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फलां को सबक सिखा दें, मामा तो सीएम बन ही जाएगा : कार्तिकेय

नई दिल्ली 1 फरवरी 2019 । पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र और भाजयुमो के संभाग प्रभारी कार्तिकेय चौहान ने कहा है कि भाजपा की हार अति आत्मविश्वास के कारण हुई है। हमने ये सोचा कि मौका है, फलां को सबक सिखा दो, मामा तो सीएम बन ही जाएगा। यही बात ले डूबी। कार्तिकेय कपूर पैराडाइज में भाजयुमो कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

विदिशा से अपनी राजनैतिक पारी शुरू करते हुए कार्तिकेय ने कहा कि वंदे मातरम जोर से कहें, क्योंकि यही उद्घोष भाजपा को कांग्रेस से अलग करता है। मुझे प्रसन्नता है कि आज मुझे यहां सीएम के पुत्र नहीं बल्कि भाजयुमो के संभाग प्रभारी के रूप में पुकारा गया है। वे बोले कि अगर कार्तिकेय चौहान राजनीति में आ रहा है तो अपने पिता के बल पर नहीं, बल्कि अपने दम पर आ रहा हूं। मेरी पहचान मेरे संघर्ष से बनेगी। पिता मेरे सबसे बड़े गुरु हैं। कार्तिकेय ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह के बारे में कहा कि जैसे भगवान कृष्ण के दो मांथीं, एक जन्म देने वाली तो दूसरी पालने वाली। इसी तरह मेरे पिता की भी दो मां हैं, जन्म देने वाली बुधनी और राजनैतिक जीवन को पालने पोषने वाली विदिशा। अब मैं आपसे रिश्ता बनाने आया हूं। पार्टी और लोगों के बीच अपनी पहचान बनाऊंगा।

वे बोले कि मुझे समय से बड़ा डर लगता है। 13 साल से समय बड़ा अच्छा था, समय अगर खुशी देता है तो दुख भी देता है। समय बदलते ज्यादा देर नहीं लगती। उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ के बारे में कहा कि उन्होंने जनता से वादे तो खूब किए हैं, लेकिन यह तमाशा सिर्फ लोकसभा चुनाव तक है। कार्तिकेय ने कहा कि मप्र में मामा का संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है। मामा की ताकत बनें। बैठक को भाजपा जिला महामंत्री उपेन्द्र धाकड़ और भाजयुमो जिलाध्यक्ष बलबीर सिंह रघुवंशी ने भी संबोधित किया।

BJP में फिर दिखी अंतर्कलह, शिवराज-भार्गव आमने-सामने

विधानसभा चुनाव में हार के बाद बीजेपी में मचा हड़कंप अब फिर सामने आ रहा है, मामला इतना गरम हो चला है कि अब गोपाल भार्गव और पूर्व शिवराज सिंह आमने सामने हो चले हैं। लोकसभा की तैयारी को लेकर राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल की की उपस्थिति में हुई बैठक में दोनों नेताओं के बयान में सीधे तौर पर तकरार दिखाई दी।

लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए की जा रही बैठक को लेकर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि विधानसभा चुनाव की हार से कार्यकर्ता हताश हैं और उनमें अवसाद की स्थिति है। इसके बाद जब पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए मंच पर आए तो उन्होंने गोपाल भार्गव की बात का कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘कार्यकर्ताओं में हार से कोई हताशा नहीं है। कार्यकर्ता विधानसभा चुनाव में हुई हार का बदला लेने के लिए तैयार हैं।’ दोनों नेताओं की बयानबाजी उस वक्त हुई जब वहां पर राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल वहां मौजूद थे। इस बीच भार्गव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि चुंकि हम मात्र चार-पांच सीटों की वजह से हार गए, इस लिए कार्यकर्ताओं में अवसाद की स्थिति है। अगर हार का अंतर अधिक होता तो शायद कार्यकर्ता इतने निराश नहीं होते।

लोकसभा चुनाव के पहले मध्यप्रदेश के दो दिग्गज नेताओं की इस तरह की बयानबाजी बीजेपी को संकट में डाल सकती है। क्योंकि एक नेता प्रतिपक्ष है तो दूसरा 15 वर्षों तक प्रदेश का मुख्यमंत्री रह चुका है।

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