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यूपी BJP अध्यक्ष का चौंकाने वाला बयान- हिंसा के लिए वित्तीय मदद कर रहीं प्रियंका गांधी

बरेली 8 जनवरी 2020 । भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने चौंकाने वाला बयान देते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पर प्रदेश में हिंसा फैलाने के लिए वित्तीय मदद करने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में हिंसा भड़काने के लिए वह दूसरे प्रदेशों के दंगाइयों को ला रही हैं। भाजपा नेता ने बरेली में एक जनसभा में कहा, “प्रदेश में पिछले तीन साल से शांति थी और मैं पूछना चाहता हूं कि प्रियंका यहां दंगा क्यों कराना चाहती हैं? वह यह मध्य प्रदेश या राजस्थान में क्यों नहीं करतीं? वह हिंसा के लिए वित्तीय मदद कर रहीं और दूसरे राज्यों से दंगाइयों को ला रहीं और शांति भंग करने के लिए उनसे पत्थरबाजी करवा रही हैं।”

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के संदर्भ में उन्होंने कहा, “अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न हुआ तब न तो नेहरू (जवाहरलाल) और न ही मनमोहन सिंह यह काम कर सके। वे दयनीय जीवन जीने के लिए मजबूर थे। पहली बार एक नेता ने यह क्रांतिकारी निर्णय लिया और सीएए सुनिश्चित किया। सीएए का मतलब भारत में अल्पसंख्यक समुदाय के शरणार्थियों को भारत की नागरिकता प्रदान करना है जिससे वे सम्माननीय जीवन जी सकें। वे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर पा सकें और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।”

सिंह ने आगे कहा कि सीएए का मतलब किसी भी भारतीय मुस्लिम की राष्ट्रीय छीनना नहीं है जैसा कि विपक्ष इस मुद्दे पर लोगों को गुमराह कर रहा है। उन्होंने आगे कहा, “यहां तक कि राम मनोहर लोहिया ने भी कहा था कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और उन्हें भारत की नागरिकता दी जानी चाहिए। लेकिन समाजवादी पार्टी को अपने संस्थापक के शब्द याद नहीं, क्योंकि उनके नेता सिर्फ पारिवार के लिए राजनीति करना चाहते हैं।”

देश के अगले राष्ट्रपति को लेकर शिवसेना का बयान, शरद पवार की पैरवी

महाराष्ट्र राज्य में इलेक्शन के बाद सरकार तो बन गई लेकिन राजनीतिक बवाल का दौर अब भी समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है…

शिवसेना चीफ और महाराष्ट्र मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के लिए चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। इस बीच शिवेसना के राज्यसभा सांसद संजय राउत का बड़ा बयान सामने आया है।

संजय राउत के इस बयान पर विश्वास करें तो राजनीतिक गलियारों में 2022 को लेकर चर्चा तेज हो गई है। राउत ने बताया कि साल 2022 के राष्ट्रपति पद के इलेक्शऩ के लिए सभी राजनीतिक दलों को एनसीपी चीफ शरद पवार के नाम पर विचार करना चाहिए। राउत ने यह भी दावा किया कि 2022 तक राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी का फैसला करने के लिए ‘हमारी तरफ’ पर्याप्त संख्या होगी।

दरअसल, शरद पवार ने महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार बनाने के लिए शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस को एक साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने गठबंधन में कांग्रेस को आने के लिए राजी किया था। इसके लिए दिल्ली आकर उन्होंने कई बार सोनिया गांधी से मुलाकात भी की थी। यही कारण है कि संजय राउत शरद पवार के प्रति इतने नरम हैं और आगामी प्रेसिडेंट प्रत्याशी के तौर पर उनके नाम पर विचार करने को कह रहे हैं।

मंगोलियाई प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ से भेंट
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि मंगलोलियन प्रांत और मध्य प्रदेश कई क्षेत्रों विशेषकर सांस्कृतिक आदान-प्रदान, पर्यटन और शिक्षा पर साथ काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत और मंगोलिया सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में दावोस में उन्होंने मंगोलिया के राष्ट्रपति से मुलाकात की थी। मंगोलिया के पर्यटन परिदृश्य की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें पर्यटन की और ज्यादा संभावनाएं हैं। मंगोलिया अपने नागरिको की सादगी और मित्रता के लिए प्रसिद्ध है। श्री कमल नाथ आज यहां मंत्रालय में मंगोलिया के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा कर रहे थे।

श्री नाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश दोनों देशों के लोगों को आपस में जोड़ने के कार्यक्रम में सहयोग देगा। उन्होंने प्रदेश के बौद्ध विश्वविद्यालय के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अध्ययन से दोनों देशों के लोगों को आपस में जोड सकते हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर सरकारें एक-दूसरे से जुडती हैं, लेकिन लोगों को आपस में जोड़ना ज्यादा महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश भारत के शिक्षा के केंद्र बिन्दु के रूप में उभर रहा है और मंगोलिया जैसे देशों को शैक्षणिक अवसर प्रदान कर सकता है।

मंगोलिया के चीफ आफ केबिनेट सेक्रेटिएट मंत्री ओयूनरडेन लुवासनमसराल ने प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों को बताया कि मुख्यमंत्री भारत के एक महत्वपूर्ण नेता हैं। उन्होंने गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली का अध्ययन किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि निकट भविष्य में मध्य प्रदेश के साथ पर्यटन, संस्कृति और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री को मंगोलिया आमंत्रित किया।
श्री नाथ ने भी आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि मंगोलिया में भरपूर प्राकृतिक संसाधन हैं । मध्य प्रदेश पारंपरिक दवाओं के निर्माण में सहयोग कर सकता है। मध्य प्रदेश शैक्षणिक सुविधाएं भी उपलब्ध करा सकता है क्योंकि यहां कई उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और कौशल विकास केंद्र हैं।
प्रतिनिधिमंडल में मंगोलिया के विभिन्न प्रांतों के गवर्नर शामिल थे। संस्कृति मंत्री डॉ विजय लक्ष्मी साधौ, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव संस्कृति पंकज राग, सचिव पर्यटन फैज अहमद किदवई और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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