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युवाओं में बढ़ रही है आत्महत्या की प्रवृति

उज्जैन 23 सितम्बर 2018 । देश सहित मध्यप्रदेश मे आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ रहे है | नेशनल हेल्थ प्रोफाइल 2018 के अनुसार देश मे वर्ष 2000 से 2015 के बीच आत्महत्या के मामले 23 फीसदी बढे है।
राष्ट्रीय मानासिक रोग नियंत्रण कार्यक्रम के सलाहकार डॉ नरेश पुरोहित ने नागपुर मे मेंटल हेल्थ इन मॉर्डन इंडिया विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार मे प्रस्तुत अपनी शोध रिपोर्ट के आधार पर बताया कि विश्व मे 8 लाख लोग प्रतिवर्ष आत्महत्या कर रहे है। विश्व मे प्रति 40 सैकंड मे एक आत्महत्या होती है। देश मे 1.33 लाख लोगो ने वर्ष 2015 मे आत्महत्या की। दुनिया में 25 फीसदी आत्महत्याएं अकेले भारत में हो रही है।
डॉ पुरोहित की शोध रिपोर्ट के अनुसार 3O से 45 और 18 से 3O वर्ष के लोग अधिक है। वर्ष 2015 में 30 से 45 वर्ष आयु के 44593 और 18 वर्ष से 3O वर्ष आयु के 43852 लोगो ने आत्महत्या की। यह वर्ष 2015 के मुकाबले 33 फीसदी अधिक है।
उन्होंने बताया कि देश में आत्महत्या करने वालों मे 66 प्रतिशत लोग 18 से 45 वर्ष आयु के है। अकेले मध्यप्रदेश में पिछले एक दशक में लगभग 50 हजार लोगो ने जीवन लीला समाप्त कर ली। आत्महत्या करने वालो में पुरुष अधिक है।आत्महत्या हेतु सोशल मीडिया और इंटरनेट की भूमिका भी रही है। इसका उपयोग सावधानी से हो, नकारात्मक सोच रखने वालों पर विशेष नजर रखी जाए तो आत्महत्या के ममले घटाए जा सकते है।
डॉ पुरोहित के अनुसार आत्महत्या की कोशिश करने वाले व्यक्ति पर कानूनी कार्यवाही करने की बजाय मानसिक समस्या के निदान व उपचार पर ध्यान देने की अधिक जरूरत है।

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