मुख्य पृष्ठ >> खास खबरें >> भूकंप पीड़ितों के लिए भेजी गई सहायता निगम ने जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचाई

भूकंप पीड़ितों के लिए भेजी गई सहायता निगम ने जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचाई

इंदौर 31 जुलाई 2019 । इंदौर नगर निगम द्वारा नागरिकों से की गई बड़ी गड़बड़ी उजागर होकर सामने आ गई है। गुजरात के भुज में आए भूकंप के पीड़ितों के लिए शहर के नागरिकों के द्वारा दी गई सहायता सामग्री को वहां न भेजते हुए निगम ने अपने पास ही रख लिया। हाल ही में हुए अग्निकांड में शहर के नागरिकों द्वारा भूकंप पीड़ितों के लिए दिए गए २० बोरी कपड़े जलकर राख हो गए। अब इस मामले में नगर निगम के अधिकारी कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है।
जब भी कही आपदा की स्थिति बनती है तो हमेशा ही इंदौर शहर में नागरिकों से सहायता की सामग्री एकत्र की जाती है। नगर निगम और जिला प्रशासन के द्वारा यह दावा किया जाता है कि मानवता के नाते आपदा से पीड़ित नागरिकों की मदद के लिए शहरवासी आगे आए और दिल खोलकर सहायता करे। इस सहायता की सामग्री को हम अपने वाहन से पीड़ितों के बीच भेजेंगे। सहायता एकत्र करने के बाद उसे पीड़ितों तक पहुंचाने में यह सरकारी अमला कितना सजग रहता है इसका उदाहरण हाल ही में सामने आ गया है।

पिछले दिनों नगर निगम के स्टोर में लगी आग में २० बोरी वे कपड़े भी जलकर खाक हो गए हैं जिन्हें शहर के लोगों ने भुज में भूकम्प प्रभावितों के लिए दान किए थे। सूत्रों ने बताया कि तत्कालीन महापौर कैलाश विजयवर्गीय की अपील पर लोगों ने भूकंम्प पीड़ितों की सहायता के लिए सामग्री और कपड़े दान किए थे । इनमें से एक ट्रक सामग्री तो भुज भेज दी गई थी लेकिन काफी सामान नहीं पहुंचाया जा सका था जिसे तब स्टोर में रखवा दिया गया था, लेकिन तब से अब तक किसी ने भी इस सामान की तरफ ध्यान नहीं दिया। अगर निगम अधिकारी ध्यान देते तो शायद शहर के गरीबों को तन ढंकने के लिए ये कपड़े मिल जाते । आग लगने के बाद अब स्टोर का जला हुआ सामान बाहर निकाला जा रहा है। तब इस बात का खुलासा होकर सामने आया है। विजयवर्गीय ने तो अपने कार्यकाल में इस सामान को भुज नहीं भेजा, लेकिन उसके बाद महापौर बने डॉ. उमाशशि शर्मा और कृष्णमुरारी मोघे ने भी इस बारें में सुध नहीं ली। वर्तमान महापौर मालिनी गौड़ भी अपने कार्यकाल के ५ साल में से साढ़े चार साल पूरे कर चुकी है, लेकिन उन्होंने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया।

300 बर्तन के सेट भी नष्ट
आगजनी की इस घटना में नष्ट हुई सामग्री में ३०० सेट मध्यान्ह भोजन के नए बर्तन, थाली, कटोरी, चम्मच, गिलास भी निकले हैं जो अब उपयोग करने लायक नहीं रह गए हैं। यह बर्तन भी इन पीड़ितों को भेजने के लिए ही शहर के नागरिकों द्वारा दान में दिए गए थे। अगर निगम के जवाबदार अधिकारी समय रहते ध्यान देते तो इनका उपयोग बर्तन बैंक में किया जा सकता था।

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

सुनील गावस्कर ने बताया, महेंद्र सिंह धोनी के बाद कौन सा बल्लेबाज नंबर-6 पर बेस्ट फिनिशर की भूमिका निभा सकता है

नयी दिल्ली 22 जनवरी 2022 । दक्षिण अफ्रीका दौरे पर टेस्ट के बाद भारत को …