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सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा गंभीर सवाल, राफेल मामले में आखिर अब तक FIR क्यों नहीं कराई

नई दिल्ली 14 मई 2019 । यह बताइए कि आपने अभी तक रफाल मामले में एफआइआर क्यों नहीं कराई? यह सवाल सुप्रीम कोर्ट का है और उसने इसे पूछा है केंद्र सरकार से. शुक्रवार को जस्टिस केएम जोज़फ ने कहा कि 36 रफाल विमानों की खरीद के सिलसिले में अक्टूबर में सीबीआइ के पास भ्रष्टाचार की शिकायत की गई थी. तो आपने इसके बाद अब तक एफआइआर क्यों नहिं कराई? कोर्ट सरकार को याद दिलाता है कि शिकायत होने पर आप एफआइआर दर्ज कराने के लिए नियमतः बाध्य हैं.

यह सवाल अदालत ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल के समक्ष रफाल रिव्यू पिटीशन की सुनवाई के दौरान रखा. मामले पर कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है. एफआइआर वाला सवाल इससे पहले उठा. अक्टूबर महीने में भ्रष्टाचार निरोधी कानून के तहत शिकायत दर्ज कराई गई थी. न्यायमूर्ति जोज़फ ने इस सिलसिले में ललिता कुमारी केस का उल्लेख किया. इस मामले में संविधान पीठ ने फैसला सुनाया था. इसी फैसले में कहा गया था कि सीबीआइ अथवा कोई दूसरी सरकारी अथारिटी को शिकायत होने पर एफआइआर करानी ही होगी. इसके लिए वे कर्तव्य से बंदे हैं. नियम के मुताबिक अगर प्रथम दृष्ट्या कोई मामला नहीं बनता तो जांच बंद कर क्लोजर रिपोर्ट की प्रतिलिपि शिकायत करने वाले को भी सौंप देनी चाहिए. लेकिन इस मामले में तो शिकायत पर अभी कुछ भी नहीं किया गया.

उल्लेखनीय है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और एडवोकेट प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट से प्राथमिक तौर पर यहीं गुजारिश की थी कि वे ऱफाल मामले की शिकायत की साफ-सुथरी जांच सुनिश्चित कराई जाए.

सुप्रीम कोर्ट के सवालों पर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि किसी शिकायत पर पड़ताल तभी की जाती है जब प्रथम दृष्टि में कुछ गड़बड़ नजर आए. उन्होंने कहा कि आखिर रफाल मामला किसी सड़क या डैम की ठेकेदारी जैसा सामान्य केस तो नहीं है.
कोर्ट और सरकार के बीच हुई बातचीत में एक क्षण ऐसा भी आया जब कोर्ट ने कुछ रिकॉर्ड मांगा. सरकार ने यह तो कहा कि ठीक है हम रिकॉर्ड दे देंगे लेकिन मी लॉर्ड रिकॉर्ड तलब करना आपके अधिकार क्षेत्र में आता नहीं है.

हुआ यह कि जस्टिस जोज़फ इंडियन निगोशिएटिंग टीम के बीच हुए विचार-विमर्श का रिकॉर्ड मांगा तो सरकार को अच्छा नहीं लगा. दरअसल निगोशिएटिंग टीम के तीन विशेषज्ञ सदस्यों ने रफाल डील की आलोचना की थी. इन तीनों की आठ पेज की रिपोर्ट में कहा गया था कि मोदी सरकार के दौरान हुई 36 रफाल की डील से बेहतर डील यूपीए काल में 126 विमानों के लिए की गई थी.

जज के रिकॉर्ड मांगने पर वेणु गोपाल ने कहा कि तीन मेंबरों ने शुरू में अपनी अलग राय दी थी लेकिन बाद में सब की आम राय हो गई थी. वेणु गोपाल ने कहा कि तीनों मेंबरों की चिंताओं पर बाकायदे बहस हुई थी और सब कुछ रिकॉर्ड भी किया गया था. इसके बाद भी जस्टिस जोज़फ ने रिकॉर्ड की मांग खत्म नहीं की. तब वेणु गोपाल ने कहा,
“ योर लॉर्डशिप, अगर आप मांगेगे तो हम आपको रिकॉर्ड दे देंगे. लेकिन योर लॉर्डशिप मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि आपके पास इसे मांगने का कोई अधिकार नहीं है. योर ल़ॉर्डशिप आप मीडिया में हुए चुनिंदा लीक्स के असर में आ गए हैं.

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