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बीजेपी की सूची में शिवराज का नाम 13 नंबर पर खिसका

भोपाल 31 जनवरी 2019 । मध्यप्रदेश में 13 साल तक मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान का नाम चुनाव प्रबंधन समिति के सदस्यों की सूची में 13 नंबर पर क्या खिसका, सूबे की राजनीति में सुगबुगाहट होने लगी कि क्या शिवराज सिंह चौहान के साथ जानबूझकर इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है. उनके कैबिनेट में मंत्री रहे नेताओं के नाम भी इस सूची में शिवराज से ऊपर है जिससे कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं.

BJP की सूची में शिवराज का नाम 13 नंबर पर खिसका, घट रहा है कद?
MP के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
क्या मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की हार के बाद शिवराज सिंह चौहान का कद वाकई घट गया है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि चुनाव प्रबंधन समिति के सदस्यों की जो सूची सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है उसमें शिवराज सिंह चौहान का नाम खिसक कर 13 नंबर पर पहुंच गया है. यह सूची आने के बाद कांग्रेस जमकर मजे भी ले रही है.

मध्यप्रदेश में 13 साल तक मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान का नाम चुनाव प्रबंधन समिति के सदस्यों की सूची में 13 नंबर पर क्या खिसका, सूबे की राजनीति में सुगबुगाहट होने लगी कि क्या शिवराज सिंह चौहान के साथ जानबूझकर इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है जिससे राजनीतिक गलियारों में उनके कद घटने की चर्चा गरमा जाए. सिर्फ यही नहीं, कई ऐसे नेता जो शिवराज कैबिनेट में मंत्री थे और राजनीतिक कद में उनसे छोटे हैं लेकिन उनके नाम सूची में शिवराज से ऊपर है जिससे कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं.

शिवराज से ऊपर कौन?

बीजेपी की चुनाव प्रबंधन समिति सूची में सबसे पहले केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का नाम है. इसके बाद बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा का नाम है. तीसरे नंबर पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का नाम है. इसके बाद चौथा नाम प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह का है. इसके बाद सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह, राजेंद्र शुक्ल, लाल सिंह आर्य, विनोद गोटिया, विजेश लुनावत और विनय सहस्रबुद्धे का नाम शिवराज सिंह चौहान से ऊपर है. शिवराज के नीचे सुहास भगत, नंदकुमार सिंह चौहान और अतुल राय के नाम हैं.

शिवराज हमारे सर्वमान्य नेताः बीजेपी

इस मामले में बीजेपी की सफाई भी सामने आई है. मध्यप्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान भारतीय जनता पार्टी के सर्वमान्य नेता हैं, नेता थे और नेता रहेंगे. लीडर ऑलवेज लीड्स. सूची में किस नंबर पर उनका नाम लिखा गया, इसका कोई महत्व नहीं है यह कोई शासन की निकली हुई सूची नहीं है जिसका प्रोटोकोल होता है. वह नेता थे, हैं और रहेंगे.

उन्होंने आगे कहा, ‘लोकसभा चुनाव में उनकी महती जिम्मेदारी है और संगठन में भी वह संसदीय बोर्ड के हमारे सदस्य हैं. मैंने कहा कि कई बार कई प्रकार की त्रुटि हो जाती है. कौन से पेज में कौन से कहां किसने देख लिया, मुझे नहीं पता लेकिन भारतीय जनता पार्टी उनका महत्व जो था वही है वही रहेगा. उनके नाम को लेकर कहीं भी भारतीय जनता पार्टी में संदेह नहीं है. जब बीजेपी में संदेह नहीं है तो मीडिया को संदेह करने की जरूरत नहीं है.

कांग्रेस ने जताई शिवराज से सहानुभूति

इस मामले में कांग्रेस ने बीजेपी पर तंज कसा है. मध्यप्रदेश कांग्रेस के मीडिया कॉर्डिनेटर नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट कर कहा कि ‘शिवराज जी का नाम चुनाव प्रबंधन समिति में 13वें नंबर पर. बेहद शर्मनाक. कांग्रेस की सहानुभूति शिवराज जी के साथ. लगता है कि अब शिवराज जी शीघ्र ही बाबूलाल गौर के निवास जाकर खुद का नाम बीजेपी मार्गदर्शक मंडल में लिखवाएंगे. गुरु लालकृष्ण आडवाणी के बाद अब शिष्य शिवराज का नाम भी शामिल होगा.’

केपी सिंह, झूठे मुकदमे बंद करो नहीं तो भोपाल तक प्रदर्शन होंगे : शिवराज

केपी सिंह, यह 1993-2003 वाला दौर नहीं है, यह 2019 है। कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे चलाना बंद करो नहीं तो पिछोर से लेकर भोपाल तक आंदोलन और प्रदर्शन होंगे। केपी सिंह भूलना नहीं, शिवराज अभी जिंदा है। यह बात मंगलवार को पिछोर के परेड ग्राउंड में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संभा को संबोधित करते हुए कही। वे बीते 9 दिनों से अनशन पर बैठे भाजपा नेता प्रीतम सिंह लोधी के धरना प्रदर्शन में शामिल होने आए थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवराज ने 15 साल में कभी जनता पर झूठे मुकदमे नहीं लादे। उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि भूलो मत, यह सरकार लंगड़ी है। बैसाखियों पर है। चाहते तो हम भी सरकार बना सकते थे, पर बैसाखियों वाली सरकार हम बनाना नहीं चाहते थे। थोड़ी बहुत सीटें ज्यादा लाकर सरकार बना ली तो क्या अब भाजपा के कार्यकर्ताओं को परेशान करोगे। उन पर झूठे मुकदमे लादोगे। हमें आपसे ज्यादा वोट प्रतिशत मिला। हमें 41 फीसदी वोट मिले और आपको 40.9 फीसदी। अब सरकार बनाई है तो वादे निभाओ। उन्होंने एसपी-कलेक्टर को ज्ञापन देकर भाजपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस लेने और किसी भी तरह का कोई झूठा केस भाजपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज नहीं करने की मांग की।

शिवराज का आरोप- केपी सिंह ईमानदारी से नहीं जीते : केपी सिंह की चुनावी जीत पर तंज कसते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि कौन नहीं जानता, यहां कैसा चुनाव हुआ। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सवाल पूछा- क्या यह ईमानदारी से जीते, फिर खुद ही कहा- नहीं जीते। जीत गए तो क्या अब प्रीतम और भाजपा के कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज कराओगे।

पूर्व सीएम ने कहा-कांग्रेस गंदी राजनीति से बचे : 2 मिनट की प्रेसवार्ता में पूर्व सीएम ने कहा कि आज जनता का समुद्र पिछोर में उमड़ा है। लोकतंत्र में हार जीत लगी रहती है। सरकार बनती बिगड़ती रहती है। जनता ने कांग्रेस को भाजपा को कुचलने के लिए वोट नहीं दिया। इस गंदी राजनीति से कांग्रेस बचे और झूठे मुकदमे वापस लेने के साथ आगे से इस तरह की पुनरावृत्ति न हो।

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