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प्रशांत किशोर के रोल पर सोनिया गांधी लेंगी फैसला, साढ़े 4 घंटे से चल रहा 10 जनपथ पर मंथन

नयी दिल्ली 19 अप्रैल 2022 । प्रशांत किशोर जल्दी ही कांग्रेस पार्टी में शामिल होंगे और उनके रोल पर राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ही अंतिम फैसला लेंगी। कांग्रेस के सूत्रों ने पीके के सियासी भविष्य को लेकर लग रहे कयासों के बीच यह जानकारी दी है। इस बीच आज भी सुबह से ही प्रशांत किशोर के साथ सोनिया गांधी समेत पार्टी के कई टॉप नेताओं की मीटिंग चल रही है। दोपहर 12 बजे से पहले ही प्रशांत किशोर 10 जनपथ के सोनिया गांधी के आवास पर पहुंच गए थे। इससे पहले कल भी शाम को मीटिंग हुई थी। उस मीटिंग में भी प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, एके एंटनी, दिग्विजय सिंह, कमलनाथ समेत कई सीनियर नेता मौजूद थे। ये सभी नेता एक बार फिर से सोनिया गांधी के आवास पर जुटे हैं। बीते 4 दिनों में पीके के साथ कांग्रेस लीडरशिप की यह तीसरी मीटिंग है। कांग्रेस के एक सीनियर नेता ने पीके के भविष्य को लेकर कहा, ‘उन्हें लेकर आखिरी फैसला सोनिया गांधी पर ही छोड़ दिया गया है। वह लगातार प्रशांत किशोर से बात कर रही हैं। पार्टी के सीनियर नेताओं से बातचीत के बाद वही प्रशांत किशोर के रोल पर फैसला लेंगी। इस पर फैसला होगा कि आखिर वे पार्टी किस हैसियत के साथ जॉइन करेंगे।’ एक पैनल को प्रशांत किशोर के प्लान पर बात करने की जिम्मेदारी दी गई है और एक सप्ताह के अंदर यह पैनल सोनिया गांधी को रिपोर्ट सौंपेगा। पार्टी लीडर ने कहा कि अभी कुछ और दिनों तक प्रशांत किशोर के साथ मंथन जारी रहेगा। कांग्रेस की ओर से जल्दी ही पीके के स्टेटस पर फैसला लिया जाएगा और चिंतन शिविर के आयोजन का भी ऐलान किया जाएगा।

उदयपुर में अगले महीने होगा कांग्रेस का चिंतिन शिविर पीएम नरेंद्र मोदी को 2014 में जीत मिलने के बाद से चर्चा में आए प्रशांत किशोर तब से अब तक ममता बनर्जी, नीतीश कुमार, कैप्टन अमरिंदर सिंह समेत कई नेताओं के साथ काम कर चुके हैं। शनिवार को उन्होंने सोनिया गांधी समेत कांग्रेस के टॉप नेताओं के समक्ष अपनी प्रजेंटेशन दी थी। इसमें उन्होंने बताया था कि कैसे कांग्रेस लोकसभा चुनाव में सफलता के लिए प्लान बना सकती है। उसके बाद से ही कांग्रेस ने एक वॉर ग्रुप का गठन किया है, जो लगातार उस पर मंथन कर रहा है। इस प्लान को 15-16 मई को उदयपुर में आयोजित होने वाले चिंतिन शिविर में पेश किया जाएगा।

5 राज्यों में मिली हार, अब इन 6 राज्यों पर है कांग्रेस का फोकस दरअसल 5 राज्यों में करारी हार झेलने के बाद कांग्रेस अब उस प्रदर्शन को दोहराना नहीं चाहती। ऐसे में पार्टी ने चिंतिन शिविर के आयोजन का फैसला लिया है ताकि इस साल के अंत में होने वाले हिमाचल और गुजरात चुनाव के लिए प्लान तैयार किया जा सके। इसके अलावा अगले साल कर्नाटक, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश में भी चुनाव होने हैं।

पीके की सलाह- बूथ स्तर पर बनें वॉट्सऐप ग्रुप, सांप्रदायिक मुद्दों से बचें प्रशांत किशोर की ओर से कांग्रेस को आगामी चुनावों के लिहाज से कुछ सुझाव भी दिए गए हैं। इनमें बूथ लेवल वॉट्सऐप ग्रुप्स बनाकर सूचनाएं प्रसारित करना, मजबूती वाले इलाकों में अकेले लड़ना, हर विधानसभा में पार्टी की कमजोरी पर फोकस करना, संभावित उम्मीदवारों और मुद्दों पर काम करना शामिल हैं। इसके अलावा पीके ने सलाह दी है कि कांग्रेस को सांप्रदायिक मुद्दों से बचते हुए लोगों के रोजगार और सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाना चाहिए। गांधी परिवार और पीके के बीच बीते साल बंगाल में ममता बनर्जी की जीत के बाद शुरू हुई थी, जो अब अमल में आती दिख रही है।

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