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दुबई जाने के शौकीन देख लें! एक कमरा और 35 लोग, बाथरूम में गुजर रही रात

नई दिल्ली 17 जुलाई 2019 । भारत में बेरोजगारी से परेशान कुछ लोग अपने परिवार पालने का सपना लेकर दुबई तो पहुंच गए लेकिन यहां उनकी ऐसी दुर्दशा हुई कि अब वह न तो इधर के रहे और न ही उधर के। मुसीबत में फंसे इन लोगों के पास वापस आने के लिए पैसे तक नहीं हैं और इनका वीजा भी अब दुबई में महज चंद दिन का मेहमान है।
करीब दो माह तक दिन रात की मुसीबत काटने के बाद बेशक इन्हें अब दुबई में रह रहे भारतीय लोगों के पास रहने को आसरा मिल गया है लेकिन भारत लौटने या फिर दुबई में काम मिलने की उम्मीद अभी दूर-दूर तक नहीं है।
दुबई में फंसे मोगा के गांव दुन्नेके निवासी चरनजीत सिंह बिट्टा और कोठा गुरू निवासी चमकौर सिंह ने बताया कि फरीदकोट में मास्टर वर्ल्ड इमीग्रेशन संस्थान है जो लोगों को स्टडी वीजा, वर्क परमिट, मल्टीपल वीजा इत्यादि पर विदेश भेजती है।
संस्था के मालिक ट्रैवल एजेंट भाइयों दविंदर सिंह गुल्लू और बलराज सिंह से उनके समेत मोगा, फरीदकोट, बठिंडा, फिरोजपुर से संबंधित करीब 35 लोगों ने वर्क परमिट पर दुबई जाने के लिए संपर्क किया था। 13 अप्रैल को ट्रैवल एजेंट भाइयों ने उन सभी लोगों को प्रति व्यक्ति डेढ़ लाख रुपये लेकर वर्क परमिट का कहकर टूरिस्ट वीजा पर दुबई भेज दिया।
दुबई एयरपोर्ट पर उन्हें आरोपियों के साथी पाकिस्तानी नागरिक शारद और भारतीय नागरिक अरविंद मिले, दोनों ने उन्हें दुबई में बने एक फ्लैट में ले जाकर रखा। करीब 35 लोग एक ही कमरे में भर दिए गए। एक माह तक किसी भी व्यक्ति को वहां पर काम नहीं दिलाया गया और उनके टूरिस्ट वीजा को भी वर्क परमिट में तबदील नहीं किया गया।
कमरे में जगह कम होने के कारण मजबूरी में कई लोग बाथरूम में ही रात गुजारते थे। इस दौरान जब डेढ़ माह से अधिक समय गुजर गया तो भारतीय लोगों ने फरीदकोट में ट्रैवल एजेंट भाइयों को फोन कर काम दिलाने के लिए जोर डालना शुरू कर दिया। ट्रैवल एजेंट ने 50 हजार रुपये और मांगे। अब पैसे न होने के कारण वह फंस गए हैं।
काम करना है तो पहले केश कटवाओ
बठिंडा के गांव कोठा गुरु का निवासी चमकौर सिंह ने बताया कि उनके साथ कुछ सिख युवा भी थे। जब वह दुबई पहुंचे तो आरोपी शारद और आबिद ने उन्हें कहा कि अगर दुबई में काम करना है तो पहले केश कटवाने होंगे। इंकार करने पर सिख युवाओं को कह दिया गया कि अगर वह केश नहीं कटवा सकते तो भारत लौट जाएं, क्योंकि पगड़ीधारी को दुबई में काम नहीं मिलेगा।
इसके बाद जिन लोगों के पास वापस भारत जाने के लिए टिकट के पैसे थे, उन्होंने टिकट खरीदी और लौट गए। पैसे न होने के कारण उक्त दोनों समेत करीब छह और लोग दुबई में ही धक्के खाने को मजबूर है।
भगवंत मान से लगाई मदद की गुहार
चरनजीत बिट्टा, चमकौर सिंह ने आम आदमी पार्टी के संगरूर से सांसद भगवंत मान से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अकसर उन्होंने देखा है कि किस तरह से विदेशों में फंसे भारतीयों को भगवंत मान मदद कर वापस भारत ले आते हैं। आरोपी ट्रैवल एजेंट पर सख्त कानूनी कार्रवाई समेत अपने परिवारों के पास लौटने को दोनों भारतीय दुबई में मदद का इंतजार कर रहे हैं।
लिखित शिकायत मिलते ही करेंगे कार्रवाई
फरीदकोट के एसएसपी राजबचन सिंह का कहना है कि अभी तक ऐसा मामला उनके ध्यान में नहीं आया है। लिखित शिकायत मिलते ही प्राथमिक जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी, फिर चाहे वह कोई भी क्यों न हो।

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