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इंदौर में प्रशासन ने गुंडे मुख्तियार का साम्राज्य किया ध्वस्त

इंदौर 10 अगस्त 2019 । पुलिस जब अपनी पर आ जाए तो गुंडों की शामत आ जाती है। शहर विजय नगर क्षेत्र के कुख्यात गुंडे शेख मुख्तियार शेर खां के अवैध साम्राज्य का भी आज अंत हो गया। पुलिस प्रशासन ने निगम के साथ मिलकर उसके अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। निगम और पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई को अंजाम देते हुए अल सुबह पोक लेन मशीनों से उसके साम्राज्य को ढहाने का काम शुरू कर दिया था।
गुंडे मुख्तियार ने राधिकाकुंज और स्वर्णबाग कालोनी में करीब17 स्थानों पर नागरिकों की सम्पत्ति पर कब्जा कर अपने निर्माण कर लिए थे। इस गुंडे के पकडाने के बाद पिछले दिनों एक बालक से टायलेट शीट चटवाने की घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने गुंडे के खिलाफ कड़ा रूख करते हुए उसके प्रभाव वाले क्षेत्र में ही उसका जुलूस निकाला था। गुंडे का साम्राज्य ध्वस्त करने के लिए निगम अपनी रिमूव्हल गैंग के कर्मचारियों की फौज लेकर क्षेत्र में पहुंच गई। इसके साथ ही पुलिस विभाग ने भी अपने पुलिस कर्मी क्षेत्र में भेज दिए। बीना देरी किए नगर निगम ने गुंडे के साम्राज्य को ढहाने का काम शुरू कर दिया । मुख्तियार ने 17 प्लाटों पर कब्जा कर करीब 50 दुकान, गोदाम बना लिए थे। निगम ने इस स्थान पर कार्रवाई को अंजाम देने के लिए दो पोकलेन मशीन,5 जेसीबी मशीन को लगा दिया। इन मशीनों के माध्यम से एक साथ कई निर्माणों को तोड़ने की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए अपर आयुक्त देवेन्द्र सिंह,उपायुक्त महेन्द्र सिंह चौहान, झोनल अधिकारी वैभव देवलासे,भवन निरीक्षक पाटीदार मौजूद थे। पुलिस के एक सीएसपी और तीन टीआई मौजूद थे। मुख्तियार का साम्राज्य ध्वस्त करने की योजना को अंजाम देने की रूपरेखा एसएसपी रूचि वर्धन मिश्र के मार्ग दर्शन में बनाई गई। मिश्र ने गुंडों को सबक सीखाने के लिए उनके निर्माण को पूरी तरह से ध्वस्त करने का मन बना रखा है। गुंडों ने अवैध रूप से क ई संपत्ति बसाकर आर्थिक ताकत हासिल कर ली है।इसके बल पर वे नेताओ और अधिकारियों के सामने झांकी बाजी करते है। उनके अर्थ तंत्र को ही नष्ट कर दिया जाए ।ताकि उनका रूतबा बना पाना मुश्किल हो जाएगा। वे फिर गुनाह नहीं कर पाएगे।

पुलिस के साथ मिलकर निगम ने ढहा दिया गुंडे का साम्राज्य

इंदौर नगर निगम ने आज सुबह-सुबह ही विजय नगर क्षेत्र के कुख्यात गुंडे शेख मुख्तियार शेर खां के अवैध साम्राज्य को ध्वस्त करने के लिए उस पर धावा बोल दिया। पूरे क्षेत्र को नगर निगम और पुलिस के कर्मचारियों ने घेर लिया। एक साथ कई मशीनों से इस साम्राज्य को ढहाने का काम शुरू किया गया।

पुलिस के द्वारा जिला प्रशासन के साथ सामंजस्य बनाते हुए नगर निगम से यह आग्रह किया गया था कि उक्त गुंडे के साम्राज्य को ढहाने का काम किया जाए। इस गुंडे ने राधिकावुंâज और स्वर्णबाग कालोनी में करीब १७ स्थानों पर नागरिकों की सम्पत्ति पर कब्जा कर अपने निर्माण कर लिए थे। इस गुंडे के द्वारा पिछले दिनों एक बालक से टायलेट शीट चटवाने की घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद पुलिस के द्वारा गुंडे के खिलाफ कड़ा रूख अपना लिया गया था। पुलिस ने एक तरफ जहां गुंडे को गिरफ्तार कर उसके प्रभाव वाले क्षेत्र में ही उसका जुलूस निकाल दिया, तो वहीं दूसरी तरफ पुलिस के द्वारा उसकी अवूâत सम्पत्ति को नष्ट करने के लिए भी पहल कर दी गई। इसी पहल के अन्तर्गत कल यह पैâसला लिया गया था कि आज नगर निगम के द्वारा दोपहर ११ बजे से पुलिस बल को साथ में लेकर इस गुंडे के निर्माण तोड़े जाएंगे। आज पहली कड़ी में गुंडे के एक मकान और कुछ कब्जों को तोड़ने की योजना थी।

इसी दौरान उक्त अपराधी की ओर से म.प्र. उच्च न्यायालय इंदौर में एक याचिका दायर कर दी गई। इस याचिका पर आज कोर्ट में सुनवाई होने की उम्मीद थी। इस स्थिति को देखते हुए नगर निगम के द्वारा अपनी कार्रवाई को आज अलसुबह ही शुरू करने का पैâसला लिया गया। निगम ने सुबह-सुबह ही इस क्षेत्र में धावा बोला, निगम अपनी रिमूव्हल गैंग के १७५ कर्मचारियों की फौज लेकर क्षेत्र में पहुंच गई। इसके साथ ही पुलिस विभाग ने भी सुरक्षा की दृष्टि से करीब ७५ पुलिस कर्मी क्षेत्र में भेज दिए, पूरे क्षेत्र में पुलिस और निगम के कर्मचारी ही नजर आ रहे थे।

सुबह जब लोग नींद से सोकर उठे तो उस समय नगर निगम ने अपनी मशीनों के माध्यम से इस गुंडे के साम्राज्य को ढहाने का काम शुरू कर दिया था। इस गुंडे के द्वारा १७ प्लाट पर कब्जा कर उन पर करीब ५० दुकान, गोदाम बना दिए गए थे। इन्हें तोड़ने का काम नगर निगम के द्वारा सुबह ७.३० बजे शुरू कर दिया गया। निगम ने इस स्थान पर कार्रवाई को अंजाम देने के लिए दो पोकलेन मशीन, ५ जेसीबी मशीन को लगा दिया। इन मशीनों के माध्यम से एक साथ कई निर्माणों को तोड़ने की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई को अपर आयुक्त देवेन्द्र सिंह खुद खड़े रहकर करवा रहे थे। निगम की ओर से उपायुक्त महेन्द्र सिंह चौहान के अलावा क्षेत्र के झाोनल अधिकारी वैभव देवलासे और भवन निरीक्षक पाटीदार भी मौजूद थे। पुलिस विभाग की ओर से एक सीएसपी और तीन टीआई पूरे क्षेत्र की नाकाबंदी करने के लिए मौके पर पहुंचे थे। शुरूआत के तीन घंटे में ही निगम ने १७ में से १२ प्लाट पर किए गए निर्माण जमीन में मिला दिए थे। आगे की कार्रवाई को निगम के अधिकारियों द्वारा तेजी के साथ अंजाम दिया जा रहा था।

रात में बदला कार्रवाई का समय

निगम के द्वारा यह कार्रवाई आज सुबह ११ बजे से की जाना थी, इसके लिए निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को १० बजे विजय नगर चौराहा पर स्थित विजय नगर थाने पर पहुंचने के लिए कहा गया था। रात में जब इस कार्रवाई के शेड्यूल को बदला गया तो हर अधिकारी और कर्मचारी को फोन लगाकर रात में यह सूचना दी गई कि उन्हें कार्रवाई के लिए सुबह ७ बजे मौके पर पहुंचना है, जो समय अधिकारी और कर्मचोरियों को दिया गया था उसके पूर्व ही सारे अधिकारी और कर्मचारी पहुंच गए। सभी को इस कार्रवाई की गंभीरता का अनुमान था।

पुलिस तैयार रही

निगम के अधिकारी कर्मचारी जब मौके पर पहुंचे तो इस कार्रवाई को करवाने के लिए पुलिस तैयार खड़ी हुई थी। हमेशा तो यह होता है कि निगम अधिकारी और कर्मचारी मौके पर चले जाते हैं और फिर वे कई घंटों तक पुलिस बल के मिलने का इंतजार करते हुए नजर आते हैं। इस बार ऐसा नहीं हो सका, इस बार तो पुलिस इंतजार करती हुई नजर आ रही थी।

एसएसपी ने बनाई थी योजना

एसएसपी रूचि वर्धन मिश्र की यह चाहत थी कि गुंडों को सबक सीखाने के लिए उनके निर्माण को पूरी तरह से जमीन में मिला दो, ताकि फिर वे उठकर खड़े नहीं हो सके। जब उनके अर्थ तंत्र को ही नष्ट कर देंगे तो उनके लिए एक बार फिर अपना रूतबा बना पाना मुश्किल हो जाएगा। इसी मान्यता के चलते हुए एसएसपी के द्वारा इस कार्रवाई को डिजाइन किया गया था। जिला प्रशासन ने इसमें पूरा सहयोग किया और नगर निगम ने तो उत्साह के साथ जाकर निर्माण को जमीन में मिलाने में कोई कसर ही नहीं छोड़ी।

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