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बड़ा ख़ुलासा EVM की चिप बनाने वाली कंपनी के चेयरमैन थे मुख्य चुनाव आयुक्त

नई दिल्ली 2 जनवरी 2019 । पिछले सालों में हर चुनाव के समय EVM मशीनों को लेकर गड़बड़ी की खबरें आती रही हैं, उत्तर प्रदेश निकाय चुनावों में कानपुर में हुए चुनावों के समय वीडियो भी वॉयरल हुए जिनमे EVM मशीनों में गड़बड़ी की बात कही गयी थी| EVM मशीनों में बार बार उठने वाली गड़बड़ी की ख़बरों के बाद से जनता में संसय का माहौल बना हुआ है| चुनाव आयोग अपनी तरफ से साफ़ कर चूका है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी संभव नहीं है पर मीडिया, सोशल मीडिया और विपक्षी पार्टयों की तरफ से EVM मशीनों पर लगातार सवाल उठाये जा रहे हैं|

आज ईवीएम के बारे में ऐसा खुलासा हुआ है जिसको जानने के बाद देश की जनता और विपक्षी पार्टियों के होश उड़ जायेंगे जनता का रिपोर्टर की खबर के अनुसार गुजरात में कथित GSPC घोटाले में मुनाफा कमाने वाली कंपनी और ईवीएम की चिप बनाने वाली कंपनी का मालिक एक ही है और वो है नरेंद्र मोदी के सचिव रह चुके मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार जोती. अचल कुमार जोती की नियुक्ति को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी आपति की थी पर मोदी को कोई फर्क नहीं पड़ता वो सत्ता हथियाने के लिए किसी भी हद तक गिर सकते हैं।

क्या है GSPC घोटाला
गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (GSPC) वो कंपनी है जो गुजरात समुन्द्र तट में गैस की खोज कर रही थी। 26 जून 2005 को गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रेस कांफ्रेंस में घोषणा की थी कि इस कंपनी द्वारा खोजी गई गैस का मूल्य 2 लाख करोड़ रुपये होगा। इससे गुजरात को सालों तक बाहर से गैस खरीदने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।इस प्रोजेक्ट को गुजरात सरकार की तरफ से 1500 करोड़ दिए गए। साथ ही समय के साथ साथ सरकारी बैंकों की ओर से 20 हज़ार करोड़ रुपये दिए गए। लेकिन गैस निकलने का जो दावा था वो पूरा नहीं हुआ और पैसे डूब गए।

इस प्रोजेक्ट में मुख्य कंपनी Goe Global Services, India (GGR) है। इस कंपनी का गैस खोजने जैसे कामों में कोई तजुर्बा नहीं है उसके बाद भी गुजरात सरकार ने देश की सरकारी और तजुर्बे वाली कंपनी ONGC को प्रोजेक्ट में ना लेकर GGR को लिया गया। आरोप है कि इस कंपनी को हज़ारों करोड़ का फायदा हुआ और CAG रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात GSPC को 20 हज़ार करोड़ का घाटा।

Goe Global Services (India) की मूल कंपनी Goe Global Services Inc. है, जिसका मुख्यालय कैलगरी, कनाडा में है। दिलचस्प बात यह है कि, Goe Global Services Inc. अमेरिका के एक वित्तीय समूह key Capital Corp. (KCC) की सहायक कंपनी है। भारत में उपयोग किए जाने वाले ईवीएम के लिए माइक्रोचिप बनाने वाली अमेरिकी कंपनी Microchip Inc. और KCC स्वामित्व का पैटर्न काफी हद तक समान है। मतलब एक ही कंपनियों ने दोनों में निवेश कर रखा है।

Vanguard Group ltd, Blackrock Inc., State Street Corp., Jp Morgan Chase Co., Price Rowe Associates Inc., Barrow Hanley MewHinney, Invesco ltd. ने KCC और ईवीएम चिप बनाने वाली Microchip Inc. दोनों में निवेश किया है। Microchip Inc में निवेश करने वाली 15 कम्पनियाँ हैं जिसमें से 7 वो हैं जिनका निवेश KCC में भी है।

मतलब Microchip Inc और KCC की कंपनी Goe Global Services (India), जिसकों कथित GSPC घोटाले में फायदा पहुंचा, की मालिक एक ही कम्पनियाँ हैं। साथ ही ये भी बता दें, कि इस समय चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार ज्योति गुजरात में GSPC के चेयरमैन थे। मतलब कथित GSPC घोटाला उनकी नाक के नीचे ही हुआ है।

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