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कोरोना पर सफलताः देश में 1 किट से होगा 100 मरीजों का टेस्ट

नई दिल्ली 24 मार्च 2020 । भारत में अब कोरोना वायरस की जांच में दिक्कत नहीं आएगी. इसके लिए पर्याप्त टेस्ट किट मिलेंगे. ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच हो सके. इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने कोरोना वायरस के टेस्ट के लिए भारत निर्मित पहली टेस्ट किट को मंजूरी दे दी है.
महाराष्ट्र के पुणे की फर्म मायलैब को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है. मायलैब ने एक सप्ताह में 1 लाख किट तैयार करने का वादा किया है. कंपनी का दावा है कि एक किट से 100 मरीजों का टेस्ट किया जा सकता है.
मायलैब ने 6 हफ्तों में स्वदेशी किट विकसित की है. इस लैब के जरिये हर हफ्ते 1 लाख किट का निर्माण किया जा सकता है. मायलैब जो किट तैयार करेगी उसकी लागत विदेश से आने वाली किट से एक चौथाई होगी.
बताया जा रहा है कि प्रत्येक किट से 100 मरीजों का टेस्ट किया जा सकता है. मायलैब पैथोडिटेक्ट कोविड-19 क्वालिटेटिव पीसीआर किट वह पहली किट है जिसे व्यावसायिक तौर पर मंजूरी दी गई है.
इस किट को इंडियन एफडीए/केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने मंजूरी दी है. इसके अलावा, मायलैब एकमात्र भारतीय कंपनी है जिसने ICMR मूल्यांकन में 100 प्रतिशत संवेदनशीलता और विशिष्टता हासिल की है.
मायलैब डिस्कवरी सॉल्यूंसन्स के महानिदेशक हसमुख रावल ने बताया कि मेक इन इंडिया के तहत राज्य और केंद्र सरकार के समर्थन से COVID-19 टेस्ट के लिए किट को रिकॉर्ड समय में विकसित किया गया है. इसे केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की मंजूरी हासिल है.

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, लॉकडाउन को अभी भी कई लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं

देश के जिस शहर में कोरोना वायरस के मरीज मिले हैं केंद्र सरकार और राज्य सरकारों ने वहां लॉकडाउन का ऐलान किया है। इसके बाद भी कुछ जगहों पर देखने को मिल रहा है कि लोग घरों से निकल रहे हैं। इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाराजगी व्यक्त की है। पीएम मोदी ने सोमवार को ट्वीट करके कहा है कि लॉकडाउन को अभी भी कई लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। कृपया करके अपने आप को बचाएं, अपने परिवार को बचाएं, निर्देशों का गंभीरता से पालन करें। राज्य सरकारों से मेरा अनुरोध है कि वे नियमों और कानूनों का पालन करवाएं।

वहीं कोरोना वायरस के खिलाफ जंग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर ‘जनता कर्फ्यू’ को रविवार को अभूतपूर्व समर्थन मिला। हालांकि, कुछ जगहों से ऐसी तस्वीरें भी आईं कि लोगों ने घरों से बाहर समूह में निकलकर ताली, थाली और शंख बजाए। सभवत: पीएम लोगों के इस तरह के व्यवहार से चिंतित हैं। प्रधानमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि ‘जनता कर्फ्यू’ एक लंबी लड़ाई की शुरुआत मात्र है। कोविड-19 संकट के दौरान भी दिन-रात काम करने वालों के प्रति आभार प्रकट करते हुए मोदी ने ट्विटर के जरिये एक दिन पहले कहा कि कर्फ्यू रविवार रात 9 बजे खत्म हो जाएगा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम उत्सव मनाना शुरू कर दें। लोग इसको सफलता ना मानें, यह एक लंबी लड़ाई की शुरुआत है।

उन्होंने कहा कि देशवासियों ने यह साबित कर दिया है कि हम ठान लें तो बड़ी से बड़ी चुनौती को एकजुट होकर हरा सकते हैं। खुद प्रधानमंत्री ने माना कि जनता कर्फ्यू को जोरदार समर्थन मिला। यही वजह है कि उन्होंने ‘जनता कर्फ्यू’ में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने वालों के प्रति भी आभार जताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘जनता कर्फ्यू’ को लेकर हर कोई अपनी-अपनी तरह से योगदान देने में जुटा रहा। इससे पहले उन्होंने लोगों से अपील की थी कि-जनता कर्फ्यू में परिवार के साथ अच्छा समय बिताएं, टेलीविजन देखें और पौष्टिक भोजन करें। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक लोगों ने जनता कर्फ्यू का पालन किया। हर राज्य, शहर, कस्बे में पूरी तरह सन्नाटा छाया रहा और सड़कें सूनी दिखीं। प्रधानमंत्री जी की बातों का पालन करते हुए लोग सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक घरों से बाहर नहीं निकले।

प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए ट्वीट किया – केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा जारी किए जा रहे निर्देशों का जरूर पालन करें, जिन जिलों और राज्यों में लॉकडाउन की घोषणा हुई है वहां घरों से बिल्कुल बाहर ना निकलें। इसके अलावा बाकी हिस्सों में भी जब तक बहुत जरूरी ना हो, तब तक घरों से बाहर ना निकलें। इससे पहले प्रधानमंत्री ने लोगों को रविवार की शाम 5 बजे पांच मिनट तक अपनी खिड़की, बालकनी से ताली, घंटी-थाली बजाने की याद दिलाई थी।

प्रधानमंत्री ने देश की कई लोकप्रिय हस्तियों को टैग किया और उनके योगदान की सराहना की। मोदी ने एक अन्य ट्वीट में लोक गायिका मालिनी अवस्थी को टैग करके लिखा-जनता कर्फ्यू को लेकर लोक गायिका मालिनी अवस्थी जी अपने अंदाज में लोगों को प्रेरित कर रही हैं। मालिनी अवस्थी ने ट्वीट किया था कि-डरना नहीं, मुस्कराना है, मिलकर इसे अब हराना है। एक अन्य ट्वीट में मोदी ने लोक गायक प्रीतम भरतवाण जी के गीत का वीडियो जारी किया।

प्रधानमंत्री ने धुरंधर गीतकार प्रसून जोशी, अभिनेता आमिर खान और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को टैग करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गणमान्य लोग कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में रविवार को घर में रहने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने मोहनदास पई के संदेश को टैग करते हुए ट्वीट किया- यह समय सामाजिक दूरी बनाने का है, डिजिटल भुगतान इस दिशा में आपको मदद करेगा। इससे पहले मोहनदास पई ने अपने ट्वीट में डिजिटल भुगतान पर जोर देते हुए कहा था कि-सुरक्षित रहें, सुरक्षित भुगतान करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा संयम और संकल्प इस महामारी को परास्त करके रहेगा। इससे पहले प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया था कि- जनता कर्फ्यू शुरू हो रहा है, मेरी विनती है कि सभी नागरिक इस देशव्यापी अभियान का हिस्सा बनें और कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई को सफल बनाएं, हमारा संयम और संकल्प इस महामारी को परास्त करके रहेगा। इसके पहले गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई को सफल बनाने के लिए लोगों से रविवार को जनता कर्फ्यू का हिस्सा बनने का अनुरोध किया था।

लॉकडाउन के दौरान पेट्रोल पम्प, सब्जी मंडी, एलपीजी गैस, दवाई की दुकान आदि खुले रहें कमिश्नर

उज्जैन संभाग कमिश्नर श्री आनन्द कुमार शर्मा ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षक से रूबरू चर्चा की और संभाग के सभी जिलों में लॉकडाउन के दौरान आने वाली कठिनाईयों एवं इस बीच आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से निर्देश जारी किये।

कमिश्नर ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिये कि कोरोना वायरस को दृष्टिगत रखते हुए सभी जिलों में लॉकडाउन किया गया है। लॉकडाउन के दौरान आम जनता को अपनी आवश्यक मूलभूत जरूरतों के लिये न भटकना पड़े। जिला प्रशासन यह प्रयास करें कि आम जनता को आवश्यक चीजें सरलता से मुहैया हो जायें।

कमिश्नर ने निर्देश दिये कि इस दौरान जिले के प्रमुख चौराहों पर अनावश्यक जमावड़ा न हो। सभी लॉकडाउन के निर्देशों का पालन करें। लॉकडाउन के दौरान पेट्रोल पम्प, सब्जी मंडी, एलपीजी गैस, दवाई की दुकान आदि खुले रहें। खुलने का समय जिला प्रशासन अपनी सुविधा के अनुसार निर्धारित करे। इस दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इन जगहों पर अनावश्यक भीड़ जमा न हो। जरूरतमन्द व्यक्ति ही इन स्थानों पर आये।

जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी सभी की जांच करके ही उन्हें आने दें। फल, सब्जी आदि का आवागमन हो रहा है तो उसे न रोका जाये। कमिश्नर ने कहा कि इस दौरान सभी व्यक्ति अपने घरों में आने वाले समाचार-पत्रों को उठाने से पहले सेनिटाइज करें। साथ ही दूध की थैली एवं अन्य इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं को सेनिटाइज करके ही इस्तेमाल करें। इस्तेमाल करने के पहले एवं बाद में अपने हाथ साबुन से जरूर धोयें।

उन्होंने बताया कि व्यक्ति महंगे सेनिटाइजर इस्तेमाल करने की बजाय 5 रुपये की साबुन की टिकिया से भी अपने हाथ धो सकते हैं।
कमिश्नर ने सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिये कि लॉकडाउन के दौरान सभी जिले एक जैसा व्यवहार एवं एकरूपता रखें।

सभी जिले लॉकडाउन एवं धारा-144 के आदेश मुख्य सचिव को प्रेषित करें। कमिश्नर ने कहा कि लॉकडाउन में आवश्यक शासकीय कार्यालय भी खुले रखें। लॉकडाउन का प्रचार-प्रसार किया जाये, ताकि आम जनता तक प्रतिबंधात्मक आदेश की जानकारी पहुंच जाये।

कमिश्नर ने कहा कि अधिकारी यातायात के सम्बन्ध में एवं आवश्यक साफ-सफाई के सम्बन्ध में ब्रीफिंग करें। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिये कि वे आवश्यकता पड़ने पर निजी चिकित्सालयों के वेंटिलेटर को अधिग्रहित करें। आइसोलेशन फेसिलिटी सेन्टर का भ्रमण अनिवार्य रूप से कर लिया जाये और किसी भी अफवाह से सतर्क रहा जाये।

कमिश्नर ने निर्देश दिये कि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिये शव वाहन भी तैयार रखे जायें। छात्रावास एवं सामुदायिक भवन को आइसोलेशन सेन्टर बनाने के लिये चिन्हित किये जायें।

उन्होंने बताया कि स्थापित कंट्रोल रूम में यदि कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों की कोई कॉल आती है तो तत्काल उसे शासन स्तर पर एवं जिला प्रशासन स्तर पर पहुंचाया जाये। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन करने वाले लोगों की जानकारी रखी जाये एवं उनका स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाये।
कमिश्नर ने समस्त कलेक्टर्स को निर्देश दिये कि वे अपने-अपने क्षेत्र के कृषि मजदूर, कारखाना मजदूर एवं अन्य सेक्टर में लगे हुए मजदूरों को निर्देश दें कि वे अनावश्यक पलायन न करें। इन मजदूरों के भोजन की व्यवस्था भी जिला प्रशासन प्राथमिकता से करे।

कमिश्नर ने कहा कि कलेक्टर सभी व्यापारी संघों को निर्देश दे कि वे अपने यहां काम करने वाले श्रमिकों की मजदूरी न काटे। उन्होंने कहा कि किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिये हमेशा तैयार रहते हुए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। कमिश्नर ने कहा कि सभी बैंक अपना कार्य हमेशा की तरह चालू रखें। फल, दूध, सब्जी आदि आवश्यक चीजें लोगों तक पहुंचे, इसके लिये समय निर्धारित कर लिया जाये।

पुलिस महानिरीक्षक श्री राकेश गुप्ता ने समस्त पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिये कि वे अपने-अपने जिलों में यह सुनिश्चित करें कि पेट्रोल पम्प खुले रहें, डोर टू डोर सर्विस में समय की पाबन्दी न रहे। माल सप्लाई करने वाले वाहनों को बॉर्डर पर न रोका जाये।

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