी.डी. कतरोलिया, सीएमओ गुना श्री पी.एस बुन्देला, सीएमओ बडवाह श्री संतराम चौहान, सीएमओ धार श्री राधेश्याम मंडलोई, सीएमओ महेश्वर श्रीमती आशा भंडारी, सीएमओ हातोद श्री दामोदर चौधरी, सीएमओ छतरपुर श्री हरिहर गंधर्व की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने के आदेश दिये गये है। वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग में अनुपस्थित रहने पर सीएमओ माकड़ौन श्री रफ़ीक मुल्तानी को निलंबित करने के आदेश दिये गये है।

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